शिवपुरी मे बारिश ओले और तूफान, गेहूं और चने मे नुकसान, पारा 10 डिग्री नीचे गिरा

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी जिले में शुक्रवार को मध्यप्रदेश मे सक्रिय हुए पश्चिम विक्षोभ को बारिश हुई हैं। पिछले 25 दिनों से भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे जिलेवासियों को जहां एक ओर चिलचिलाती धूप से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर अन्नदाताओं के लिए यह बारिश आफत बनकर बरसी। पश्चिमी विक्षोभ  के सक्रिय होने से जिले भर में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई और कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।

तापमान में भारी गिरावट और स्वास्थ्य पर असर
शुक्रवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छा गए थे। दोपहर होते-होते मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि अधिकतम तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री रहा। अचानक आई इस ठंडक के कारण लोग फिर से गर्म कपड़ों में नजर आने लगे। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि तापमान में आए इस बड़े बदलाव से वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

ओलावृष्टि से फसलों को चोट
जिले के खनियाधाना, बामौरकलां, सिंह निवास, सिरसौद, रामखेड़ी, नोहरीकला और ठर्रा सहित लगभग एक दर्जन गांवों में तेज आंधी के साथ ओले गिरे। कृषि विभाग के अनुसार, जिले में लगभग 50% गेहूं की कटाई हो चुकी है, लेकिन जो फसल अभी भी खेतों में खड़ी है, उसमें ओले गिरने से 20 से 30 फीसदी तक नुकसान की आशंका है। इसके अलावा, फसल भीगने के कारण अब किसानों को थ्रेसिंग (कटाई-गहाई) में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

शहर में अफरा-तफरी का माहौल
शहर के सांदीपनि स्कूल में चल रहे एक विशाल स्वास्थ्य शिविर के दौरान दोपहर 3 बजे आई तेज आंधी ने व्यवस्थाएं बिगाड़ दीं। डॉक्टरों के चैंबर के पास लगा बड़ा टेंट हवा के वेग से उखड़ कर गिर गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई।

प्रशासनिक कदम
कृषि विभाग के उप संचालक पान सिंह करौरिया ने बताया कि ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही राजस्व और कृषि विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। अगले दो दिनों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे किया जाएगा ताकि नुकसान का सटीक आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके।