ललित मुदगल @ शिवुपरी। शिवपुरी कृषि उपज मंडी में पिछले साल हुए लाखो रूपए के फार्म एप घोटाले के मुख्य आरोपी आउटसोर्स कर्मचारी पीयूष जैन के मामले में शिवपुरी कृषि उपज मंडी के सचिव बालेश शुक्ला का मौन व्रत शुरू हो चुका है। मंडी सचिव के समक्ष पीयूष जैन के काले कारनामे आने के बाद भी उस पर कार्यवाही नहीं करना बड़े सवालों को जन्म देती है।
शिवपुरी कृषि उपज मंडी शिवपुरी के सचिव बालेश शुक्ला 23 दिसंबर 2025 से पूर्व सस्पेंड चल रहे थे। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड 26 अरेरा हिल्स, किसान भवन, जेल रोड, भोपाल से जारी पत्र क्रमांक क्रमांक/स्थापना-2/क/676/पार्ट-1/2 76/पार्ट-1/2334 भोपला के दिनांक के अनुसार श्री बालेश शुक्ला, (निलंबित) सहायक संचालक, तत्का. प्रभारी सचिव कृषि उपज मंडी समिति, नरसिंहपुर जिला नरसिंहपुर संबंध म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय रीवा को विभागीय जांच जारी रखते हुए निलंबन से बहाल किया जाकर अन्य आगामी आदेश तक किया था। बालेश शुक्ला पर वर्तमान में जांच चल रही है। शिवपुरी कृषि उपज मंडी मे भी मंडी सचिव बालेश शुक्ला ने अपनी कार्यप्रणाली मे सुधार नहीं किया है।
फार्म एप काण्ड के मुख्य आरोपी पीयूष जैन को पाल रहे है
शिवपुरी में पिछले वर्ष हुए फार्म ऐप कांड की जांच मे दोषी पाए गए आउट सोर्स कर्मचारी पीयूष जैन को नौकरी से हटा दिया गया था। इस मंडी कर्मचारी को शिवपुरी में हुए फार्म ऐप काण्ड मे नौकरी से हटाया गया था। इस आउटसोर्स कर्मचारी पर आरोप था कि व्यापारी की लॉगिग आईडी लेकर कूटरचना दस्तावेज बनाए थे।
एफआईआर की जगह अभय दान, 4 महीने में घर वापसी
मामले में तूल पकडा और जांच की गई थी जांच टीम ने अपनी जांच में मंडी के इस आउटसोर्स कर्मचारी को दोषी करार देते हुए अपनी जांच में लिखा था कि इस दोषी कर्मचारी को मध्य प्रदेश की सभी मंडियों में प्रतिबंधित करना चाहिए,हालांकि इस कर्मचारी को जांच टीम ने यह अभय दान दिया कि जब यह कर्मचारी कूटरचना पाया गया तो इसके खिलाफ एफआईआर करानी चाहिए। एफआईआर की छोडो 2 माह बाद इस कर्मचारी को पुनः:नौकरी पर शिवपुरी मंडी में ही रख लिया गया जहां इसने फॉर्म ऐप गेट घोटाले को अंजाम दिया था।
जैसा कि विदित है कि पिछले वर्ष शिवपुरी के व्यापारियों का फार्म एंप कांड सामने आया था। शिवपुरी समाचार सहित शिवपुरी की मीडिया ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस मामले में संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड ग्वालियर ने जांच टीम का गठन कर इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे।
संयुक्त संचालक मप्र राज्य विपणन बोर्ड ग्वालियर से जारी दिनांक 8 मई 20205 को जारी पत्र क्रमांक बोर्ड नियमन 2025—26 94
विषय 28 4 20025 को प्रकाशित मीडिया में खबरें फार्म ऐप गेट की आड़ में फर्जीवाड़ा
