शिवपुरी नगर पालिका CMO का आदेश चर्चा में में, लोग बना रहे है मजाक-पहले स्वयं पर लागू करे- Shivpuri News

शिवपुरी।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी शैलेष अवस्थी एक साल से शिवपुरी में हैं और उनकी जन.जन में कुख्याति हो चुकी है कि वह दफ्तर में नहीं बैठते हैं और न ही किसी के फोन उठाते हैं। लेकिन अब सीएमओ अवस्थी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फरमान जारी कर उन्हें कार्यालय में बैठने की हिदायत दी है।

सीएमओ अवस्थी के कल जारी किए गए पत्र से चर्चा है कि क्या अब सीएमओ का एक नया अवतार देखने को मिलेगा। यदि ऐसा है तो यह कम से कम नगर पालिका और शिवपुरी के नागरिकों के लिए अच्छी खबर है,लेकिन यह आदेश जनता के बीच मजाक भी बन रहा हैं आमजन में चर्चा है कि सीएमओ साहब स्वंय तो आफिस से गायब रहते है पहले स्वयं इस आदेश पर अमल करे। उनको देखकर कर्मचारी स्वयं ही अनुसरण कर लेगें।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी शैलेष अवस्थी लगभग एक साल से शिवपुरी में हैं। जब उन्होंने चार्ज संभाला था तो नगर पालिका की कमान प्रशासक के हाथ में थी। नपाध्यक्ष उपाध्यक्ष और पार्षद न होने के कारण नपा प्रशासन पर किसी का नियंत्रण नहीं था। नगर पालिका एक तरह भगवान भरोसे चल रही थी। जनता शिकायत करती तो किससे।

सीएमओ अवस्थी कार्यालय में बैठते हैं या नहीं बैठते हैं इसकी फिक्र किसी ने नहीं की। क्योंकि सुनने वाला कौन था। फोन भी वह नहीं उठाते थे। परंतु तीन चार माह पहले परिषद का गठन हुआ। नपाध्यक्ष उपाध्यक्ष और पार्षदों का चुनाव हुआ। अब नजर रखी जाने लगी कि सीएमओ कार्यालय में आते हैं या नहीं आते। लेकिन उनका ढर्रा वहीं रहा।

जनता ने स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से शिकायत की तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि सीएमओ उनके भी फोन नहीं उठाते। अध्यक्ष गायत्री शर्मा के फोन भी सीएमओ ने नहीं उठाए। पार्षदों की भी उनसे नाराजी रही। जिसके फलस्वरूप नगर पालिका कार्यालय में अध्यक्ष और पार्षदों ने सीएमओ को तलब किया और उन्हें खरीखोटी सुनाई। कांग्रेस पार्षदों ने भी सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

जिसका परिणाम यह हुआ कि अब सीएमओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक आदेश जारी किया है जिसमें उन्होंने माना है कि कार्यालयीन समय में अधिकारी और कर्मचारी नगर पालिका में नहीं बैठते हैं और वह खाना.खाने चाय पीने के लिए नदारद हो जाते हैं। जिससे आम जनता परेशान होती है और उसे इधर.उधर भटकना पड़ता है।

सीएमओ ने अपने आदेश में लिखा है कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेशित किया जाता है कि वह कार्यालयीन समय में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी सीट पर उपस्थित मिले। यदि निरीक्षण में कोई भी कर्मचारी अपनी सीट से अनुपस्थित पाया गया तो उसका एक दिन का वेतन राजसात किया जाएगा। देखने वाली बात यह है कि यह आदेश सीएमओ शैलेष अवस्थी स्वयं पर लागू करते हैं अथवा नहीं।