शिवपुरी। किसानों की उपज का उचित मूल्य के लिए सरकार ने खरीदी केंद्रों पर खरीद करने का निर्णय लिया था। इस उजप खरीदी के लिए समय समय पर गाइडलाइन जारी की थी,लेकिन शिवपुरी जिले में किसानों की उपज खरीदी पर वारदाने का ग्रहण लग गया है। खाद विभाग की आधी-अधूरी तैयारियों ने सरकारी खरीदी के पहिए जाम कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक सरकार किसानों के गेहूं को समर्थन मूल्य पर 7 अप्रैल से खरीदने जा रही है। इसके लिए सरकार ने 2585 रुपए व 40 रुपए बोनस मिलाकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल रेट रखी है। 7 फरवरी से शुरू हुए पंजीयन 10 मार्च तक चले और जिले में कुल 22055 किसानों ने गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए अपने पंजीयन कराए है। जबकि पिछले सालों के आंकड़ों को देखें तो पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या हमेशा 25 से 30 हजार के बीच रही है।
इस साल गिरदावरी न होने और सॉफ्टवेयर में दिक्कत आने से सैकड़ों किसान पंजीयन नहीं करा पाए। दूसरा बड़ा पहलू यह है कि कई किसानों की गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई है और उनको अभी फसल बेचनी है, लेकिन खरीदी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में जिन किसानों की फसल तैयार है और उन्हें पैसों की जरूरत है तो वे मजबूरी में औने-पौने दामों में व्यापारियों को अपनी फसल बेचने को मजबूर होंगे।
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पिछोर में सबसे अधिक शिवपुरी में कम पंजीयन
जिलेभर में गेहूं को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए किसानों के पंजीयन का काम 7 फरवरी से शुरू हुआ और 7 मार्च तक चलना था, लेकिन बाद में सरकार ने तीन दिन और बढ़ाए तो 10 मार्च तक पंजीयन हुए। इसमें सबसे अधिक पिछोर में 4201 तो सबसे कम शिवपुरी नगर में महज 20 है। बाकी अन्य तहसीलों कोलारस 2941, करैरा 3208, नरवर 2564, रन्नौद 1810, शिवपुरी 1796, बदरवास 1251, बैराड़ 315, पोहरी 429 किसानों ने पंजीयन कराए है। हालांकि कई किसान अपना पंजीयन कराने से किसी न किसी कारण से रह गए होगी।
शुक्रवार को तय होंगे खरीदी केन्द्र
जिलेभर में कितने केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी होगी, यह जिला प्रशासन अभी तक तय नहीं कर पाया है। अब खाद्य विभाग का कहना है कि केन्द्र तय करने के साथ अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को बैठक रखी गई है। इसमें कृषि विभाग से लेकर अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर तय किया जाएगा कि जिले में पिछली बार की तरह 45 केन्द्रों पर ही खरीदी होगी या फिर कुछ कम या ज्यादा केन्द्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा सभी केंद्रों पर पर्याप्त वारदाने की व्यवस्था कैसे होगी, इसको लेकर भी बैठक में चर्चा की जाएगी।
इनका कहना है।
पहले गेहूं की खरीद 16 मार्च से होनी थी, लेकिन वारदाने की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। अब 7 अप्रैल से जिले में गेहूं की खरीद शुरू होगी। शुक्रवार को जिले में केंद्रों सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर बैठक रखी गई है। गेहूं की खरीद कब तक होगी, इसके लिए वरिष्ठ कार्यालय से कोई पत्र नहीं आया है।
तुलेश्वर कुर्रे, जिला खाद्य अधिकारी, शिवपुरी।
Shivpuri extends wheat purchase deadline; administration's arrangements in disarray
आलम यह है कि वारदाने की कमी के चलते खरीदी की तारीख 16 मार्च से बढ़ाकर 7 अप्रैल तो कर दी गई, लेकिन अब तक न तो खरीदी केंद्रों की संख्या तय है और न ही लक्ष्य का कोई अता-पता है। गिरदावरी और सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों के कारण हजारों किसान पंजीयन से वंचित रह गए हैं, जिससे अब उन पर अपनी मेहनत की कमाई को बिचौलियों के हाथों औने-पौने दामों पर बेचने का संकट मंडरा रहा है।जानकारी के मुताबिक सरकार किसानों के गेहूं को समर्थन मूल्य पर 7 अप्रैल से खरीदने जा रही है। इसके लिए सरकार ने 2585 रुपए व 40 रुपए बोनस मिलाकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल रेट रखी है। 7 फरवरी से शुरू हुए पंजीयन 10 मार्च तक चले और जिले में कुल 22055 किसानों ने गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए अपने पंजीयन कराए है। जबकि पिछले सालों के आंकड़ों को देखें तो पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या हमेशा 25 से 30 हजार के बीच रही है।
इस साल गिरदावरी न होने और सॉफ्टवेयर में दिक्कत आने से सैकड़ों किसान पंजीयन नहीं करा पाए। दूसरा बड़ा पहलू यह है कि कई किसानों की गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई है और उनको अभी फसल बेचनी है, लेकिन खरीदी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में जिन किसानों की फसल तैयार है और उन्हें पैसों की जरूरत है तो वे मजबूरी में औने-पौने दामों में व्यापारियों को अपनी फसल बेचने को मजबूर होंगे।
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पिछोर में सबसे अधिक शिवपुरी में कम पंजीयन
जिलेभर में गेहूं को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए किसानों के पंजीयन का काम 7 फरवरी से शुरू हुआ और 7 मार्च तक चलना था, लेकिन बाद में सरकार ने तीन दिन और बढ़ाए तो 10 मार्च तक पंजीयन हुए। इसमें सबसे अधिक पिछोर में 4201 तो सबसे कम शिवपुरी नगर में महज 20 है। बाकी अन्य तहसीलों कोलारस 2941, करैरा 3208, नरवर 2564, रन्नौद 1810, शिवपुरी 1796, बदरवास 1251, बैराड़ 315, पोहरी 429 किसानों ने पंजीयन कराए है। हालांकि कई किसान अपना पंजीयन कराने से किसी न किसी कारण से रह गए होगी।
शुक्रवार को तय होंगे खरीदी केन्द्र
जिलेभर में कितने केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी होगी, यह जिला प्रशासन अभी तक तय नहीं कर पाया है। अब खाद्य विभाग का कहना है कि केन्द्र तय करने के साथ अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को बैठक रखी गई है। इसमें कृषि विभाग से लेकर अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर तय किया जाएगा कि जिले में पिछली बार की तरह 45 केन्द्रों पर ही खरीदी होगी या फिर कुछ कम या ज्यादा केन्द्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा सभी केंद्रों पर पर्याप्त वारदाने की व्यवस्था कैसे होगी, इसको लेकर भी बैठक में चर्चा की जाएगी।
इनका कहना है।
पहले गेहूं की खरीद 16 मार्च से होनी थी, लेकिन वारदाने की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। अब 7 अप्रैल से जिले में गेहूं की खरीद शुरू होगी। शुक्रवार को जिले में केंद्रों सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर बैठक रखी गई है। गेहूं की खरीद कब तक होगी, इसके लिए वरिष्ठ कार्यालय से कोई पत्र नहीं आया है।
तुलेश्वर कुर्रे, जिला खाद्य अधिकारी, शिवपुरी।