कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से लड़खड़ाने लगा है जिले का स्वास्थ्य, 2 नसबंदी शिविर कैंसिल- Shivpuri News

शिवपुरी।
शिवपुरी जिले में पिछले 5 दिनों से संविदा स्वास्थ्यकर्मी अपनी 2 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे है। इस कारण जिले की स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाने लगी हैं। जिले के 250 सीएचओ के हड़ताल पर जाने से लगभग 250 सीएचओ केन्द्रों पर ताल लटक चुके हैं। इस कारण शिवपुरी जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने लगा हैं। इस कारण झोला छाप डॉक्टरों की लॉटरी लग गई हैं।

इसके अलावा शासन की कई कांक्षी योजनाएं पूरी तरह से वेंटिलेटर पर चली गई है। जिला अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होना शुरू हो गई है। अगर इन कर्मचारियों की हड़ताल लंबे समय तक चलती है तो यह तय है कि जिले ही नहीं प्रदेश भर में स्वास्थ्य महकमे के कामकाज की हालत खराब हो जाएगी।

आशा भी जा सकती है अपनी मांगो को लेकर हड़ताल पर

सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने भी संकेत स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपना नैतिक समर्थन प्रदान किया। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह भी बहुत जल्द अपनी मांगों को लेकर काम बंद हड़ताल पर चली जाएंगी। इसके अलावा आने वाले दो दिनों स्वास्थ्य विभाग के नियमित कर्मचारी भी हड़ताल पर जाने वाले हैं ऐसे में गांव ही नहीं शहर में भी हालात खराब हो जाएंगे।

आठ ब्लॉक में जननी सुरक्षा योजना के भुगतान बंद

जिले में जननी सुरक्षा योजना का भुगतान करने वाले अकाउंटेंट एनएचएम के कर्मचारी है। उनके 15 दिसम्बर से हड़ताल पर जाने के बाद जिले भर में हर रोज होने वाले जननी सुरक्षा योजना के भुगतान पूरी तरह से बंद हो गए हैं। ऐसे में सीएम हेल्प लाइन पर होने वाली शिकायतों की संख्या बढ़ गई है। अधिकारी भुगतान संबंधी सीएम हेल्प लाइन हटाने के लिए दबाव बना रहे हैं क्योंकि इन शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

नरवर के बाद अब बैराड़ का नसबंदी कैंप होगा निरस्त

संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण दो दिन पूर्व नरवर लगा नसबंदी के कैंसिल हो चुका है। इसी क्रम में आज वैराड़ में आयोजित होने वाला नसबंदी शिविर कैंसिल करने के लिए बैराड़ के मेडिकल ऑफिसर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र दिया हैं। पत्र में आवेदन में मेडिकल आफिसर ने उल्लेख किया है कि 20 दिसम्बर मंगलवार को आयोजित होने वाला नसबंदी शिविर निरस्त किया जाए क्योंकि संविदा स्टाफ हड़ताल पर है। अस्पताल में पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने के कारण नसबंदी शिविर का आयोजन नहीं हो पाएगा।

टीकाकरण भी प्रभावित

नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जान से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। जिला अस्पताल में भी सिर्फ एक नर्सिंग स्टाफ द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है, जिससे टीकाकरण प्रभावित हुआ है।

SNCU, लेबर रूम, लेबोरेटरी ब्लड बैंक में डबल ड्यूटी

जिला अस्पताल के एसएनसीयू में छह नर्स संविदा कर्मचारी है। ऐसे में उनके हड़ताल पर जाने के कारण अब वहां तैनात नियमित नसों को उक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। इसके अलावा जिला अस्पताल के लेबर रूम सहित जच्चा.बच्चा की ऑनलाइन जानकारी भोपाल भेजने की प्रक्रिया प्रभावित हुई हैं। ब्लड बैंक के दो टेक्नीशियन हड़ताल पर हैं। ब्लड बैंक प्रभारी का कहना है कि उनके यहां कर्मचारियों को डबल ड्यूटी करनी पड़ रही है लेबोरेट्री में भले ही एनएचएम के संविदा कर्मचारी नहीं है लेकिन उनके यहां से कुछ स्टाफ सहित अन्य जगह भेजने के कारण लेबोरेटरी पर भी जांच कराने वालों को लंबी कतार लगने लगी है।