SHIVPURI NEWS - अतिथि शिक्षकों ने कहा ई-अटेंडेंस लगवाने से पहले हमारी समस्याओं का समाधान करें

करैरा। शिवपुरी जिले के करैरा में अतिथि शिक्षकों ने आज तहसीलदार को म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम सौंपा ज्ञापन,कहा कि ई अटेंडेंस  लगवाने   से पहले हमारी इन समस्याओं का निराकरण कीजिए।  

संदर्भित पत्र में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अतिथि शिक्षकों से अनिवार्यतः ई अटेंडेंस लगवाने हेतु आदेश जारी किया गया है, जो अतिथि शिक्षकों के साथ अन्याय है। ई अटेंडेंस लगवाने से पूर्व हमारी समस्याओं का निराकरण किया जाये।

जो निम्नानुसार है :-
1. यह है कि 80% से अधिक अतिथि शिक्षकों के पास एंड्रॉइड मोबाइल नहीं है। निवेदन है कि अतिथि शिक्षकों को सर्वप्रथम शासन स्तर पर एंड्रॉइड मोबाइल खरीदने हेतु न्यूनतम 20000/- रुपये की राशि अतिथि शिक्षकों के खाते प्रदान की जाये।
2. यह है कि 80% से अधिक अतिथि शिक्षकों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है, जो मोबाइल रिचार्ज कराने में असमर्थ है, निवेदन है प्रतिमाह रिचार्ज हेतु न्यूनतम 500/- की राशि अतिथि शिक्षकों के खाते में प्रदान की जाये।
3. यह है कि प्रतिमाह निश्चित तिथि में अतिथि शिक्षकों को मानदेय प्रदान किया जाये।
4. यह है कि अतिथि शिक्षकों को मेडिकल / प्रसव/मातृत्व/पितृत्व / आकस्मिक समस्त प्रकार के अवकाशो की सुविधा प्रदान किया जाये।
5. यह है कि जिन ग्रामीण अंचलों में नेटवर्क सुविधा उपलब्ध नहीं है, सर्वप्रथम उन ग्रामीण अंचलों में नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध करायी जाये।
6. यह है कि अतिथि शिक्षकों का सर्वप्रथम वार्षिक अनुबंध भविष्य सुरक्षित किया जाये।
7. यह है कि सर्वप्रथम नियमित कर्मचारियों की भांति अतिथि शिक्षकों को समस्त प्रकार की शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान जाये।
8. यह है कि जो अनुभवी अतिथि शिक्षक किसी भी कारण से बाहर है, उनकी अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर अलग से विद्यालय चयन प्रक्रिया पूर्ण करायी जाये।

महोदय प्रदेश के अतिथि शिक्षक ई अटेंडेंस को लेकर मानसिक रूप से त्रस्त और परेशान हैं। इसलिए आ निवेदन है कि आप तत्काल सर्वप्रथम उपरोक्त समस्याओं का निराकरण का कष्ट करें। तत्पश्चात अतिथि शिक अटेंडेंस लगवाने हेतु आदेश जारी करें, वर्तमान जारी किया गया संदर्भित आदेश वापिस लेने का कष्ट करें।

यदि पांच दिवस के अंदर ई अटेंडेंस संबंधी आदेश वापस नहीं लिया गया, तो हम संपूर्ण मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक भोपाल की सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जायेंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।