सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में, आज से हीट-डे शुरू, शिवपुरी जिले में गर्म हवाओं का यलो अलर्ट जारी - SHIVPURI NEWS

Bhopal Samachar

काजल सिकरवार शिवपुरी। मध्यप्रदेश इस समय भयानक गर्मी के दौर से गुजर रहा है,और इसकी चपेट में शिवपुरी जिला भी है,वही आज से नौतपे भी शुरू हो रहे है,मई के माह में अब तक की सबसे ज्यादा गर्म होने वाले दिन आने वाले है। इस कारण मौसम विभाग ने हीटवेव का यलो अलर्ट जारी कर दिया है। गुरुवार को हुई हल्की बूंदाबांदी के कारण शुक्रवार का दिन थोड़ा राहत भरा रहा। शुक्रवार को तापमान अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि गुरुवार का अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया था।

आज से ज्येष्ठ माह शुरू,तपगें नौ दिन

ज्येष्ठ माह के शुरू के नौ दिनों तक सूर्य देव अपनी प्रचंड गर्मी से लोगों को बेहाल करेंगे। आज शुक्रवार से ज्येष्ठ माह प्रारंभ होगा और शनिवार 25 मई से नौ दिनों तक नौतपा रहेगा। नौ दिनों तक भयंकर गर्मी से मानसून के आने का संकेत भी मिलता है। बारिश से पहले नौतपा में तापमान सर्वाधिक होता है।

नौतपा किसे कहते हैं

ज्योतिष में सभी नौ ग्रहों की अलग-अलग स्थितियां होती हैं। जिनके आधार पर कुछ योग और नाम होते हैं। इसी तरह ग्रहों के देव सूर्य की नक्षत्रों के आधार पर कुछ स्थितियां होती हैं। जिसमें से एक नौतपा है। ज्योतिषाचार्य पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा मंशापूर्ण वालो के अनुसार जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश  करते हैं तो इस स्थिति को नौतपा कहा जाता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा मंशापूर्ण वालो के अनुसार जब रोहिणी नक्षत्र में सूर्य  प्रवेश करता है तो इस दौरान जो स्थिति निर्मित होती है उसे नौतपा कहते हैं। आपको बता दें ये हर साल 25 मई से ही शुरू  होते हैं। बस इनका समय बदल जाता है। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होकर 3 जून तक चलेंगे। रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही सूर्य देव अपने प्रचंड रूप के दर्शन कराने लगते हैं। यही कारण है कि इससे धरती का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है।

इस बीच तापमान सबसे ज्यादा होता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। इस कंडीशन मे पृथ्वी पर चांद की रोशनी कम पहुंचती हैं जबकि धूप और अधिक तेज हो जाती है। मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने लगता है। फिर यही क्षेत्र समुद्र की लहरों को आकर्षित करता है। इसलिए इसे नौतपा कहते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार ये महीना ज्येष्ठ का होता है।

25 मई को इतने बजे सूर्य बदलेंगे नक्षत्र
वैसे तो नौतपा हर साल 25 मई से ही शुरू होते हैं। इनका समय बदल जाता है। इस साल यानी वर्ष 2024 में सूरज 25 मई को दोपहर के बाद रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा तभी से नौतपा शुरू हो जाएंगे। इस दौरान मेष राशि में सूर्य  के साथ बुध भी रहेगा।

सूर्य पर रोहिणी नक्षत्र की नजर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा साल में एक बार होता है जब सूर्य पर रोहिणी नक्षत्र  की दृष्टि पड़ती है। सूर्य किसी भी नक्षत्र में 15 दिन के लिए होता है। लेकिन आपको बता दें इसके शुरू होने के पहले चन्द्रमा जिन 9 नक्षत्रों पर रहता है वह दिन नौतपा (Nautapa 2024) कहलाते हैं।

नौतपा में पृथ्वी की स्थिति
ज्योतिषाचार्य की मानें तो जेठ के महीने में सूर्य के वृष राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला तक नौतपा कहलाता है। इस दौरान तेज गर्मी बारिश के अच्छे योग बनते हैं। हमारे हिन्दू धर्म में ऐसा माना जाता है कि नौतपा जितने अधिक तपते हैं तो उस साल बारिश भी अच्छी होती है।


नौतपा में बारिश हो जाए तो क्या होता है
ज्योतिषाचार्य पंडित राम गोविंद शास्त्री के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आद्रा नक्षत्र से लेकर दस नक्षत्रों तक यदि बारिश हो तो पूरे बारिश के मौसम में अच्छी बारिश के योग माने जाते हैं। यदि इन दसों नक्षत्रों में बारिश न हो तो और इन्हीं नक्षत्रों में तीव्र गर्मी पड़ जाए तो समझो उस साल बारिश जमकर होगी।

ऐसा माना जाता है कि नौतपा में पानी नहीं गिरना चाहिए। यदि नौतपा के नौ दिनों पानी गिर जाए तो बारिश अच्छी नहीं होती। वो इसलिए क्योंकि नौतपा के नौ दिनों में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधे गिरने से जमीन अच्छी तपती है। जिससे समुद्र के पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है। वाष्पीकरण होने से घने बादल बनते हैं और इससे मानसून में अच्छी बारिश होने के आसार बनते हैं।

ज्योतिष में नौतपा की परिभाषा
आपको बता दें ज्योतिष शास्त्र में जब चंद्रमा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आर्द्रा से स्वाति नक्षत्र तक अपनी स्थितियों में हो एवं तीव्र गर्मी पड़े, तो ये स्थिति नौतपा कहलाती है। अगर रोहिणी के दौरान अगर बारिश हो जाती है तो इसे रोहिणी नक्षत्र का गलना भी कहा जाता है। दूसरी बुंदेलखंडी भाषा में कहें तो इसे तपों का चूना भी कहते हैं।

रोहिणी नक्षत्र का सूर्य पर असर
सूर्य तेज और प्रताप का प्रतीक माना जाता है जबकि चंद्रमा शीतलता का। रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा ही है। जब सूर्य चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो सूर्य चंद्रमा के इस नक्षत्र को भी अपने प्रभाव में ले लेता है। जिसके कारण रोहिणी नक्षत्र का तापमान भी बढ़ने लगता है। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में आता है तो इस दौरान तापमान बढ़ने से धरती पर आंधी, तूफान आने की आशंका भी बढ़ जाती है।

मौसम वैज्ञानिक के आने अनुसार नौपते में 27 मई के दिन पारा 46 डिग्री तक पहुंच सकता है,राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाए जलाकर रख देगी,कुल मिलाकर यह नौ दिन हीट-डे रहेगें। 



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