SHIVPURI NEWS - सहकारी बैंक के 100 करोड़ के घोटाले में नगर पालिका शिवपुरी भी हो गई कंगाल,पढ़िए क्यों

Bhopal Samachar

शिवपुरी। शिवपुरी जिले कोलारस के सहकारी बैंक घोटाले में शिवपुरी का विकास भी रुक रहा है। कॉपरेटिव बैंक शाखा कोलारस में हुए 100 करोड़ के घोटाले से शिवपुरी जिला शाखा सहित जिले भर की सहकारी बैंक शाखाओं में कंगाली छा गई। इस बैंक में नगर पालिका शिवपुरी का खाता भी है जिसमे 4 करोड़ 13 लाख रुपए जमा हैं। इस पैसे के रूक जाने के कारण नगर पालिका के द्वारा कराए जाने वाले शहर के विकास कार्य रुक गए हैं।

वही दूसरी ओर नगर पालिका शिवपुरी ने अपनी ओर से थीम रोड पर लगी लाइटो का पेमेंट कर दिया है,मप्र शासन ने यह राशि स्वीकृत तो कर दी थी लेकिन आई नही। वही चुंगी से मिलने वाली रकम भी बिजली के बिल में सीधे जमा हो रही है इस कारण शहर के विकास रुक गए है। वही बिजली के कंपनी का नगर पालिका का 14 करोड़ का पेमेंट शेष है इस कारण उसने भी तगादा शुरू कर दिया है वह कभी भी शहर के ट्यूबवेल की लाइट काट सकती है इस कारण नगर में पेयजल संकट गहरा सकता है।

जानकारी मिल रही है कि कोर्ट पर स्थित सहकारी बैंक की शाखा में  नगरपालिका शिवपुरी के खाते में 4 करोड़ 13 लाख रुपए जमा है। यह राशि न केवल विभिन्न मदों में आई थी, बल्कि कोर्ट रोड टंकी के पास जमा होने वाला जलकर एवं नपा का संपत्ति कर भी नपा कर्मी इसी बैंक में जमा कर रहे थे। जब नपा सीएमओ को पता चला कि डिफाल्टर बैंक में ही हमारे कर्मचारी नपा की आमदनी जमा कर रहे हैं, तो उन्होंने वो बंद करवाकर दूसरे बैंक में खाता खुलवाकर उसमें राशि जमा करवाना शुरू कर दिया। लेकिन तब तक नपा की जमा होने वाली राशि से ही घोटालेबाज बैंक अपने उपभोक्ताओं को 2-2 हजार रुपए बांटती रही।

ऐसे आई नपा आर्थिक संकट में
बिजली बिल की बकाया राशि अधिक हो जाने की वजह से नगरीय प्रशासन भोपाल से शिवपुरी को मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति राशि में से बिजली कंपनी भोपाल को लगभग 2.50 करोड़ रुपए की राशि जमा कर ली थी। जब चुंगी क्षतिपूर्ति राशि राजधानी से नहीं आई तो नपा के जिम्मेदारों ने पता करवाया, तो बताया गया कि उस राशि से नपा शिवपुरी पर बकाया बिजली बिल की कुछ राशि जमा कर दी है।

अभी तक पैसा भी नहीं मिला है
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के सामने बनाए गए पाम पार्क एवं थीम रोड के सौंदर्गीकरण के लिए पूर्व सीएम ने 8.50 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। घोषणा के आधार पर शिवपुरी शहर में पाम पार्क बनने के साथ ही थीम रोड सौंदर्गीकरण भी हो गया। यह काम बाहर के ठेकेदार ने किया था, जो भुगतान के लिए दबाव बनाने लगा। चूंकि निर्माण एजेंसी नपा शिवपुरी थी, इसलिए अपने मद में से 2 करोड़ रुपए भुगतान कर दिया, लेकिन अभी तक एक धेला नहीं आया।


550 ट्यूबवेल हैं बिल के हो गए 14 करोड़
चुंगी क्षतिपूर्ति गंवाने के दर्द से नपा अभी उबर भी नहीं पाई थी कि अब शिवपुरी बिजली कंपनी ने नगरपालिका के दफ्तर में 14 करोड़ रुपए के बिजली बिल भुगतान के लिए चक्कर लगाना शुरू कर दिया। शहर में नपा के लगभग 550 ट्यूबवेल हैं, इसके अलावा स्ट्रीट लाइट एवं सिंध जलावर्धन योजना के तहत इंटेकवेल एवं फिल्टर प्लांट सहित पानी की टंकी भरने के लिए चलने वाली मोटरों में होने वाली बिजली की खपत का यह बिल है।

बकाया था डेढ करोड के आसपास आए 20 लाख
अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने तथा होने वाले नियमित खर्चों के लिए नगर पालिका ने शहर में मौजूद नपा के मार्केट में दुकानें लेकर प्रीमियम व किराया जमा न करने वाले 97 बकायादारों के नामों के बैनर जगह-जगह लगवाए। दुकान लेने के बाद नपा में 1.47 करोड़ रुपए की राशि बकाया है, जिसमें से बैनर लटकने के बाद कुछ लोगों को ही शर्म महसूस हुई, जिसके चलते महज 20 लाख रुपए हो जमा हुए।

खाते में फसे है पैसे
कॉपरेटिव बैंक में नपा के 4.13 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं तथा हमारे कर्मचारी उसी खाते में पैसा जमा कर रहे थे, जिससे बैंक वाले 2-2 हजार रुपए के ग्राहक निपटा रहे थे। हमने खाता बंद करवाया। पाम पार्क का अभी कुछ नहीं आया, यदि बैंक से मिल जाते तो कुछ काम चल जाता।
डॉ.के एस सगर,सीएमओ नपा शिवपुरी
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