शिवपुरी। पोहरी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से एयरटेल मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। लगातार सिग्नल जाने से लोगों को कॉल करने और इंटरनेट चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यक समय पर फोन तक न लग पाने से उपभोक्ता बेहद परेशान हैं।
ग्राहकों में गुस्सा, कंपनी पर लापरवाही का आरोप
ग्राहकों का कहना है कि लंबे समय से नेटवर्क बाधित रहने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे नाराज होकर कई उपभोक्ता अपने नंबर दूसरी कंपनी में पोर्ट कराने पर मजबूर हो गए हैं।
ग्राहकों की राय
स्थानीय निवासी पप्पू सिठेले ने कहा – "नेटवर्क न होने से हमें व्यापारिक कामों में दिक्कत हो रही है। ग्राहक फोन नहीं कर पाते, वही समाचार भेजने में भारी परेशानी आती है चाहे जब सिग्नल चले जाते है।
युवराज सिंह ने बताया कि – "ऑनलाइन पढ़ाई और परीक्षाओं के लिए इंटरनेट की जरूरत है, लेकिन एयरटेल का नेटवर्क बार-बार गायब हो जाता है। मजबूरी में दूसरी सिम का सहारा लेना पड़ रहा है।"
किसान धर्मेन्द्र आदिवासी ने कहा – "गांव में आपात स्थिति में भी फोन नहीं लगता, यह बहुत बड़ी समस्या है। कंपनी को तुरंत समाधान करना चाहिए।"
समाधान की मांग
ग्राहकों ने चेतावनी दी है कि यदि एयरटेल जल्द ही नेटवर्क की समस्या का हल नहीं करता, तो बड़ी संख्या में लोग अन्य कंपनियों का सहारा लेने पर विवश होंगे।
ग्राहकों में गुस्सा, कंपनी पर लापरवाही का आरोप
ग्राहकों का कहना है कि लंबे समय से नेटवर्क बाधित रहने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे नाराज होकर कई उपभोक्ता अपने नंबर दूसरी कंपनी में पोर्ट कराने पर मजबूर हो गए हैं।
ग्राहकों की राय
स्थानीय निवासी पप्पू सिठेले ने कहा – "नेटवर्क न होने से हमें व्यापारिक कामों में दिक्कत हो रही है। ग्राहक फोन नहीं कर पाते, वही समाचार भेजने में भारी परेशानी आती है चाहे जब सिग्नल चले जाते है।
युवराज सिंह ने बताया कि – "ऑनलाइन पढ़ाई और परीक्षाओं के लिए इंटरनेट की जरूरत है, लेकिन एयरटेल का नेटवर्क बार-बार गायब हो जाता है। मजबूरी में दूसरी सिम का सहारा लेना पड़ रहा है।"
किसान धर्मेन्द्र आदिवासी ने कहा – "गांव में आपात स्थिति में भी फोन नहीं लगता, यह बहुत बड़ी समस्या है। कंपनी को तुरंत समाधान करना चाहिए।"
समाधान की मांग
ग्राहकों ने चेतावनी दी है कि यदि एयरटेल जल्द ही नेटवर्क की समस्या का हल नहीं करता, तो बड़ी संख्या में लोग अन्य कंपनियों का सहारा लेने पर विवश होंगे।
