शिवपुरी। पोहरी नगर परिषद पोहरी के वार्ड क्रमांक 5 खादी भंडार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर चयन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ललिता आदिवासी निवासी वार्ड क्रमांक 5 पोहरी ने जनसुनवाई में कलेक्टर शिवपुरी को आवेदन प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है।
कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु चयन सूची में अंजलि आदिवासी का नाम प्रथम स्थान पर दर्ज किया गया है, जबकि उनके सभी दस्तावेज शिवपुरी नगर के 26 नंबर कोठी मेन रोड से संबंधित हैं। मतदाता सूची में उनका नाम भाग संख्या 60, क्रमांक 821 पर दर्ज है तथा आधार कार्ड मे शिवपुरी का पता है एवं परिवार आईडी (नं. 42079550) में भी आधार के अनुसार उनका पता शिवपुरी का है जबकि आईडी मचाखुर्द, पंचायत उपसिल, तहसील पोहरी मे दर्ज है। वही प्रशासन को गुमराह करते हुए मूल निवासी भी 2019 का लगाया है शिकायतकर्ता के अनुसार अंजलि आदिवासी मूल रूप से पोहरी वार्ड क्रमांक 5 की स्थायी निवासी नहीं हैं। उसका परिवार दस बारह साल से शिवपुरी रह रहा है पोहरी में उसके कोई भी दस्तावेज नहीं है आचार्य वाली बात है कि बिना जांच पड़ताल के उसका चयन कैसे कर दिया जो कि जांच का. विषय है।
ललिता आदिवासी ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस पद हेतु आवेदन पत्र भरा था। वर्तमान में वह वार्ड क्रमांक 5 में सहायिका पद पर कार्यरत हैं और उसी केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु रिक्त निकली थी। इसके बावजूद, कथित सांठगांठ कर अंजलि आदिवासी को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चयन सूची में प्रथम स्थान पर रखा गया।
प्रार्थिया ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे चयन प्रक्रिया की जांच कराई जाए, अंजलि आदिवासी के समस्त दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए तथा वास्तविक पात्र अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रदान की जाए। इस प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठता है ।
इस संबंध में बीएलओ दामोदर लक्षकार से पूछा गया तो उन्होंने बता कि महेश आदिवासी तथा उसकी बेटी अंजलि आदिवासी का नाम तीन चार साल पहले काट दिया गया था क्योंकि वोटर कार्ड को आधार से लिंक करना था जब मैंने उनसे मांगा तो उन्होंने आधार नहीं दिए इसलिए उनका नाम काट दिया गया है।
इस संबंध में पोहरी परियोजना अधिकारी प्रभारी अमित यादव से फोन लगाकर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु चयन सूची में अंजलि आदिवासी का नाम प्रथम स्थान पर दर्ज किया गया है, जबकि उनके सभी दस्तावेज शिवपुरी नगर के 26 नंबर कोठी मेन रोड से संबंधित हैं। मतदाता सूची में उनका नाम भाग संख्या 60, क्रमांक 821 पर दर्ज है तथा आधार कार्ड मे शिवपुरी का पता है एवं परिवार आईडी (नं. 42079550) में भी आधार के अनुसार उनका पता शिवपुरी का है जबकि आईडी मचाखुर्द, पंचायत उपसिल, तहसील पोहरी मे दर्ज है। वही प्रशासन को गुमराह करते हुए मूल निवासी भी 2019 का लगाया है शिकायतकर्ता के अनुसार अंजलि आदिवासी मूल रूप से पोहरी वार्ड क्रमांक 5 की स्थायी निवासी नहीं हैं। उसका परिवार दस बारह साल से शिवपुरी रह रहा है पोहरी में उसके कोई भी दस्तावेज नहीं है आचार्य वाली बात है कि बिना जांच पड़ताल के उसका चयन कैसे कर दिया जो कि जांच का. विषय है।
ललिता आदिवासी ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस पद हेतु आवेदन पत्र भरा था। वर्तमान में वह वार्ड क्रमांक 5 में सहायिका पद पर कार्यरत हैं और उसी केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु रिक्त निकली थी। इसके बावजूद, कथित सांठगांठ कर अंजलि आदिवासी को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चयन सूची में प्रथम स्थान पर रखा गया।
प्रार्थिया ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे चयन प्रक्रिया की जांच कराई जाए, अंजलि आदिवासी के समस्त दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए तथा वास्तविक पात्र अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रदान की जाए। इस प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठता है ।
इस संबंध में बीएलओ दामोदर लक्षकार से पूछा गया तो उन्होंने बता कि महेश आदिवासी तथा उसकी बेटी अंजलि आदिवासी का नाम तीन चार साल पहले काट दिया गया था क्योंकि वोटर कार्ड को आधार से लिंक करना था जब मैंने उनसे मांगा तो उन्होंने आधार नहीं दिए इसलिए उनका नाम काट दिया गया है।
इस संबंध में पोहरी परियोजना अधिकारी प्रभारी अमित यादव से फोन लगाकर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
