SHIVPURI NEWS - गरीबों का राशन घोटाला उजागर, पूर्व सेल्समैनों पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

शिवपुरी। शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील के ग्राम कनाखेड़ी में शासकीय उचित मूल्य की दुकान से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। बुधवार को ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गंभीर गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुकान पर पदस्थ रहे पूर्व सेल्समैन मस्तराम और सहायक सेल्समैन ने तीन माह से गरीब परिवारों को राशन नहीं दिया।

केवाईसी के नाम पर अंगूठे लगवाए, राशन नहीं दिया

ग्रामीणों के अनुसार, दोनों सेल्समैनों ने केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर मशीन पर गरीबों के अंगूठे लगवाए और उसके बाद भी किसी को राशन नहीं दिया। इस दौरान लगातार तीन महीने तक कनाखेड़ी के अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों को उनके हक का अनाज नहीं मिल सका।

नए सेल्समैन ने भी थामा हाथ

गांव में हाल ही में मोहन यादव और धर्मवीर यादव को नए सेल्समैन के रूप में पदस्थ किया गया है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने बकाया राशन की मांग की तो नए सेल्समैन ने साफ कह दिया कि उन्हें केवल इस महीने का ही राशन मिलेगा, पिछला बकाया नहीं दिया जाएगा।

भूख से जूझ रहे परिवार

गांव के रामहेत आदिवासी, बैजनाथ चिडार, घनश्याम जाटव, सुघर सिंह जाटव, कमलेश चिडार सहित करीब 25 ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व सेल्समैनों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते गांव के कई गरीब परिवार भूख से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि कई घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है।

ट्रांसफर कराकर गायब हुए आरोपी

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पूर्व सेल्समैनों से बार-बार राशन की मांग की, तो उन्होंने बात टाल दी और फोन बंद कर दिए। इसके बाद उन्होंने अचानक ट्रांसफर करवा लिया और गांव से गायब हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरी तरह से सुनियोजित गड़बड़ी है, ताकि वे जवाबदेही से बच सकें।

कानूनी कार्यवाही और बकाया राशन की मांग

ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पूर्व सेल्समैनों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और तीन महीने का बकाया राशन तुरंत दिलवाया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने जिला खाद्य विभाग से भी इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को निलंबित करने की मांग की, ताकि भविष्य में गरीब परिवारों का हक न मारा जा सके।