SHIVPURI NEWS - ई-अटेंडेंस में शिवपुरी जिला प्रदेश में 8वें नंबर पर, अतिथि शिक्षक आगे

शिवपुरी। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति पर अंकुश लगाने के लिए भले ही शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की हो, लेकिन अभी भी 25 फीसदी शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगा रहे। स्थिति यह है कि ग्वालियर चंबल संभाग में दूसरे तो प्रदेश में शिवपुरी की स्थिति 8वें नंबर पर है। यह स्थिति न तो बहुत अच्छी और न ही बुरी बोलेंगे,लेकिन फिर भी सुधार को बहुत जरूरत है। इस ऑनलाइन हाजिरी में भी नियमित से आगे अतिथि शिक्षक है।

संभाग में शिवपुरी दूसरे स्थान है और सोमवार की ऑनलाइन हाजिरी को देखे तो जिले के कुल 7786 नियमित शिक्षकों में से 5837 ने ऑनलाइन उपस्थित दर्ज कराई है। यह प्रतिशत में 74.97 है, जबकि जिले में कुछ अतिथि शिक्षक 3057 है जिनमें से ऑनलाइन रूप से 2760 शिक्षक उपस्थित रहे और इनका प्रतिशत 90.28 रहा।

इस आंकड़े को स्कूल उपस्थित होकर हाजिरी लगाने में नियमित से आगे अतिथि शिक्षक है। हालांकि ऑनलाइन उपस्थिति के मामले में ग्वालियर-चंबल संभाग में दतिया जिला पहले नंबर पर है और शिवपुरी दूसरे पर आता है। शेष जिलों की स्थिति और अधिक खराब हैं। ऐसे में यदि जिले के शिक्षा अधिकारी नियमों का लागू कराने में घोड़ी और कसावट लाएं तो यह आंकड़ा शत प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

जिले में जहां अन्य शिक्षक ई. अटेंडेंस लगाने में लापरवाही बरत रहे हैं तो वहीं स्कूलों के प्रभारी भी ई. अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं। इतना ही नहीं इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी गंभीरता नहीं दिखा रहे। अगर यह लोग गंभीरता दिखाए तो यह ऑनलाइन हाजिरी शत प्रतिशत हो सकती है। साथ ही शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से पढ़ाई के स्तर में भी सुधार होगा।

ये है ई-अटेंडेंस व्यवस्था
मध्यप्रदेश में ई-अटेंडेंस व्यवस्था एक डिजिटल हाजिरी प्रणाली है, जिसमें शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों को एक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। इस प्रणाली का उद्देश्य शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन लाना है। कर्मचारी स्कूल में पहुंचने और स्कूल से निकलने पर अपनी जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो अपलोड करते हैं, जिससे उनकी उपस्थिति दर्ज होती है।

इनका कहना हैं
हमने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को आदेश दिया है कि जिस शिक्षक की ऑनलाइन हाजिरी न हो, उसका वेतन काटने की कार्रवाई की जाए। हम कुछ ही दिन में शिक्षकों की उपस्थित शत प्रतिशत करवा लेंगे।
विवेक श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी