शिवपुरी। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारा देने वाली मध्यप्रदेश सरकार की पुलिस की संवेदनहीनता की एक झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। फिजिकल थाना क्षेत्र में एक लाचार पिता द्वारा जहर खाकर जान देने की कोशिश के महीनों बाद भी सिस्टम की नींद नहीं टूटी है। इंदौर में पढ़ रही बेटी को अज्ञात फोटो के आधार पर ब्लैकमेल कर 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस के पास कार नंबर और सीसीटीवी फुटेज जैसे पुख्ता सबूत मौजूद हैं, फिर भी कार्रवाई के नाम पर केवल अज्ञात के खिलाफ कागजी खानापूर्ति की गई है।
आज एक बार फिर पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अपनी बेटी की सुरक्षा और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए आवेदन दिया है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
पढे पूरी जानकारी,यहां से शुरू हुआ यह मामला
फिजिकल क्षेत्र में निवास करने वाले रामनारायण इंदौर में अध्ययनरत उसकी बेटी अंजली व रामनारायण कुशवाह के पारिवारिक लीगल एडवाइजर एडवोकेट अरुण शर्मा को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक पत्र पोस्ट किया गया, लिफाफे के अंदर एक फोटो था। फोटो में एक लड़का-लड़की रास्ते पर बात करते हुए दिखाई दे रहे थे, परंतु लड़की की पहचान स्पष्ट उजागर नहीं हो रही कि वह कौन है। उक्त लड़की को अंजली बताया गया। इस पर लिखा गया कि लड़के से बात कर रही लड़की अंजली है।
रामनारायण कुशवाह को भेजे गए फोटो पर लिखा था कि हमारे पास और भी फोटो हैं, हम तुम्हारे परिवार को बर्बाद कर देंगे। वहीं एडवोकेट अरुण शर्मा को भेजे गए फोटो पर लिखा था कि, वकील साहब अंजली के पापा से 15 लाख रुपये दिलवाइए नहीं तो हमारे पास और भी सबूत हैं। इसी तरह का फोटो अंजली को भी भेजा गया।
इस मामले की शिकायत एडवोकेट अरुण शर्मा ने कोतवाली पुलिस को दर्ज कराई। वहीं रामनारायण कुशवाह ने फिजिकल थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पड़ताल शुरू की गई तो पता चला कि यह पत्र शिवपुरी पोस्ट आफिस से ही भेजे गए थे।
पुलिस ने जब शिवपुरी पोस्ट आफिस से पत्र भेजने वाले की पहचान का प्रयास किया तो एक युवक का फोटो सामने आया, उस युवक को रामनारायण कुशवाह नहीं जानते। यह युवक जिस कार में बैठकर आया था, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर MP07 CK 2672 है। यह कार ग्वालियर के नदीम खान नामक एडवोकेट की बताई जा रही है। इतना सब होने के बावजूद भी पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे क्षुब्ध होकर रामनारायण कुशवाह ने बीते नवंबर में जहर खा लिया था।
बेटी को भी दी धमकी, इंदौर में भी दर्ज शिकायत
रामनारायण के अनुसार इंदौर में पढ़ रही उसकी बेटी अंजलि को भी एक बार अज्ञात युवक ने आकर धमकी दी थी कि तुम इंदौर छोड़कर चली जाओ, नहीं तो तुम्हें बर्बाद कर देंगे। रामनारायण के अनुसार इसकी शिकायत उन्होंने भंवरकुआं थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने पड़ताल की परंतु युवक की बाइक पर कोई नंबर नहीं था और वह नकाबपोश था, इस कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई थी।
बेटी के मजबूर पिता ने पुलिसिया कार्यवाही से परेशान होकर जहर खा लिया था,बवाल मचने के बाद फिजिकल चौकी पुलिस ने इस मामले में अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया था,यह मामला नवंबर में हुआ था अब फरवरी माह चल रहा है लेकिन पुलिस इस मामले में एफआईआर करने के बाद एक कदम भी आगे नहीं चल सकी। बेटी का पिता आहत है उसकी बेटी को लगातार बर्बाद करने की धमकी दी जा रही है।
आज एक बार फिर पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अपनी बेटी की सुरक्षा और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए आवेदन दिया है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
पढे पूरी जानकारी,यहां से शुरू हुआ यह मामला
फिजिकल क्षेत्र में निवास करने वाले रामनारायण इंदौर में अध्ययनरत उसकी बेटी अंजली व रामनारायण कुशवाह के पारिवारिक लीगल एडवाइजर एडवोकेट अरुण शर्मा को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक पत्र पोस्ट किया गया, लिफाफे के अंदर एक फोटो था। फोटो में एक लड़का-लड़की रास्ते पर बात करते हुए दिखाई दे रहे थे, परंतु लड़की की पहचान स्पष्ट उजागर नहीं हो रही कि वह कौन है। उक्त लड़की को अंजली बताया गया। इस पर लिखा गया कि लड़के से बात कर रही लड़की अंजली है।
रामनारायण कुशवाह को भेजे गए फोटो पर लिखा था कि हमारे पास और भी फोटो हैं, हम तुम्हारे परिवार को बर्बाद कर देंगे। वहीं एडवोकेट अरुण शर्मा को भेजे गए फोटो पर लिखा था कि, वकील साहब अंजली के पापा से 15 लाख रुपये दिलवाइए नहीं तो हमारे पास और भी सबूत हैं। इसी तरह का फोटो अंजली को भी भेजा गया।
इस मामले की शिकायत एडवोकेट अरुण शर्मा ने कोतवाली पुलिस को दर्ज कराई। वहीं रामनारायण कुशवाह ने फिजिकल थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पड़ताल शुरू की गई तो पता चला कि यह पत्र शिवपुरी पोस्ट आफिस से ही भेजे गए थे।
पुलिस ने जब शिवपुरी पोस्ट आफिस से पत्र भेजने वाले की पहचान का प्रयास किया तो एक युवक का फोटो सामने आया, उस युवक को रामनारायण कुशवाह नहीं जानते। यह युवक जिस कार में बैठकर आया था, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर MP07 CK 2672 है। यह कार ग्वालियर के नदीम खान नामक एडवोकेट की बताई जा रही है। इतना सब होने के बावजूद भी पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे क्षुब्ध होकर रामनारायण कुशवाह ने बीते नवंबर में जहर खा लिया था।
बेटी को भी दी धमकी, इंदौर में भी दर्ज शिकायत
रामनारायण के अनुसार इंदौर में पढ़ रही उसकी बेटी अंजलि को भी एक बार अज्ञात युवक ने आकर धमकी दी थी कि तुम इंदौर छोड़कर चली जाओ, नहीं तो तुम्हें बर्बाद कर देंगे। रामनारायण के अनुसार इसकी शिकायत उन्होंने भंवरकुआं थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने पड़ताल की परंतु युवक की बाइक पर कोई नंबर नहीं था और वह नकाबपोश था, इस कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई थी।
बेटी के मजबूर पिता ने पुलिसिया कार्यवाही से परेशान होकर जहर खा लिया था,बवाल मचने के बाद फिजिकल चौकी पुलिस ने इस मामले में अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया था,यह मामला नवंबर में हुआ था अब फरवरी माह चल रहा है लेकिन पुलिस इस मामले में एफआईआर करने के बाद एक कदम भी आगे नहीं चल सकी। बेटी का पिता आहत है उसकी बेटी को लगातार बर्बाद करने की धमकी दी जा रही है।