शिवपुरी। कानून का पालन कराना एक आरक्षक को उस वक्त भारी पड़ गया, जब चालान कटने से बौखलाए दबंगों ने बीच सड़क पर खूनी तांडव मचा दिया। रन्नौद थाने के सामने ड्यूटी पर तैनात आरक्षक अवधेश शर्मा पर फर्सी के टुकड़े से जानलेवा हमला कर उनका सिर फोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, लहूलुहान हालत में जमीन पर गिरे आरक्षक को महिलाओं सहित करीब आधा दर्जन लोगों ने बेरहमी से लात-घूंसों से पीटा।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे में देर रात तक थाने पर सियासी रसूख और हंगामे का दौर भी चला, जिसके बाद पुलिस ने 3 महिलाओं समेत 6 नामजद आरोपियों पर संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है,इस मामले में भाजपा के जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव की एंट्री हुई थी। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कानून तोड़ने वाले और आरक्षक के साथ मारपीट करने वालों का साथ दिया था।
जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव की इस घटनाक्रम की वीडियो भी वायरल हो रही थी जिसमें वह कानून तोडने वाले थाने के सामने हिंसक प्रर्दशन करने वाले आरोपियों का समर्थन करते हुए कह रहे थे कि इन आरक्षकों पर मामला दर्ज कर थाना प्रभारी को सस्पेंड करे। इस वायरल वीडियो में जसवंत जाटव को ट्रोल किया गया था,सोशल पर पब्लिक जसवंत जाटव के खिलाफ कमेंट कर रही थी। कुल मिलाकर इस मामले में नेतागिरी करने गए भाजपा के जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव को मुंह की खानी पड़ी और उपद्रव करने वाले लोगों पर मामला दर्ज हो गया।
चालान से शुरू हुआ था विवाद
फरियादी आरक्षक अवधेश शर्मा ने बताया कि 31 जनवरी 2026 को शाम करीब 4:30 बजे उनकी ड्यूटी थाना के सामने वाहन चेकिंग में लगी थी। उनके साथ सहायक उप निरीक्षण दशरथ सिंह राजपूत और आरक्षक सिद्धनाथ गौड़ भी मौजूद रहे।
इसी दौरान पिछोर की ओर से आ रही एक ईको कार (MP 08 ZJ 4676) को बिना सीट बेल्ट चलाने पर रोका गया और मनोज जाटव पर चालानी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के कुछ देर बाद निलेश जाटव, कालीचरण जाटव और जीतू जाटव बाइक से मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने लगे।
फर्सी से सिर पर वार, जमीन पर गिराकर पीटा
आरक्षक के मुताबिक निलेश जाटव ने गुस्से में कहा चलो आज इसका काम तमाम कर देते हैं, समझ में आ जाएगा, किससे उलझे हैं। इसके बाद उसने सड़क किनारे पड़ा फर्सी का टुकड़ा उठाकर आरक्षक के सिर के पीछे जोरदार वार किया, जिससे सिर फट गया और खून बहने लगा। इसके बाद उसी फर्सी से दाहिने गाल पर भी हमला किया गया।
हमले में आरक्षक जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद निलेश जाटव, कालीचरण जाटव, जीतू जाटव, ईको कार चालक मनोज जाटव, तीन महिलाएं और अन्य लोग एकराय होकर लात-घूंसे से मारपीट करने लगे।
मारपीट में आरक्षक को गर्दन, छाती, कमर, पीठ, दोनों घुटनों, बाएं हाथ और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आईं। आरक्षक के चिल्लाने पर चेकिंग ड्यूटी में तैनात अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाकर थाने के अंदर ले गए।
धरने के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए थाना प्रभारी को सस्पेंड करने तथा आरक्षकों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, उन्होंने धरने पर बैठने की तक बात कह दी थी। देर रात एडिशनल एसपी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कराया जा सका।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 121(1), 132, 190, 191(2), 221, 296(b) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे में देर रात तक थाने पर सियासी रसूख और हंगामे का दौर भी चला, जिसके बाद पुलिस ने 3 महिलाओं समेत 6 नामजद आरोपियों पर संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है,इस मामले में भाजपा के जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव की एंट्री हुई थी। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कानून तोड़ने वाले और आरक्षक के साथ मारपीट करने वालों का साथ दिया था।
जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव की इस घटनाक्रम की वीडियो भी वायरल हो रही थी जिसमें वह कानून तोडने वाले थाने के सामने हिंसक प्रर्दशन करने वाले आरोपियों का समर्थन करते हुए कह रहे थे कि इन आरक्षकों पर मामला दर्ज कर थाना प्रभारी को सस्पेंड करे। इस वायरल वीडियो में जसवंत जाटव को ट्रोल किया गया था,सोशल पर पब्लिक जसवंत जाटव के खिलाफ कमेंट कर रही थी। कुल मिलाकर इस मामले में नेतागिरी करने गए भाजपा के जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव को मुंह की खानी पड़ी और उपद्रव करने वाले लोगों पर मामला दर्ज हो गया।
चालान से शुरू हुआ था विवाद
फरियादी आरक्षक अवधेश शर्मा ने बताया कि 31 जनवरी 2026 को शाम करीब 4:30 बजे उनकी ड्यूटी थाना के सामने वाहन चेकिंग में लगी थी। उनके साथ सहायक उप निरीक्षण दशरथ सिंह राजपूत और आरक्षक सिद्धनाथ गौड़ भी मौजूद रहे।
इसी दौरान पिछोर की ओर से आ रही एक ईको कार (MP 08 ZJ 4676) को बिना सीट बेल्ट चलाने पर रोका गया और मनोज जाटव पर चालानी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के कुछ देर बाद निलेश जाटव, कालीचरण जाटव और जीतू जाटव बाइक से मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने लगे।
फर्सी से सिर पर वार, जमीन पर गिराकर पीटा
आरक्षक के मुताबिक निलेश जाटव ने गुस्से में कहा चलो आज इसका काम तमाम कर देते हैं, समझ में आ जाएगा, किससे उलझे हैं। इसके बाद उसने सड़क किनारे पड़ा फर्सी का टुकड़ा उठाकर आरक्षक के सिर के पीछे जोरदार वार किया, जिससे सिर फट गया और खून बहने लगा। इसके बाद उसी फर्सी से दाहिने गाल पर भी हमला किया गया।
हमले में आरक्षक जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद निलेश जाटव, कालीचरण जाटव, जीतू जाटव, ईको कार चालक मनोज जाटव, तीन महिलाएं और अन्य लोग एकराय होकर लात-घूंसे से मारपीट करने लगे।
मारपीट में आरक्षक को गर्दन, छाती, कमर, पीठ, दोनों घुटनों, बाएं हाथ और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आईं। आरक्षक के चिल्लाने पर चेकिंग ड्यूटी में तैनात अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाकर थाने के अंदर ले गए।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने धरना देने उकसाया था
घटना के बाद पुलिस पर गर्भवती महिला से मारपीट के आरोप लगाते हुए परिजनों ने थाना परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया, जो देर रात ढाई बजे तक चला। स्थिति को संभालने के लिए आसपास के थानों का पुलिस बल बुलाया गया।धरने के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए थाना प्रभारी को सस्पेंड करने तथा आरक्षकों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, उन्होंने धरने पर बैठने की तक बात कह दी थी। देर रात एडिशनल एसपी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कराया जा सका।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 121(1), 132, 190, 191(2), 221, 296(b) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।