SHIVPURI NEWS - क्षेत्रीय 22 डाकघरो मे 22 जुलाई से मिलेगी, डिजिटल सेवाएं

शिवपुरी। अधीक्षक डाकघर गुना ओ.पी.चतुर्वेदी ने बताया कि डाकघर में एडवांस पोस्टल टेक्नोलॉजी आईटी 2.0 मंगलवार 22 जुलाई 2025 से गुना डाक संभाग के तीनों जिलों गुना अशोकनगर एवं शिवपुरी के प्रत्येक डाकघर में शुरू हो रहा हैं। आई टी 2.0 लागू होने से डाकघर के ग्राहकों को अब, बेहतर, त्वरित एवं सशक्त सेवाएं मिलेंगी एवं इससे विभाग का डिजिटल प्लेटफॉर्म, अब और अधिक सहज व सुरक्षित रहेगा।

बदलते तकनीकी युग में डाक विभाग निरंतर आधुनिक तकनीक के साथ, प्रोजेक्ट एरो, लुक एंड फील, एवं आईटी 1.0 जैसे सफल  प्रोजेक्ट के पश्चात अब डाक विभाग आईटी 2.0 को शुरू करने जा रहा है। डिजिटल उत्कृष्टता की दशा में यह डाक विभाग की एक ऐतिहासिक पहल साबित होगी।

अधीक्षक डाकघर ने आगे बताया कि डाक विभाग अगली पीढ़ी के एपीटी एप्लिकेशन की शुरुआत की घोषणा कर रहा है, जो डिजिटल उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में हमारी यात्रा में एक बड़ी छलांग हैं। इस उन्नत और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्बाध और सुरक्षित काम करने के लिए 21 जुलाई सोमवार को गुना संभाग के समस्त डाकघरों में समस्त प्रकार का काम बंद रहेगा, जो कि डेटा माइग्रेशन, डेटा वेरिफिकेशन एवं कॉन्फिग्रेशन प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक हैं।

अधीक्षक डाकघर गुना ओपी चतुर्वेदी ने डाकघरों के सम्मानित ग्राहकों से अनुरोध किया है कि यदि किसी ग्राहक को आवश्यक कार्य है तो वह 19 जुलाई तक डाकघर में संपर्क कर अपना कार्य करा सकते हैं। 21 जुलाई सोमवार को डाकघर की सेवाएं बाधित रहेंगी। 22 जुलाई मंगलवार से डाकघर की सारी सेवाएं सुचारू रूप से प्रारंभ होंगी। अधीक्षक डाकघर गुना द्वारा सम्मानित ग्राहकों से सहयोग करने की अपील की गई है।



























करोडपति कागजी गरीबो ने छिन लिया गरीबो का अशियाना,अटल आश्रय योजना,एक्सपोज
रिंकू तोमर शिवपुरी। शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के पास स्थित हाउंसिंग बोर्ड कॉलोनी का अटल आश्रय योजना के तहत निर्माण किया गया था। इस कॉलोनी में 461 हाउस है,जिसमें एलआईजी क्लास 114 हाउस है और ईब्लूसी के 347 आवास है। इस कॉलोनी में हाउससिंग बोर्ड के अधिकारियो ने रिश्वत की दम पर करोडपतियो के दम पर कागजी गरीब बना दिया और आवास आवटंन कर दिए और जो इन आवासो के हकदार थे उनको उपेक्षित कर दिया है।


हाउसिंग बोर्ड ने शिवपुरी शहर में मेडिकल कॉलेज के पास अटल आश्रय योजना मे तात्या टोपे नगर मे 461 आवासो का निर्माण किया था और इसमें एलआईजी क्लास के 114 और ईडब्लूएस के 347 आवासो का निर्माण किया था। शिवपुरी समाचार की हाउसिंग बोर्ड एक्सपोस इस खबर में सबसे पहले आप यह जान ले कि एलआईजी  

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में "एलआईजी" का मतलब "निम्न आय वर्ग" (Low Income Group) होता है। यह एक ऐसा आवास योजना है जो उन परिवारों के लिए बनाई गई है जिनकी आय कम है, आमतौर पर 3 लाख से 6 लाख प्रति वर्ष के बीच होती है।

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस (EWS) का मतलब "आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग" (Economically Weaker Section) होता है। यह एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

शिवपुरी के तात्याटोपे नगर में हाउसिंग बोर्ड के कर्ताधर्ताओ ने एलईजी के आवास शहर के करोडपतियो को आबंटित किए जाने का मामला प्रकाश में आ रहा है। इन आवासो की सूची में पटवारी,रेजंर,सहित स्वय हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियरो के मकान है। वही कुछ ऐसे लोगो को नाम भी 461 लोगो के नाम है जिन पर शहर के पुरानी वाली हाउसिंग बोर्ड में मकान है,जो अब कोठीयो के रूप मे कनवर्ड हो चुके है। वही इस कॉलोनी मे मकान मालिको की सूची मे कुछ ऐसे लोगो के नाम भी दिखाई दे रहे है जो अभी बैचलर है,और उनकी शादी भी नही है स्वाभिक है इनके फर्जी राशन कार्ड लगाए है।


हाउसिंग बोर्ड की यह है गाइडलाइन और शर्ते
इन आवासो के स्वीकृत मालिक 15 वर्ष से पूर्व इस मकान को बेचने के लिए हाउसिंग बोर्ड से अनुमति लेनी होगी।

इन आवासो के पट्टेधारी इन आवास परिसर आवासीय उपयोग के अतिरिक्त काई उपयोग करेगा और ना ही किसी और को करने की अनुमति देगा।

इन आवासो मे पट्टेधारी ही निवास कर सकता है,किराए पर नही दे सकता है। इन आवासा पर निर्माण कार्य नही किया जा सकता है।


461 आवास में 381 आवास किराए पर
सरकार से गरीब बनाकर स्वयं के रहने के लिए गए आवास शहर के करोडपति,नौकरी पैशा लोगो ने लिए है। इनमे से 381 आवास ऐसे है जिनके पट्टेधारी अन्य किसी जगह निवास कर रहे हैं। यह अपनी आलीशान कोठी में निवास कर रहे है या फिर सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे है। इन लोगो को जब आवास की आवययकता नही थी तो फिर इन लोगो ने आवास क्यो लिए है यहां पात्र लोगो को आवास छिने गए है। हाउससिंग बोर्ड को इस कॉलोनी के पट्टेधरियो के जांच करनी चाहिए वही किराए पर चढाए गए आवास धारियो को कब्जे से बेदखल कर इन आवासो की पुन:नीलामी प्रक्रिया करनी चाहिए।