शिवपुरी में मासूमों के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी का निकाला जुलूस, कान पकड़कर मांगी माफी

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। मासूम बचपन पर बुरी नजर डालने वाले दरिंदों के लिए शिवपुरी की सड़कों पर बुधवार को ऑन द स्पॉट इंसाफ का मंजर दिखाई दिया। दो 6 वर्षीय बच्चियों के साथ बैड टच   जैसी घिनौनी हरकत करने वाले आरोपी का जब पुलिस ने पैदल जुलूस निकाला, तो पूरा शहर आक्रोश की आग में उबल पड़ा। अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए कान पकड़कर चल रहे आरोपी को देख जनता का धैर्य जवाब दे गया और उग्र भीड़ ने उसे सबक सिखाने के लिए घेर लिया।

Procession Held for Accused Who Molested Minors in Shivpuri

हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को अपना पैदल मार्च बीच में ही रोकना पड़ा और आरोपी को भीड़ के चंगुल से बचाकर सुरक्षित वाहन के जरिए कोर्ट तक ले जाना पड़ा। यह घटना न केवल अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने वाली है, बल्कि समाज के उस गुस्से को भी दर्शाती है जो अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

जैसा कि विदित है शहर की इंद्रा कॉलोनी में निवास करने वाली मासूम अपने घरो के आगे मंगलवार की दोपहर खेल रही थी। इंद्रा कॉलोनी मे किराए के कमरा लेकर निवास करने वाले बल्लू साहू ने इन बच्चियो को टॉफी के बहाने से बुलाया और इनमे से एक बच्ची को गोद मे लेकर अश्लील हरकत कर दी। जानकारी मिल रही है कि बल्लू साहू अक्सर ऐसी हरकते लगातार कर रहा था।

देर शाम एक बच्ची ने अपनी मॉ को बल्लू साहू की इस हरकत को बता दिया। मासूम बच्ची की इस बात को सुनकर मॉ ने अपने पति को पूरे मामले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि सभी पड़ोसियों ने मिलकर बल्लू साहू को कमरे मे सोता हुआ पकड लिया और उसकी मारपीट कर दी,बल्लू साहू इन लोगों की पकड़ से भाग गया और चौराहे पर जा पहुंचा,जहां इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले लोगो ने पकड लिया और इसको पकड़कर फिजिकल थाने पुलिस को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने इस मामले में देर रात बल्लू साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

भीड़ का गुस्सा देख पुलिस ने रोका पैदल जुलूस
बुधवार दोपहर करीब 4 बजे पुलिस ने आरोपी को फिजिकल थाने से धर्मवीर की कोठी तक पैदल ले जाते हुए उसका जुलूस निकाला। इस दौरान रास्ते में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। बच्चियों के साथ हुई इस घटना को लेकर लोगों में इतना गुस्सा था कि कुछ लोगों ने बीच सड़क पर ही आरोपी पर हाथ साफ करने की कोशिश की।

बढ़ती भीड़ और तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को आगे पैदल ले जाने का विचार त्याग दिया और उसे सुरक्षित पुलिस वाहन में बैठाकर सीधे न्यायालय पहुंचाया गया, जहां उसे पेश किया गया।