SHIVPURI NEWS - माधव नेशनल पार्क के रडार गायब टाइगर को नए साल से पर्यटकों को दिखाने की ​कोशिश तेज

Bhopal Samachar

शिवपुरी। शिवपुरी में टूरिज्म उद्योग बढ़ाने के लिए बीते मार्च माह में माधव नेशनल पार्क में दो मादा व एक नर टाइगर रिलीज किए गए थे। टाइगरो ने अपनी टेरिटरी चुन ली है,इनमें से एक नर व बाद में लाई गई दूसरी मादा टाइगर के गले में लगी कॉलर आईडी बीते अक्टूबर माह से खराब हो गई,इसलिए यह टाइगर रडार से गायब है। गायब हुए टाइगर की खबरों के बीच यह खबर भी हा रही है कि पार्क प्रबंधन नए साल से टाइगर को सैलानियों को दिखाने के लिए तैयारी में जुट गया है।


पार्क में पिछले लंबे समय से टाइगर एक ही जगह बलारपुर वीट में रुके हुए है। यह पार्क का वह क्षेत्र है जहां पब्लिक नही जाती है। वाइल्ड लाइफ ने इस क्षेत्र को टाइगर जोन घोषित करते हुए टाइगर जोन बनाने की मंजूरी दे दी है। टाइगरों को देखने के लिए सैलानियों को टाइगर जोन एरिया में ले जाया जाएगा जहां उन्होंने ठिकाना बनाया है। इससे पूर्व रास्ता बनाया जाएगा जिसमें लगभग एक माह का समय लगेगा। नए साल में सैलानियों को यह सौगात मिल जाएगी।


बलारपुर के बियावान जंगल में ऐसी जगह बनाया है, जहां पर पहले कभी सैलानियों को ले जाया नहीं जाता था। इसलिए वहां तक न तो रास्ते हैं और न ही लोगों की पहले कभी आवाजाही रही है, यही वजह है कि अब इस नए क्षेत्र में सैलानियों के पहुंचने के लिए नेशनल पार्क प्रबंधन रास्ते बना रहा है। टाइगर अपनी टेरिटरी में ही रहते हैं तथा वो पार्क के दूसरे हिस्से में यदा- कदा ही जाते हैं, इसलिए नेशनल पार्क प्रबंधन अब टाइगर दिखाने के लिए सैलानियों को भरकुली पर नया गेट तथा टिकट काउंटर बनाने की तैयारी कर रहा है।


खुले वाहन से होगे टाइगर दर्शन
टाइगर को देखने के लिए सैलानी चारों तरफ से बंद वाहन में नहीं जाते हैं। नेशनल पार्क प्रबंधन ने भी ऐसे वाहनों की उपलब्धता के लिए प्रयास किए थे, लेकिन अभी तक कोई वाहन मालिक सामने नहीं आया है। पार्क प्रबंधन को यह उम्मीद है कि सैलानियों को ले जाने के लिए जल्द ही उन्हें वाहन उपलब्ध हो जाएंगे। इसमें ओपन अन्य दूसरे वाहन भी चलाए जा सकते हैं। प्रबंधन का यह प्रयास है कि नए साल पर इस जोन को शुरू करने के लिए ओपन वाहन मिल जाएंगे और सैलानियों को टाइगर देखने का मौका मिल सकेगा।

पार्क कर्मियों को मुश्किल दिख रहे टाइगर
नेशनल पार्क के बलारपुर जंगल में बसे टाइगरों में से दो की कॉलर आईडी खराब होने की वजह से हाथियों की मदद से टाइगरों पर नजर रखने की कोशिश चल रही है। टाइगर ऐसे बियावान एवं ऊंची-नीची पहाड़ियों के बीच में से आवाजाही करते हैं कि वहां तक हाथी का पहुंच पाना मुश्किल होता है। नेशनल पार्क के कर्मचारियों को टाइगर भले ही नजर नहीं आता, लेकिन ओपन वाहन से जाने वाले सैलानियों को टाइगर घूमते या सड़क पार करते आसानी से नजर आ जाएगा।

न्यू ईयर से शुरू करने की तैयारी
टाइगर वाले एरिया में भर कुली वन चौकी एरिया से सैलानियों को प्रवेश दिया जाएगा। यहां पर गेट आदि का काम भी चल रहा है तथा रास्ते भी सुधारे जा रहे हैं। ओपन वाहन अभी तक रजिस्टर्ड नहीं हुए, जबकि हमारा प्रयास है कि न्यू ईयर से इसकी शुरुआत कर दें।
उत्तम कुमार शर्मा,सीसीएफ सिंह परियोजना शिवपुरी
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