शिवपुरी। राजस्थान के मकराना में हुई डेढ़ करोड़ की सनसनीखेज चोरी के मामले में गुरुवार को शिवपुरी का सराफा बाजार अचानक सुर्खियों में आ गया। मकराना थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने जब शिवपुरी के एक नामचीन सराफा व्यापारी के दरवाजे पर दस्तक दी, तो पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई उन दो चोरों की निशानदेही पर की गई, जिन्होंने पूछताछ में कबूला था कि चोरी की तीन किलो चांदी शिवपुरी के इसी रसूखदार व्यापारी के पास खपा दी गई है।
Big Shivpuri bullion trader being investigated by Rajasthan police in ₹1.5 crore theft case
राजस्थान पुलिस ने स्थानीय कोतवाली में व्यापारी को तलब कर घंटों तक सवालात किए। सूत्रों के मुताबिक, चोरों ने पुलिस के सामने स्पष्ट किया था कि वारदात के बाद चांदी के जेवरात यहीं बेचे गए थे। हालांकि, पुलिस के तीखे सवालों का सामना करते हुए व्यापारी ने चोरी का कोई भी सामान खरीदने से साफ इनकार कर दिया। व्यापारी का तर्क था कि उनका कारोबार साफ-सुथरा है और उन्होंने किसी भी संदिग्ध से माल नहीं लिया।
माल बरामदगी पर सस्पेंस
खबर को लेकर सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब सूत्रों ने दावा किया कि राजस्थान पुलिस खाली हाथ नहीं लौटी है और कुछ माल बरामद कर अपने साथ ले गई है। अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि यदि नामचीन व्यापारी ने इनकार किया, तो क्या पुलिस ने किसी दूसरे कड़ी के जरिए माल बरामद किया? स्थानीय पुलिस भी इस मामले में बचती नजर आई। कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने केवल इतना कहा कि राजस्थान पुलिस तफ्तीश के लिए आई थी, लेकिन आगे की कार्रवाई मकराना पुलिस ही स्पष्ट कर सकती है।
माल बरामदगी पर सस्पेंस
खबर को लेकर सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब सूत्रों ने दावा किया कि राजस्थान पुलिस खाली हाथ नहीं लौटी है और कुछ माल बरामद कर अपने साथ ले गई है। अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि यदि नामचीन व्यापारी ने इनकार किया, तो क्या पुलिस ने किसी दूसरे कड़ी के जरिए माल बरामद किया? स्थानीय पुलिस भी इस मामले में बचती नजर आई। कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने केवल इतना कहा कि राजस्थान पुलिस तफ्तीश के लिए आई थी, लेकिन आगे की कार्रवाई मकराना पुलिस ही स्पष्ट कर सकती है।