शिवपुरी में बिजली कर्मचारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन, मांगे नहीं मानी तो भोपाल में होगा महाआंदोलन

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। अपनी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ,भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध के आह्वान पर सोमवार 16 मार्च 2026 को मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह के अधीक्षण यंत्री  मनोज कुमार सोनी को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के नाम एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया। महासंघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

प्रमुख मांगें और कर्मचारियों का दर्द
विद्युत क्षेत्र में लगभग 15 वर्ष से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है, 2013 की परीक्षा के बाद संविदा पर रखे गए कर्मियों को भी आज तक नियमित नहीं किया गया। नियमित कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर करने, गृह जिला स्थानांतरण नीति लागू करने, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ को पदोन्नति अवसर देने, 1979 के कर्मचारियों से जुड़े उच्च न्यायालय के निर्णय को लागू करने और 2018 के बाद नियुक्त कार्यालय सहायकों के वेतनमान में सुधार की मांग की गई है।महासंघ ने करीब 50 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अलग निगम बनाने, महंगाई के अनुसार वेतन वृद्धि, जोखिम, चिकित्सा व रात्रिकालीन भत्ते, बीमा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने और बिना कारण छंटनी रोकने की मांग भी रखी है।

इसके साथ ही मीटर रीडरों के नियमितीकरण, पेंशन में महंगाई भत्ता, सहायक राजस्व अधिकारियों को पदोन्नति, उच्च योग्यता पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि, लंबित अनुकंपा नियुक्ति, एलटीसी, गृह यात्रा भत्ता, ओपीएस लागू करने और डिप्लोमाधारी कर्मचारियों को कनिष्ठ यंत्री का करंट चार्ज देने की मांग शामिल है।महासंघ ने आंदोलन की रूपरेखा में 16 मार्च के बाद जिलों में सूचना व प्रदर्शन, 2 अप्रैल को सभी जिलों और कंपनी मुख्यालयों पर धरना तथा 16 अप्रैल को भोपाल में रैली और धरना का कार्यक्रम घोषित किया है। ज्ञापन कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव, दीपक कुमार शिवहरे, शुभम बंसल, कपिल चौधरी  बृजेंद्र असैया, ज्योति आर्य, रोहित त्रिपाठी, आशुतोष प्रजापति, गौरव अग्रवाल,संदीप सेन, रघुनंदन धाकड़ लोकेश शर्मा आदि दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।