SHIVPURI NEWS - मेडिकल कॉलेज रहेगा प्रभारी डीन के भरोसे, डॉ शाक्य यहां आने को तैयार नही

Bhopal Samachar

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों की तरह ही शिवपुरी मेडिकल कॉलेज भी प्रभारी डीन के भरोसे ही चल रहा था। हाईकोर्ट की फटकार के बाद लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के 18 मेडिकल कॉलेज में डीन की नियुक्ति के आदेश कर दिए थे। इन 18 मेडिकल कॉलेज की सूची में शिवपुरी का नाम था। इस आदेश के बाद लगने लगा था कि मेडिकल कॉलेज का काम अब सुचारू रूप से चलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ शिवपुरी के मेडिकल कॉलेज के लिए भेजे गए डीन डॉ देवेन्द्र कुमार शाक्य ने शिवपुरी ज्वाइन करने से साफ इंकार कर दिया है।  इसी के साथ शिवपुरी कॉलेज में डीन को लेकर मामला गड़बड़ा गया है।

जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय ने प्रोफेसरों से आवेदन लेकर इंटरव्यू के बाद सोमवार को मेरिट लिस्ट निकाली थी। मेरिट आधार पर मंगलवार को 18 डीन की नियुक्तियां कर दी हैं। ग्वालियर के प्रोफेसर डॉ देवेंद्र कुमार शाक्य को जीएमसी शिवपुरी की जिम्मेदारी सौंप दी।

मीडिया से बातचीत में डॉ शाक्य ने स्पष्ट कहा कि वह शिवपुरी में डीन पद ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। डॉ. शाक्य का तर्क है कि वह साल 2005 से ग्वालियर में प्रोफेसर हैं। 19 साल प्रोफेसर व एसटी वर्ग से होते हुए भी प्रदेश में सबसे सीनियर होने के साथ मेरिट में सामान्य वर्ग से तीसरे नंबर पर रहे। डॉ शाक्य ने खुद के कैंसर मरीज होने का भी हवाला देते हुए ग्वालियर छोड़कर कहीं नहीं जाने की बात कही है।

डॉ शाक्य का कहना है कि उनकी इच्छा ग्वालियर में कुछ सुधार कार्य करने की थी। इंटरव्यू के दौरान भी अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया था। इसके बाद भी ग्वालियर में डीन नहीं बनाया। डॉ शाक्य ने बताया कि वह प्रदेश के डीन से भी सीनियर हैं। बताया जा रहा है कि जिस प्रोफेसर को ग्वालियर का डीन बनाया है, वह भी ज्वाइन नहीं कर रही है।

अन्य प्रोफेसरों ने भी दूसरे कॉलेज में डीन का पदभार ग्रहण करने से इनकार कर दिया है। विभाग की चयन प्रक्रिया के बाद अब डीन की नियुक्तियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो डीनों की नियुक्तियां जिस तरह हुई हैं, उससे फिर से व्यवस्थाएं बिगड़ सकती हैं।
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