बदरवास। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के बदरवास थाना क्षेत्र के लिए पिछला 24 घंटा बेहद भारी और दुखद साबित हुआ। रविवार रात से लेकर सोमवार शाम तक अलग-अलग तीन स्थानों पर तीन लोगों की लाश फांसी के फंदे पर लटकती मिली है। मृतकों में एक 20 वर्षीय युवती, एक अधेड़ व्यक्ति और एक दिव्यांग बुजुर्ग शामिल हैं। विडंबना यह है कि तीनों ही मामलों में मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, जिससे क्षेत्र में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है।
घर में फंदे पर झूला अधेड़
पहली घटना ग्राम बारई खेड़ा की है, जहाँ रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात 45 वर्षीय खेमला भिलाला (पुत्र केसरसिंह भिलाला) की लाश फांसी के फंदे पर लटकती मिली। सुबह जब परिजनों ने शव को रस्सी के फंदे पर लटका देखा तो चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर बदरवास पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
20 साल की युवती ने दी जान
अभी पुलिस पहली घटना की जांच कर ही रही थी कि सोमवार सुबह बदरवास की इंद्रा कॉलोनी से दूसरी खबर आई। यहाँ रहने वाली भावना चौरसिया (उम्र 20 वर्ष, पुत्री संतोष चौरसिया) ने से मौत को गले लगा लिया। सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच परिजनों ने उसे फंदे पर लटका पाया। जवान बेटी की मौत से परिवार सदमे में है।
दिव्यांग बुजुर्ग ने लगाया मौत को गले
तीसरी घटना सोमवार शाम करीब 5:30 बजे फिर से इंद्रा कॉलोनी में ही घटित हुई। यहाँ रहने वाले 65 वर्षीय अजब सिंह (पुत्र लटूरी राम) का शव फंदे पर लटका मिला। मृतक अजबसिह पैर से दिव्यांग थे और नगर में एक कपड़ा व्यापारी की दुकान के बाहर सिलाई मशीन चलाकर अपना गुजारा करते थे। एक संघर्षशील बुजुर्ग के इस आत्मघाती कदम ने सबको चौंका दिया है।
पुलिस की कार्रवाई
बदरवास थाना पुलिस ने तीनों ही मामलों में 'मर्ग' कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। अभी तक किसी भी मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब परिजनों के बयान और मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक ही दिन में तीन लोगों को आत्मघाती कदम उठाने पर किसने मजबूर किया।
घर में फंदे पर झूला अधेड़
पहली घटना ग्राम बारई खेड़ा की है, जहाँ रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात 45 वर्षीय खेमला भिलाला (पुत्र केसरसिंह भिलाला) की लाश फांसी के फंदे पर लटकती मिली। सुबह जब परिजनों ने शव को रस्सी के फंदे पर लटका देखा तो चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर बदरवास पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
20 साल की युवती ने दी जान
अभी पुलिस पहली घटना की जांच कर ही रही थी कि सोमवार सुबह बदरवास की इंद्रा कॉलोनी से दूसरी खबर आई। यहाँ रहने वाली भावना चौरसिया (उम्र 20 वर्ष, पुत्री संतोष चौरसिया) ने से मौत को गले लगा लिया। सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच परिजनों ने उसे फंदे पर लटका पाया। जवान बेटी की मौत से परिवार सदमे में है।
दिव्यांग बुजुर्ग ने लगाया मौत को गले
तीसरी घटना सोमवार शाम करीब 5:30 बजे फिर से इंद्रा कॉलोनी में ही घटित हुई। यहाँ रहने वाले 65 वर्षीय अजब सिंह (पुत्र लटूरी राम) का शव फंदे पर लटका मिला। मृतक अजबसिह पैर से दिव्यांग थे और नगर में एक कपड़ा व्यापारी की दुकान के बाहर सिलाई मशीन चलाकर अपना गुजारा करते थे। एक संघर्षशील बुजुर्ग के इस आत्मघाती कदम ने सबको चौंका दिया है।
पुलिस की कार्रवाई
बदरवास थाना पुलिस ने तीनों ही मामलों में 'मर्ग' कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। अभी तक किसी भी मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब परिजनों के बयान और मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक ही दिन में तीन लोगों को आत्मघाती कदम उठाने पर किसने मजबूर किया।