शिवपुरी। मप्र के उजी मंत्री और शिवपुरी के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शिवपुरी के 3 वार्डो का भ्रमण किया,वार्ड भ्रमण के दौरान जनता की नाराजगी देख प्रभारी मंत्री को जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगनी पडी। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के कार्यकाल में सडको पर कीचड़ की गंगा बहती मिली,शहर अंधेरे में मिला,इतना ही नही एक शिकायत तो ऐसी आई जिसमें हैरानी वाली बात थी कि पानी पीने से खुजली हो रही है। गायत्री शर्मा के विकास का फ्लोर टेस्ट लेने उतरे मंत्री जी को शिवपुरी के विकास और अपने मन की शांति के लिए सीता राम का जाप करना पड़ा,सीता राम के जाप का वीडियो मंत्री जी ने सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।
मंत्री महोदय के शिवपुरी की सडको पर का लॉजिक समझने का प्रयास करते है,अभी 3 दिन पूर्व क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी के अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग ली थी इस मीटिंग में सिंधिया ने शिवपुरी को सवारने के आदेश दिए थे। शिवपुरी की वस्तुस्थिती समझने के लिए केन्द्रीय मंत्री के निर्देश पर प्रभारी मंत्री ने शिवपुरी के वार्डो का निरीक्षण किया।
इस खबर पर मंत्री जी ने क्या क्या देखा,यह सब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इस दौरे के मूल मुद्दे पर चलने का प्रयास करते है। शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के 3 साल के कार्यकाल के साथ शिवपुरी के पिछले कई साल के विकास के बात करते है।
अभी भी शिवपुरी मूल मुद्दे के लिए लड रही है
देश के ब्रांड नेता सिंधिया की शिवपुरी अभी भी अपने मूल और प्राथमिक मुद्दों से ही लड रही है,देश चांद की यात्रा कर रहा है लेकिन शिवपुरी अभी भी सड़कों के गड्ढों को भरने लगी है। प्रभारी मंत्री को शिवपुरी में मूल मुद्दों की शिकायत ही मिली,सबसे अधिक सडके,सफाई,स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसे प्राथमिक मुद्दो के लिए संघर्ष कर रहा है,जब इन मूल मुद्दों से निपटारा हो अपनी प्राथमिक कक्षा को पास करे उसके बाद ही विकास के दूसरे मुद्दों पर बात होगी।
शिवपुरी नगर पालिका के पार्षदों ने जब गायत्री शर्मा के कार्यकाल के भ्रष्टाचार का जाप शुरू किया और जांच की शुरुआत हुई तो ऐसा लगा कि नगर पालिका भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई है। पहली ही जांच में 3 सीएमओ सस्पेंड,2 इंजीनियरों पर मामला दर्ज और 1 ठेकेदार पर एफआईआर,वही गायत्री शर्मा भी भ्रष्टाचार में फंस गई। हालांकि वर्तमान में उनकी कुर्सी सलामत है लेकिन कितने दिन रहेगी यह कहना मुश्किल है।
प्रभार मंत्री बोले की 6 माह लगेंगा विकास होने पर,जनता की नाराजगी के कारण प्रभारी मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी इससे जनता का कुछ गुस्सा कम हुआ लेकिन जनमानस लगातार प्रभारी मंत्री को ट्रोल कर रहा था। सोशल पर जनभावनाओं भडक रही थी। वर्तमान समय में जो नगर के हालते है उससे केन्द्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की छवि पर भी असर पड रहा है।
जनमानस के मन मे सवाल उठ रहे है कि प्रभारी मंत्री 6 माह के विकास की बात कर रहे तो पिछले 3 साल में जनता और पार्षदों की सुनवाई क्यों नहीं की गई। पार्षद छाती पीट पीटकर पिछले 2 साल से चिल्ला रहे थे कि काम नहीं हो रहा है सुनवाई नहीं हो रही है,पार्षद संगठन स्तर से लेकर प्रभारी मंत्री से शिकायत कर रहे थे जब सुनवाई क्यों नहीं की गई। जनता ने वोट देकर भाजपा को चुना,भाजपा की संगठन और पार्षदों ने मिलकर गायत्री शर्मा का चुना इसमे जनता की गलती नहीं है,फिर सजा जनमानस को क्यों,
नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने 82 करोड़ का विकास कार्य का लेखा जोखा पब्लिक के लिए वायरल किया है,लेकिन इसमें भी दृष्टि दोष निकला,कई वार्ड और पार्षदों से भेदभाव किया,किसी वार्ड में तीन साल में 17 से 25 लाख तक के काम पूर्ण है और जो गायत्री शर्मा की किचिन कैबिनेट के पार्षद थे उनके वार्ड में डेढ करोड से अधिक के काम हुए है। पार्षद मोनिका सीटू सडैया का कहना था कि प्रभारी मंत्री ने पार्षदों की बैठक में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बात नही की कहा है कि 6 माह दो विकास की विकास दिखाई देगा,लेकिन पिछले 3 साल के कार्यकाल पर कोई बात नही कर रहा है जो विकास तीन साल मे नही हुआ है वह 6 माह में कैसे होगा।
