शिवपुरी। शिवपुरी शहर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आज एक महिला शिकायत लेकर पहुंची कि गांव के कुछ दबंगों द्वारा लगातार हमारे ऊपर जानलेवा हमला किया जा रहा हैं, घर में तोड़फोड़ करने और पुलिस शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा हैं। पीड़ित परिवार ने करैरा पुलिस पर उचित कार्यवाही न करने का आरोप लगाते हुए अब पुलिस अधीक्षक शिवपुरी की शरण ली है।
सीसीटीवी कैमरे तोड़े
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने हमारे घर के दरवाजे, खिड़कियां और सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए हैं। हालांकि हमलावरों की इस करतूत की वीडियो क्लिप हमारे पास मौजूद हैं,आरोपी राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत हैं, जिस कारण पुलिस उनके खिलाफ सख्त कदम नहीं उठा रही है।
शिकायत करने पर आरोपियों के हौसले हुए और बुलंद
जब पीड़ितों ने 13 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया, तो उसके बाद आरोपी और अधिक उत्तेजित हो गए। आरोपियों ने घर आकर धमकी देते हुए कहा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई आवेदन देने की, अब तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे। आरोपियों की इस खुली चुनौती से मैं और हमारा पूरा परिवार घर मैं कैद रहने पर मजबूर हैं। आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए और हमारी जान-माल की सुरक्षा की जाए। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो हमारे साथ कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।
करैरा के गुप्तेश्वर मोहल्ला वाली पूजा जाटव को पड़ोसियों ने पीटा
जानकारी के अनुसार निवासी करैरा कस्बे के गुप्तेश्वर मोहल्ले की रहने वाली पूजा जाटव और सिकन्दर जाटव ने बताया कि 4 मार्च 2026 को सनी जाटव, अनमोल जाटव, सुमित खटीक, सागर खटीक और रमा जाटव ने हमारे घर पर आकर हमारे साथ मारपीट की थी। इस मामले में करैरा थाने में शिकायत भी दर्ज हैं,लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। आरोपी अब धारदार हथियार लेकर हमारे घर पहुँच रहे हैं और राजीनामा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।सीसीटीवी कैमरे तोड़े
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने हमारे घर के दरवाजे, खिड़कियां और सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए हैं। हालांकि हमलावरों की इस करतूत की वीडियो क्लिप हमारे पास मौजूद हैं,आरोपी राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत हैं, जिस कारण पुलिस उनके खिलाफ सख्त कदम नहीं उठा रही है।
शिकायत करने पर आरोपियों के हौसले हुए और बुलंद
जब पीड़ितों ने 13 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया, तो उसके बाद आरोपी और अधिक उत्तेजित हो गए। आरोपियों ने घर आकर धमकी देते हुए कहा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई आवेदन देने की, अब तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे। आरोपियों की इस खुली चुनौती से मैं और हमारा पूरा परिवार घर मैं कैद रहने पर मजबूर हैं। आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए और हमारी जान-माल की सुरक्षा की जाए। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो हमारे साथ कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।