शिवपुरी। शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम मानकपुर में एक परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर न्याय के लिए पहुंचा,वहीं पीड़िता ने बताया कि आरोपी मेरे पिता की हत्या के बाद अब मेरे पीछे पड़े हुए है,आरोपियों ने रिपोर्ट वापस लेने के लिए मुझपर दबाव बनाया, जब मैंने रिपोर्ट वापस लेने से मना किया तो आरोपियों ने मेरे साथ भी मारपीट कर दी, वहीं मुझे बेहोशी की हालत में मरा हुआ समझकर वहां से फरार हो गये। जब मुझे होश आया तब मैंने सिरसौद थाने शिकायत लेकर पहुंचा,लेकिन पुलिस उनके साथ मिली हुए हैं,इसलिए साधारण धाराओं में मामला दर्ज कर मुझे वहां से भगा दिया।
जानकारी के अनुसार मनीष जाटव ग्राम मानकपुर थाना सिरसौद ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते 17 जनवरी 2026 को आरोपी प्रहलाद जाटव के पुत्र विक्की जाटव ने जानबूझकर अपनी पिकअप वैन से मेरे वृद्ध पिता लाल हंसी जाटव को कुचल दिया था। गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती पिता की मृत्यु हो गई। मनीष का आरोप है कि पुलिस ने इसे हत्या के बजाय दुर्घटना का मामला दर्ज किया, क्योंकि आरोपी धनबल और दबगं हैं।
परिवार पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव
पिता की मृत्यु के बाद से ही आरोपी प्रहलाद जाटव, उसके पुत्र संजय, राहुल और विक्की लगातार रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित के घर का रास्ता तक बंद कर दिया है। 1 मार्च 2026 को जब मनीष घर जा रहा था, तब प्रहलाद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक उसकी छाती पर अड़ा दी और बेटों के साथ मिलकर लाठियों व बंदूक की बट से उसे मरणासन्न होने तक पीटा। आरोपी उसे मरा हुआ समझकर भाग निकले।
पीड़ित का आरोप है कि जब वह लहूलुहान हालत में सिरसौद थाने पहुँचा, तो पुलिस ने आरोपियों के धनबल के प्रभाव में आकर मामूली धाराओं में केस दर्ज किया। पीड़ित ने एसपी को बताया कि पुलिस आरोपियों का पक्ष ले रही है और उसे ही डरा-धमका रही है।
जानकारी के अनुसार मनीष जाटव ग्राम मानकपुर थाना सिरसौद ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते 17 जनवरी 2026 को आरोपी प्रहलाद जाटव के पुत्र विक्की जाटव ने जानबूझकर अपनी पिकअप वैन से मेरे वृद्ध पिता लाल हंसी जाटव को कुचल दिया था। गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती पिता की मृत्यु हो गई। मनीष का आरोप है कि पुलिस ने इसे हत्या के बजाय दुर्घटना का मामला दर्ज किया, क्योंकि आरोपी धनबल और दबगं हैं।
परिवार पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव
पिता की मृत्यु के बाद से ही आरोपी प्रहलाद जाटव, उसके पुत्र संजय, राहुल और विक्की लगातार रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित के घर का रास्ता तक बंद कर दिया है। 1 मार्च 2026 को जब मनीष घर जा रहा था, तब प्रहलाद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक उसकी छाती पर अड़ा दी और बेटों के साथ मिलकर लाठियों व बंदूक की बट से उसे मरणासन्न होने तक पीटा। आरोपी उसे मरा हुआ समझकर भाग निकले।
पीड़ित का आरोप है कि जब वह लहूलुहान हालत में सिरसौद थाने पहुँचा, तो पुलिस ने आरोपियों के धनबल के प्रभाव में आकर मामूली धाराओं में केस दर्ज किया। पीड़ित ने एसपी को बताया कि पुलिस आरोपियों का पक्ष ले रही है और उसे ही डरा-धमका रही है।