शिवपुरी। शिवपुरी के अपना घर आश्रम ने आधुनिकता और परंपरा को जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है। आश्रम में रहने वाले 183 निराश्रितों (प्रभुजी) के लिए अब भोजन पकाने में महंगी एलपीजी गैस का सिरदर्द खत्म होने जा रहा है। शहर की लुधावली स्थित अपना घर गौशाला में 1.50 लाख रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक बायो गैस संयंत्र स्थापित किया गया है, जो अगले सप्ताह से पूरी तरह चालू हो जाएगा।
युद्ध के संकट के बीच स्वदेशी समाधान
वर्तमान में इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी गैस की किल्लत और कीमतों में उछाल की आशंका बनी हुई है। ऐसे समय में अपना घर आश्रम ने गोबर गैस को विकल्प बनाकर दूरदर्शिता दिखाई है। आश्रम में हर महीने लगभग 40 एलपीजी सिलेंडरों की खपत होती है, जिसका सालाना खर्च करीब 4.76 लाख रुपये आता है। नए संयंत्र से हर दिन एक सिलेंडर के बराबर गैस मिलेगी, जिससे आश्रम की एलपीजी पर निर्भरता लगभग समाप्त हो जाएगी।
गो-काष्ठ और वर्मी कंपोस्ट से बढ़ेगी ताकत
केवल गैस ही नहीं, बल्कि गौशाला में अब गो-काष्ठ (गोबर की लकड़ियाँ) बनाने की मशीन भी लगाई जा रही है। इसका उपयोग आश्रम की बड़ी भट्टियों में किया जाएगा। इसके अलावा, जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 50 पिट्स (गड्ढे) तैयार किए गए हैं, जहाँ वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) का निर्माण होगा।
50 लाख की लागत से बना हाईटेक नंदी शेड
गौशाला का विस्तार भी बड़े स्तर पर किया गया है। गौशाला के पिछले हिस्से में 50 लाख रुपये की लागत से 30 हजार वर्गफीट का एक विशाल शेड तैयार किया गया है। बिना पिलर के बने इस शेड में 2000 नंदी एक साथ रह सकेंगे। पशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए इसमें 8 एयरफ्लो सिस्टम और चारों तरफ जालियां लगाई गई हैं। साथ ही, बीमार गायों के लिए 4 हजार वर्गफीट का एक विशेष मेडिकल वार्ड भी बनाया जा रहा है।
भविष्य की योजना, गोबर से रोशन होगी गौशाला
अपना घर गौशाला के संचालक धर्मेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह शिवपुरी की पहली ऐसी गौशाला है जहाँ बायोगैस प्लांट लगा है। आने वाले समय में इस प्लांट की क्षमता और बढ़ाई जाएगी ताकि पूरी गौशाला की लाइट और बिजली की जरूरतें भी इसी स्वदेशी तकनीक से पूरी की जा सकें।
इनका कहना हैं
हम एलपीजी पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि आश्रम के लाखों रुपये की बचत भी होगी।
रमेशचंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष, अपना घर आश्रम