जेल के जुर्म के खिलाफ कैदी का जेल में आमरण अनशन, माता की बोल गत वाली चुटिया का मामला- Shivpuri News

शिवपुरी।
कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर शिवपुरी को एक परिवार ने जेल में बंद अपने बेटे की चुटिया काटने के मामले का आवेदन दिया था,आवेदन के अनुसार जेल में बंद बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसकी चुटिया काट दी,इस मामले में सुनवाई न होने के कारण अब बंदी ने जेल के जुर्म के खिलाफ आमरण अनशन शुरू करने की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि जेल मे बंद बंदी पिछले चार दिन से आमरण अनशन कर रहा है। इस संबंध में अब सहरिया क्रांति ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है।

उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले दुर्योधन आदिवासी निवासी शिवपुरी को शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल प्रशासन ने जेल में उसकी कटिंग के दौरान कथित तौर पर उसके विरोध के बाबजूद उसकी माता पर चढ़ाने के लिए रखी गई बोलगत वाली चुटिया को काट दिया। इस चुटिया के कटने के उपरांत दुर्योधन मानसिक रूप से परेशान रहने में लगा। दुर्योध्न ने जब यह बात अपने स्वजनों को बताई तो उसकी मां ने कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह के यहां आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।

इसके अलावा मानव अधिकार आयोग में भी मामले की शिकायत दर्ज कराई गई हैं। वही चुटिया कटने के बाद मानसिक रूप से परेशान दुर्योधन ने चार दिन पूर्व से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि जेल में बंद बंदी पिछले दिनो से कुछ खा पी नही रहा है मामले को संज्ञान में भी नहीं लिया गया है। ऐसे में अगर कैदी का स्वास्थ्य खराब हो जाता है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा ?

इनका कहना है
मुझे दुर्योधन के स्वजनों के माध्यम से इस बात की जानकारी लगी है कि वह जेल में चोटी काटने से क्षुब्ध होकर तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठा हुआ है उसने न तो कुछ खाया है। और न ही कुछ पीया है। इसके बावजूद जेल प्रबंधन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इस मामले में जेल के उन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने जबरन उसकी चोटी काटी है। अगर दुर्योधन को कुछ होता है उसके लिए जेल प्रबंधन जिम्मेदार होगा। हम दुर्योधन को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करेंगे।
संजय बेचैन, संयोजक-सहरिया क्रांति

मेरे संज्ञान में यह मामला आया है, लेकिन युवक ने जेल प्रबंधन को कोई जानकारी नहीं दी है कि वह अनशन या भूख हड़ताल पर है। मैं अभी बाहर हूं, जेल पहुंचने के बाद पूरे मामले को संज्ञान में लेता हूं। यह भी संभव है कि वह चोरी छिपे कुछ खा पी रहा हो और दबाव बनाने के लिए इस तरह से प्रचारित किया जा रहा हो।
आरसी आर्य,जेल अधीक्षक-शिवपुरी सर्किल जेल