SHIVPURI NEWS - सारांश बने देश के सबसे यंगेस्ट IES,सिद्ध हुआ INDUCTANCE EDUCARE है The Power of Education In Shivpuri

Bhopal Samachar
शिवपुरी। शिवपुरी के 22 साल के सारांश गुप्ता यूपीएससी आईईएस 2023 परीक्षा क्रेक करने में सफलता हासिल की है,सारांश देश में 20वीं रैंक हासिल की है यह सफलता सरांश ने अपने पहले ही प्रयास में अर्जित की है। सारांश के इस उपलब्धि ने फिर सिद्ध किया है कि शिवपुरी की INDUCTANCE EDUCARE एजुकेशन संस्था शिवपुरी की The Power of Shivpuri In Education है। इससे पूर्व भी इस संस्था के बच्चों ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं को क्रैक किया है।

सारांश गुप्ता ने शिवपुरी के INDUCTANCE EDUCARE में 2 साल 2018-2019 और 2019-2020 के शिक्षा सत्र में आईआईटी की कोचिंग ली थी। इस कोचिंग के कारण सारांश का सिलेक्शन आईआईटी बीएचयू में बीटेक के लिए हुआ था। सरांश ने बीएचयू के दौरान ही यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी की जिसमें पहले ही प्रयास में आईईएस की परीक्षा क्रेक की,सारांश की इस सफलता की पीछे शिवपुरी की इनडेक्टरेशन ऐजूकेयर का हाथा है कि सरांश को इस कोचिंग के कारण बेस मजबूत हुआ है।

सारांश ने बताया कि मैंने जब बनारस यूनिवर्सिटी से आईआईटी में प्रवेश लिया था तभी तय कर लिया था कि मुझे सामान्य इंजीनियर नहीं बनना है। मैं यूपीएससी फाइट कर आईईएस उत्तीर्ण करूंगा। इसके लिए मैंने जब से यूपीएससी शुरू हुई तब से लेकर 25 साल के प्रश्न पत्रों को देखा और अभ्यास शुरू किया। जब मुझे लगा कि मैं इन्हे हल कर सकता हूं तो पढ़ाई पर फोकस किया और सफलता मिल गई।

सारांश ने कक्षा 12 में बेहतर रैंक हासिल करने के साथ मैंने जेईई मेंस और एडवांस निकाल ली। जिसमें मेरी ऑल इंडिया 6059 रैंक आई। मेरा बीएचयू की पढ़ाई के दौरान ही टाटा प्रोजेक्ट में 16 लाख के पैकेज पर चयन हुआ, लेकिन मैंने ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद मैंने आईआईटी सिविल इंजीनियरिंग बीएचयू से पास करने के साथ ही 2023 फरवरी में गेट क्वालीफाई किया।

मैंने इसमें भी गेप नहीं लिया। इस परीक्षा में मेरी देश में तीसरी रैंक थी और जब मई 2023 में आईआईटी पूरी हुई तो यूपीएससी का प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू दिया। जिसमें सफलता मिल गई। यहां भी गेप नहीं लिया। कुल मिलाकर 22 साल की उम्र में मुझे यह सफलता बिना रुकावट के मिल गई।
कभी सोचा था।

यूपीएससी फाइट करना है यह तो मैंने सोच रखा था। मेरा 12 सितंबर 2001 का जन्म है और यूपीएससी फाइट करने के लिए 21 साल की उम्र अनिवार्य है। जब फरवरी 2023 में फार्म भरा तब मैं 21 का हो चुका था। मेरा 22 साल की उम्र में चयन हुआ है इसलिए मुझे लोग यंगेस्ट आईईएस अधिकारी कहने लगे हैं। युवाओं को क्या नसीहत देंगे, वह कैसे तैयारी करें। जीवन में लक्ष्य बनाना अनिवार्य है। मैंने लक्ष्य बनाया और इसके अनुसार ही मेहनत की, जिससे मुझे सफलता मिली। मैं आईआईटी के साथ पिछले 3 साल से लगातार प्रैक्टिस कर रहा था। मैंने कोरोना में मिले फ्री समय का लाभ उठाया।

मैंने परीक्षा से पहले लगातार प्रैक्टिस की, टेस्ट सीरीज हल कर 16 विषयों की विषयगत कमजोरियां दूर की जिससे मुझे सफलता मिल गई। युवाओं को यदि यह सफलता हासिल करनी है तो 16 विषयों में से किसी भी विषय को छोड़ नहीं सकते इसलिए तैयारी सभी विषयों की अनिवार्य करनी होगी।

मैं जूनियर से यही बोलता हूं शुरुआत जल्दी करो, चौथे सेमेस्टर से तैयारी शुरू कर दो। कोर्स ज्यादा है, सिलेबस कंप्लीट नहीं हो पाता। 2 सब्जेक्ट भी छोड़ते हो तो आप रेस में पीछे रह जाओगे। एक लाख लोगों ने परीक्षा दी और 215 सीट में से 20 वी सीट मुझे मिली। मेरे प्रेरणा स्रोत मेट्रो मैन आफ इंडिया- ई श्रीधरन हैं। जिनकी जीवनी पढ़कर मैंने अपना भविष्य तय किया।
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