शिवपुरी। जैसा कि मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्व से ही बारिश का पूर्वानुमान बता दिया था कि ग्वालियर चंबल संभाग में बारिश हो सकती है,मौसम विभाग का पूर्वानुमान के अनुसार शिवपुरी जिले में सोमवार-मंगलवार की रात बारिश होने की खबर है। शिवपुरी जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश ने अपनी आमद दर्ज कराई है। यह बारिश फसलों के लाभदायक बताई जा रही है।
इस सिस्टम के कारण हुई शिवपुरी में बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तरी राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात और गुजरात से महाराष्ट्र तक जा रही द्रोणिका के कारण अरब सागर से नमी आ रही है। इससे शिवपुरी जिले में बारिश का सिस्टम भी डबलब हुआ है,इसलिए सोमवार की आधी रात शिवपुरी जिले के आसमान में छाए बादलों ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया।
यह बारिश जोखिम ला सकती हैं,जब 'प्रेरित चक्रवात' और 'द्रोणिका' सक्रिय होते हैं, तो स्थानीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है। शिवपुरी जैसे मैदानी इलाकों में फरवरी की शुरुआत में ऐसी स्थिति अक्सर ओलावृष्टि का कारण बनती है, जो सरसों और चने की फसल के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
जेट स्ट्रीम का प्रभाव
पूर्वोत्तर भारत में 232 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं ऊपरी वायुमंडल में अत्यधिक ठंडी हैं। इसके प्रभाव से रात के तापमान में गिरावट आएगी और जैसे ही आसमान साफ होगा, कड़ाके की ठंड और कोहरा वापस लौट सकता है। मौसम का पूर्वानुमान बता रहा है कि शिवपुरी जिले में 6 से 7 फरवरी तक बादल शिवपुरी जिले के ऊपर छाए रहे और रूक रूक कर बारिश कर सकते हैं। शिवपुरी जिले में सोमवार को आधी रात से रूक रूक कर बारिश की खबरें मिल रही है।
इस सिस्टम के कारण हुई शिवपुरी में बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तरी राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात और गुजरात से महाराष्ट्र तक जा रही द्रोणिका के कारण अरब सागर से नमी आ रही है। इससे शिवपुरी जिले में बारिश का सिस्टम भी डबलब हुआ है,इसलिए सोमवार की आधी रात शिवपुरी जिले के आसमान में छाए बादलों ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया।
यह बारिश जोखिम ला सकती हैं,जब 'प्रेरित चक्रवात' और 'द्रोणिका' सक्रिय होते हैं, तो स्थानीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है। शिवपुरी जैसे मैदानी इलाकों में फरवरी की शुरुआत में ऐसी स्थिति अक्सर ओलावृष्टि का कारण बनती है, जो सरसों और चने की फसल के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
जेट स्ट्रीम का प्रभाव
पूर्वोत्तर भारत में 232 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं ऊपरी वायुमंडल में अत्यधिक ठंडी हैं। इसके प्रभाव से रात के तापमान में गिरावट आएगी और जैसे ही आसमान साफ होगा, कड़ाके की ठंड और कोहरा वापस लौट सकता है। मौसम का पूर्वानुमान बता रहा है कि शिवपुरी जिले में 6 से 7 फरवरी तक बादल शिवपुरी जिले के ऊपर छाए रहे और रूक रूक कर बारिश कर सकते हैं। शिवपुरी जिले में सोमवार को आधी रात से रूक रूक कर बारिश की खबरें मिल रही है।