पिपरिया के लोटन बाबा सतनवाड़ा पहुंचे, लुढ़कते हुए वैष्णो देवी जा रहे हैं

Adhiraj Awasthi

राजेंद्र बाथम @ सतनवाडा। विश्व शांति, जन-कल्याण और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के पावन संकल्प के साथ लोटन बाबा (श्री श्री 108 गणेश गिरी महाराज) की यात्रा 380 किलोमीटर का सफर तय कर शिवपुरी जिले के सतनवाडा कस्बे मे पहुंच गई है। यह यात्रा मध्यप्रदेश के श्री दुर्गाजी मंदिर (पिपरिया) से प्रारंभ हुई और इस यात्रा का अंतिम पड़ाव मॉ वैष्णो देवी के दरबार मे होगा। इस यात्रा की मुख्य बात यह है कि इस यात्रा में गणेश गिरी महाराज लुढक लुढक कर इस यात्रा को पूरी करेंगे इसलिए गणेश गिरी महाराज का नाम लोटन बाबा पड गया है।

नौकरी और परिवार का त्याग, भक्ति का मार्ग चुना
पिपरिया (नर्मदापुरम) के रहने वाले लोटन बाबा ने इस आध्यात्मिक मार्ग के लिए अपनी लाइनमैन की सरकारी नौकरी और सुख-सुविधाओं वाले घर-परिवार का त्याग कर दिया है। उन्होंने बताया कि सन 2000 से शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है। वर्तमान यात्रा 14 नवंबर 2025 को दोपहर 12:30 बजे श्री दुर्गा जी मंदिर (पिपरिया) से प्रारंभ हुई है, जिसका समापन मां वैष्णो देवी के दरबार में होगा।

यात्रा के तीन मुख्य संकल्प
विशेष चर्चा के दौरान लोटन बाबा ने अपनी इस कठिन यात्रा के विषय मे बताया कि भारत को आधिकारिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। वही गो माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए और  संपूर्ण विश्व में आपसी भाईचारा और शांति स्थापित हो।

तपस्या और मार्गदर्शन
यह यात्रा श्री श्री 1008 महंत हनुमान गिरी जी (जूना अखाड़ा) के मार्गदर्शन में निकाली जा रही है। लोटन बाबा जमीन पर लेट-लेट कर (लोटन लगाते हुए) सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालु उनका भव्य स्वागत कर रहे हैं और इस कठिन साधना को देखकर अभिभूत हैं। बाबा का कहना है कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुख-समृद्धि के लिए की जा रही एक आहुति है।