शिव की पुरी या प्रेतों का डेरा, सोशल मीडिया पर The Dark Side of Shivpuri वायरल, पढ़िए खबर हट के

Adhiraj Awasthi

काजल सिकरवार @ शिवपुरी। शिवपुरी शहर को कोई अमर बलिदानी क्रांतिकारी तात्या टोपे की बलिदानी स्थली कहता है तो कोई शिव की पुरी कहता है। सरकार की मंशा है कि शिवपुरी जिला पर्यटन के रूप मे अपनी पहचान बनाए। लिखने का सीधा अर्थ है आप और हम सब शिवपुरी की छवि को संसार के सामने पॉजिटिव पेश करना चाहते है लेकिन सोशल पर एक आईडी ने जन्म लिया है जो शिवपुरी को भूतो के शहर के पेश कर रहा है,इससे शिवपुरी जिले की छवि को दाग लग रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर sarcastic shivpuri नाम से एक आई है। इस आईडी के लगभग 6400 फलोअर्स है। इस आईडी से शिवपुरी को बदनाम करने वाली पोस्ट वीडियो वायरल की जा रही है। शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की टीम ने इस आईडी सर्च किया तो इस पर शिवपुरी की पर्यटक स्थल पर भूतहा बताया जा रहा है। इस प्रकार की वीडियो बनाकर इस आईडी से पोस्ट किया जा रहा है।

कल्पना कीजिए, जिस शहर की फिजाओं में कभी वीर क्रांतिकारियों की गाथाएं गूंजती थीं आज वहां के सन्नाटों को डिजिटल भूत डरा रहे हैं। इंस्टाग्राम पर इस रहस्यमयी आईडी ने मानो शहर के पुराने किलों और खंडहरों की सोई हुई रूहों को जगाने का जिम्मा ले लिया है।

जहां पर्यटक ठंडी हवाओं का लुत्फ लेने आते थे, वहां अब लोग मोबाइल हाथ में थामे उन भूतिया कोनों को ढूंढ रहे हैं जिन्हें इस आईडी ने वायरल किया है। क्या वाकई माधव नेशनल पार्क के पेड़ों के पीछे कोई खड़ा है? या जाधव सागर की लहरों के पास कोई अनजानी परछाई मंडराती है? यह आईडी सिर्फ वीडियो नहीं, बल्कि शिवपुरी के इतिहास में एक डरावना अध्याय लिखने की कोशिश कर रही है, जो शहर के सम्मान को काली नजर लगा सकता है।

इस आईडी में कुछ शिवपुरी के स्थलों की भूतों से जुडी कहानिया बनाकर पोस्ट की जा रही है। यह वीडियो सोशल पर वायरल हो रही है इस कारण शिवपुरी को पर्यटन से अधिक भुतहा नगरी की पहचान हो जाए तो बडी बात नही है। इस आईडी को कौन संचालित कर रहा है इस आईडी पर अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन इस प्लेटफार्म को संचालित करने वाले की मानसिकता क्या है यह तो स्पष्ट नहीं है लेकिन यह स्पष्ट  है कि वह अपने व्यूज और लाइक के कारण शिवपुरी के गौरवशाली इतिहास को अवश्य बदनाम कर रहा है,जिससे शिवपुरी की छवि को नुकसान हो रहा है।