इस पत्र में जांच टीम ने स्पष्ट लिखा है कि जांच के संबंध मौके पर पाए प्रस्तुत साक्ष्य व्यापारियों एवं सचिव मंडी शिवपुरी के प्रतिवेदन का परीक्षण करने पर पाया गया कि कृषि उपज मंडी समिति शिवपुरी के आउटसोर्स कर्मचारी पीयूष जैन आउटसोर्स कर्मचारी आरबी एसोसिएटस द्वारा कूटरचित तरीके से व्यापारियो के आईडी पासवर्ड कंप्यूटर में सेव कर रखे गए थे। जिनमा दुरूपयोग पीयूष जैन के द्वारा किया जा रा था फार्म ऐप गेट काण्ड मे भी पीयूष जैन ने मनमाने तरीके से सौदा पत्रक जारी कर दिए थे जिस हैतु पीयूष जैन पूर्ण दोषी है। इसलिए पूर्ण जैन को नौकरी से हटाते हुए संपूर्ण म प्र की कृषि उपज मंडी में नौकरी करने के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाना न्यायोचित होगा,इस जांच के बाद पीयूष जैन को नौकरी से हटा दिया गया था।
लेकिन शिवपुरी में जंगलराज
जानकारी मिल रही है कि आउटसोर्स कर्मचारी को 4 माह बाद शिवपुरी कृषि उपज मंडी ने वापस बुला लिया और उसी कुर्सी पर विराजमान कर दिया। संयुक्त संचालक के आदेश के बाद भी शिवपुरी कृषि मंडी की स्थापना शाखा ने पुन:पीयूष जैन को नौकरी पर रख लिया। अब उठता है कि शिवपुरी कृषि मंडी के प्रबंधन ने ऐसा क्यों किया। बताया जा रहा है कि पीयूष जैन मंडी प्रबंधन के लिए आउटसोर्सिंग से इनकम का प्रबंध करते है इसलिए एक ब्लैकलिस्टेड कर्मचारी को मंडी प्रबंधन ने पुन:नौकरी पर रखा है,अब इस मामले मे पुन:तूल पकड़ लिया है पीयूष जैन की पुन:नौकरी की खबरे लगातार मीडिया प्रकाशित कर रही है। मामला शिवपुरी मंडी सचिव तक भी पहुंच चुका है लेकिन मंडी सचिव शुक्ला ने पीयूष जैन पर कोई कार्यवाही नहीं की है। इस मामले में मंडी सचिव बालेश शुक्ला का पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर लगातार संपर्क किया लेकिन मंडी सचिव फोन रिसीव नहीं कर रहे है किसी भी प्रकार के मैसेज का जवाब भी नहीं दे रहे हैं ऐसा लगता हे कि पीयूष जैन के मामले को लेकर मंडी सचिव बालेश शुक्ला का मौन व्रत शुरू हो चुका है।
शिवपुरी कृषि उपज मंडी शिवपुरी के सचिव बालेश शुक्ला 23 दिसंबर 2025 से पूर्व सस्पेंड चल रहे थे। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड 26 अरेरा हिल्स, किसान भवन, जेल रोड, भोपाल से जारी पत्र क्रमांक क्रमांक/स्थापना-2/क/676/पार्ट-1/2 76/पार्ट-1/2334 भोपला के दिनांक के अनुसार श्री बालेश शुक्ला, (निलंबित) सहायक संचालक, तत्का. प्रभारी सचिव कृषि उपज मंडी समिति, नरसिंहपुर जिला नरसिंहपुर संबंध म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय रीवा को विभागीय जांच जारी रखते हुए निलंबन से बहाल किया जाकर अन्य आगामी आदेश तक किया था। बालेश शुक्ला पर वर्तमान में जांच चल रही है। शिवपुरी कृषि उपज मंडी मे भी मंडी सचिव बालेश शुक्ला ने अपनी कार्यप्रणाली मे सुधार नहीं किया है।
फार्म एप काण्ड के मुख्य आरोपी पीयूष जैन को पाल रहे है
शिवपुरी में पिछले वर्ष हुए फार्म ऐप कांड की जांच मे दोषी पाए गए आउट सोर्स कर्मचारी पीयूष जैन को नौकरी से हटा दिया गया था। इस मंडी कर्मचारी को शिवपुरी में हुए फार्म ऐप काण्ड मे नौकरी से हटाया गया था। इस आउटसोर्स कर्मचारी पर आरोप था कि व्यापारी की लॉगिग आईडी लेकर कूटरचना दस्तावेज बनाए थे।
एफआईआर की जगह अभय दान, 4 महीने में घर वापसी
मामले में तूल पकडा और जांच की गई थी जांच टीम ने अपनी जांच में मंडी के इस आउटसोर्स कर्मचारी को दोषी करार देते हुए अपनी जांच में लिखा था कि इस दोषी कर्मचारी को मध्य प्रदेश की सभी मंडियों में प्रतिबंधित करना चाहिए,हालांकि इस कर्मचारी को जांच टीम ने यह अभय दान दिया कि जब यह कर्मचारी कूटरचना पाया गया तो इसके खिलाफ एफआईआर करानी चाहिए। एफआईआर की छोडो 2 माह बाद इस कर्मचारी को पुनः:नौकरी पर शिवपुरी मंडी में ही रख लिया गया जहां इसने फॉर्म ऐप गेट घोटाले को अंजाम दिया था।
