शिवपुरी। जिले में रसोई गैस (LPG) की किल्लत ने आम आदमी से लेकर व्यापारियों तक की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि घर में शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए भी लोग एक-एक सिलेंडर को मोहताज हो गए हैं। प्रशासन और गैस कंपनियों के नए सिस्टम ने जमीनी स्तर पर ऐसी अव्यवस्था पैदा कर दी है कि लोग अब पुराने दौर की भट्टियों की ओर लौटने को मजबूर हैं।
बारात को खाना नहीं खिलाया तो क्या मुंह दिखाऊंगा
फतेहपुर निवासी बुजुर्ग काशीराम सेन अपनी नातिन निक्की की शादी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। बुधवार को शादी और प्रीतिभोज है, लेकिन हलवाई ने साफ कह दिया है कि बिना 2-3 अतिरिक्त सिलेंडर के खाना नहीं बन पाएगा। काशीराम ने रिश्तेदारों से मांगकर 6 सिलेंडर जुटाए, लेकिन कमी फिर भी बनी हुई है। जब वे एजेंसी पहुंचे, तो संचालक ने ओटीपी (OTP) की अनिवार्यता बताकर हाथ खड़े कर दिए। कार्ड हाथ में लिए मायूस काशीराम अब दर-दर जुगाड़ लगा रहे हैं।
सप्लाई चेन ध्वस्त, 30% तक की कटौती
भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि ऊपर से ही गैस सप्लाई में 20 से 30 फीसदी की कटौती की गई है। पहले जहां रोजाना 2-3 गाड़ियां आती थीं, अब उनकी संख्या घट गई है। इसके अलावा, अब एक सिलेंडर मिलने के बाद दूसरे के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकारी संस्थान भी प्रभावित
पिछोर की श्रीगणेश गैस एजेंसी के अनुसार, विभागीय पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के कारण जेल, छात्रावास और मध्याह्न भोजन (MDM) जैसी आवश्यक सेवाओं के बिल जनरेट नहीं हो रहे हैं। इसके चलते इन संस्थानों की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे कैदियों और स्कूली बच्चों के भोजन पर संकट खड़ा हो गया है।
मिठाई कारोबारियों का आक्रोश,लौट रहे हैं पुराने युग में
कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने हलवाइयों और मिठाई दुकानदारों को भारी मुसीबत में डाल दिया है। मिठाई विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहन गुप्ता और राजेश जैन का कहना है कि युद्ध के कारण उन्हें पुराने युग में पहुंचा दिया है। अब दुकानदार जयपुर से पुरानी तकनीक वाली डीजल भट्टियां और बिजली के उपकरण मंगा रहे हैं ताकि व्यापार चालू रह सके।
एजेंसी संचालकों ने मांगी सुरक्षा
भारी किल्लत के बीच गैस एजेंसी संचालकों पर भारी जन-दबाव और राजनीतिक प्रेशर है। उपभोक्ताओं द्वारा गाली-गलौज और डिलीवरी बॉय के साथ बदतमीजी की खबरें आम हो गई हैं। इसी सुरक्षा डर के चलते शहर के तीनों प्रमुख एजेंसी संचालकों ने एसपी अमन सिंह राठौड़ से मुलाकात कर सुरक्षा गार्ड मुहैया कराने की गुहार लगाई है।
बारात को खाना नहीं खिलाया तो क्या मुंह दिखाऊंगा
फतेहपुर निवासी बुजुर्ग काशीराम सेन अपनी नातिन निक्की की शादी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। बुधवार को शादी और प्रीतिभोज है, लेकिन हलवाई ने साफ कह दिया है कि बिना 2-3 अतिरिक्त सिलेंडर के खाना नहीं बन पाएगा। काशीराम ने रिश्तेदारों से मांगकर 6 सिलेंडर जुटाए, लेकिन कमी फिर भी बनी हुई है। जब वे एजेंसी पहुंचे, तो संचालक ने ओटीपी (OTP) की अनिवार्यता बताकर हाथ खड़े कर दिए। कार्ड हाथ में लिए मायूस काशीराम अब दर-दर जुगाड़ लगा रहे हैं।
सप्लाई चेन ध्वस्त, 30% तक की कटौती
भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि ऊपर से ही गैस सप्लाई में 20 से 30 फीसदी की कटौती की गई है। पहले जहां रोजाना 2-3 गाड़ियां आती थीं, अब उनकी संख्या घट गई है। इसके अलावा, अब एक सिलेंडर मिलने के बाद दूसरे के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकारी संस्थान भी प्रभावित
पिछोर की श्रीगणेश गैस एजेंसी के अनुसार, विभागीय पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के कारण जेल, छात्रावास और मध्याह्न भोजन (MDM) जैसी आवश्यक सेवाओं के बिल जनरेट नहीं हो रहे हैं। इसके चलते इन संस्थानों की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे कैदियों और स्कूली बच्चों के भोजन पर संकट खड़ा हो गया है।
मिठाई कारोबारियों का आक्रोश,लौट रहे हैं पुराने युग में
कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने हलवाइयों और मिठाई दुकानदारों को भारी मुसीबत में डाल दिया है। मिठाई विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहन गुप्ता और राजेश जैन का कहना है कि युद्ध के कारण उन्हें पुराने युग में पहुंचा दिया है। अब दुकानदार जयपुर से पुरानी तकनीक वाली डीजल भट्टियां और बिजली के उपकरण मंगा रहे हैं ताकि व्यापार चालू रह सके।
एजेंसी संचालकों ने मांगी सुरक्षा
भारी किल्लत के बीच गैस एजेंसी संचालकों पर भारी जन-दबाव और राजनीतिक प्रेशर है। उपभोक्ताओं द्वारा गाली-गलौज और डिलीवरी बॉय के साथ बदतमीजी की खबरें आम हो गई हैं। इसी सुरक्षा डर के चलते शहर के तीनों प्रमुख एजेंसी संचालकों ने एसपी अमन सिंह राठौड़ से मुलाकात कर सुरक्षा गार्ड मुहैया कराने की गुहार लगाई है।