Shivpuri News- कोतवाली में सत्ता की गुंडागर्दी, कोतवाली के गेट तोड़कर बंद युवक को छुड़ाने का प्रयास: पुलिस चुप

शिवपुरी।
सुशासन और नियमों की बात करने वाली भाजपा के कार्यकर्ताओ ने बीती शाम एक विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार इस देश को प्रत्येक नागरिक का अधिकार है,लेकिन गुडागर्दी करने का नही। हेलमेट पर चालनी कार्रवाई को लेकर उपजे विवाद में भाजपा के कार्यकर्ताओ ने कोतवाली के गेट तोड़कर घुसने का प्रयास किया,बिना हेलमेट गाड़ी चला रहे एक युवक पर चालानी कार्रवाई करने से रोका। क्या कल सच में कोतवाली पुलिस डर गई,या सत्ता का डंडा उसे डरा रहा था जो उसे गेट लगाने पडे। हालांकि इस मामले की जांच की जा रही है

इस मामले को कम शब्दों में समझने का प्रयास करते है। यातायात सप्ताह के अंतर्गत माधव चौक चौराहे पर यातायात पुलिस ने पोईट लगाकर बिना हेलमेट लगाए बाइक सवारों की चालानी कार्रवाई कर रही थी। एक बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए एक युवक को पुलिस ने रोका और चालान करने की बात कही,युवक ने अपना नाम अजमेर सिंह बताते हुए भाजपा युवा मोर्चे का नेता बताया,लेकिन पुलिस बिना चालान के बाईक छोड़ने को राजी नहीं हुई। अजमेर सिंह ने सांसद प्रतिनिधि और युवा मोर्चा के महामंत्री मयंक दुबे को फोन लगाया और अपने चालान की बात कही। मयंक दुबे ने कहा मेरी फोन से बात कराओ,लेकिन यातायात प्रभारी रणवीर यादव ने फोन से बात करने की मना कर दी।

2 लाख का करो चालान-युवा मोर्चा का महा मंत्री और सांसद प्रतिनिधि हूं

इस घटनाक्रम के विवाद के वीडियो वायरल हो रहे है मंयक दुबे यातायात प्रभारी को उंगली दिखाते हुए कह रहा है कि में मयंक दुबे हूं और युवा मोर्च का महामंत्री ओर सांसद प्रतिनिधि हूं, अब मुझे नही जानते नही हो,करो चालान कितने का करोगें,एक हजार का,दो हजार को पांच दस हजार का एक लाख या दो लाख। यहां लिख सकते है कि जो ढाई सौ रुपए का चालान करने को तैयार नहीं वह दो लाख का चालान कैसे कराऐगे ।

टंटे की जड़ बाइक और नेताजी को कोतवाली पुलिस उठा ले गई

बताया जा रहा है पब्लिक में यातायात सप्ताह की धज्जियां उडाई जा रही थी। कोतवाली पुलिस आई और टंटे की जड़ अजमेर यादव और बाइक को कोतवाली में उठा ले आई 

भाजपा कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी शुरू,गेट तोड़कर घुसने का प्रयास

जब कोतवाली पुलिस टंटा कराने वाले नेताजी और बाइक को उठा ले गई तो मयंक दुबे ने भाजपा कार्यकर्ताओ को फोन लगाना शुरू कर दिया। भाजपा युवा मोर्चे के 2 दर्जन कार्यकर्ता सहित वार्ड क्रमांक 38 के पार्षद वेंदाश सविता पहुंच गए और कोतवाली मे बैठकर नारे लगाने लगे। कोतवाली के गेट तोडने का प्रयास किया गया,कोतवाली में बंद अजमेर सिंह लोधी को बहार निकालने का प्रयास किया गया। कोतवाली में पदस्थ पुलिसकर्मी केवल समझाइश देते रहे।

क्या कोतवाली पुलिस डर गई-या डराई गई

कल जो हुआ वह पहली बार देखने को मिला,कोतवाली मे लोग आकर उग्र होते है पुलिस के खिलाफ नारे लगाते है,लेकिन अभी कोतवाली पुलिस ने गेट नहीं लगाए। यह बड़ा घटनाक्रम था कि सचमुच इन युवा नेताओं से कोतवाली पुलिस डर गई थी कि पुलिस को किसी सत्ता में बैठे नेताजी ने डराया। पुलिस ने पुलिसिया अंदाज में कार्रवाई नहीं की। मामला बढ़ता देख पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और इस मामले की जांच करने के ओदश SDOP शिवपुरी को कर दिए।

अब उठ रहे है सवाल

एसडीओ शिवपुरी ने मीडिया को बयान दिया है कि इस विवाद की जांच की जा रही है,लेकिन सवाल उठता है कि किस विवाद की जांच,सत्ता की जोर पर बिना चालान के बाइक को छुड़ाकर ले जाना,या किसी पुलिस अधिकारी को अपने काम से रोकना,या फिर कोतवाली में भीड़ के रूप में प्रवेश करना,आखिर किस बात की जांच की जा रही है। सिटी कोतवाली में ऐसा पहली बार देखा गया है कि कभी कोतवाली के गेट लगे है। हंगामे के वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है वह कोतवाली न होकर कोई टॉकीज हो और टॉकीज वाले ने टिकट बांट कर फिल्म दिखाने से मना कर दिया हो,और टिकट धारी युवा गेट तोड़कर टॉकीज मे घुसने का प्रयास किया जा रहा हो। मामला इतना बड़ा भी नहीं था।

यातायात पुलिस की कोई गलती भी नहीं थी,नेता जी लगातार उंगली उठाकर बात कर रहे थें,शुद्ध रूप से भाजपा कार्यर्ताओ की गुंडगदी्र एक पब्लिक प्लेस पर दिख रही थी यही गुंडागर्दी कोतवाली में दिखाई दे रही थीं। पुलिस को तत्काल इन भाजपा के नेताओं पर कार्यवाही करनी चाहिए,सुशासन के नाम पर वोट मांगने वाले भाजपा संगठन को भी ऐसे कार्यकर्ताओ का साथ नही देना चाहिए। इससे पूर्व भी मयंक दुबे का कोतवाली में पदस्थ एक एसआई से विवाद हो चुका था मामला चालानी कार्रवाई को लेकर ही था। कुल मिलाकर कोतवाली में एक घंटे तक युवा नेता गुंडागर्दी करते रहे और पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही। वही इस हंगामे के कारण यातायात सप्ताह की भी धज्जियां उड़ गई।