जैसा कि विदित है कि पिछले वर्ष शिवपुरी के व्यापारियों का फार्म एंप कांड सामने आया था। शिवपुरी समाचार सहित शिवपुरी की मीडिया ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस मामले में संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड ग्वालियर ने जांच टीम का गठन कर इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे।
संयुक्त संचालक मप्र राज्य विपणन बोर्ड ग्वालियर से जारी दिनांक 8 मई 20205 को जारी पत्र क्रमांक बोर्ड नियमन 2025—26 94
विषय 28 4 20025 को प्रकाशित मीडिया में खबरें फार्म ऐप गेट की आड़ में फर्जीवाड़ा
इस पत्र में जांच टीम ने स्पष्ट लिखा है कि जांच के संबंध मौके पर पाए प्रस्तुत साक्ष्य व्यापारियों एवं सचिव मंडी शिवपुरी के प्रतिवेदन का परीक्षण करने पर पाया गया कि कृषि उपज मंडी समिति शिवपुरी के आउटसोर्स कर्मचारी पीयूष जैन आउटसोर्स कर्मचारी आरबी एसोसिएटस द्वारा कूटरचित तरीके से व्यापारियो के आईडी पासवर्ड कंप्यूटर में सेव कर रखे गए थे। जिनमा दुरूपयोग पीयूष जैन के द्वारा किया जा रा था फार्म ऐप गेट काण्ड मे भी पीयूष जैन ने मनमाने तरीके से सौदा पत्रक जारी कर दिए थे जिस हैतु पीयूष जैन पूर्ण दोषी है। इसलिए पूर्ण जैन को नौकरी से हटाते हुए संपूर्ण म प्र की कृषि उपज मंडी में नौकरी करने के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाना न्यायोचित होगा,इस जांच के बाद पीयूष जैन को नौकरी से हटा दिया गया था।
लेकिन शिवपुरी में जंगलराज
जानकारी मिल रही है कि आउटसोर्स कर्मचारी को 4 माह बाद शिवपुरी कृषि उपज मंडी ने वापस बुला लिया और उसी कुर्सी पर विराजमान कर दिया। संयुक्त संचालक के आदेश के बाद भी शिवपुरी कृषि मंडी की स्थापना शाखा ने पुन:पीयूष जैन को नौकरी पर रख लिया। अब उठता है कि शिवपुरी कृषि मंडी के प्रबंधन ने ऐसा क्यों किया। बताया जा रहा है कि पीयूष जैन मंडी प्रबंधन के लिए आउटसोर्सिंग से इनकम का प्रबंध करते है इसलिए एक ब्लैकलिस्टेड कर्मचारी को मंडी प्रबंधन ने पुन:नौकरी पर रखा है,अब इस मामले मे पुन:तूल पकड़ लिया है पीयूष जैन की पुन:नौकरी की खबरे लगातार मीडिया प्रकाशित कर रही है। मामला शिवपुरी मंडी सचिव तक भी पहुंच चुका है लेकिन मंडी सचिव शुक्ला ने पीयूष जैन पर कोई कार्यवाही नहीं की है। इस मामले में मंडी सचिव बालेश शुक्ला का पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर लगातार संपर्क किया लेकिन मंडी सचिव फोन रिसीव नहीं कर रहे है किसी भी प्रकार के मैसेज का जवाब भी नहीं दे रहे हैं ऐसा लगता हे कि पीयूष जैन के मामले को लेकर मंडी सचिव बालेश शुक्ला का मौन व्रत शुरू हो चुका है।
इनका कहना हैं
आपके द्वारा मामला बताया गया है जो भी स्थिति है शिवपुरी मंडी सचिव से वस्तुस्थिती का पता कर कार्यवाही करते हैं
डीके शर्मा,संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड ग्वालियर
आपके द्वारा मामला बताया गया है जो भी स्थिति है शिवपुरी मंडी सचिव से वस्तुस्थिती का पता कर कार्यवाही करते हैं
डीके शर्मा,संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड ग्वालियर