मेंटल मैथ वर्ल्ड कप 2022 प्रतियोगिता में शिवपुरी के छात्रों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया- Shivpuri News

शिवपुरी। शहर के 3 विद्यार्थियों ने मेंटल मैथ वर्ल्ड कप 2022 में सबसे तेज गति से मेंटल मैथ के सवाल हल करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने अपने शहर का नाम रोशन किया। यह प्रतियोगिता ऑनलाइन आयोजित की गई थी जिसको 2 भागों में विभाजित किया गया था।

सेमीफाइनल और फाइनल राउंड इस प्रतियोगिता में 30 से भी ज्यादा देशों ने भाग लिया था। यह प्रतियोगिता मुंबई भारत द्धारा आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में भारत के साथ-साथ कतर, सऊदी, अरेबिया, थाईलैंड, यूएई, मलेशिया, रोमानिया, फिलिपिंस, बांग्लादेश, यूके, श्रीलंका, इजिप्ट साउथ, अफ्रीका, नाइजीरिया, पाकिस्तान, कंबोडिया, सिंगापुर, बुल्गारिया, वेतनाम इत्यादि देशों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में 7000 से भी ज्यादा बच्चों ने भाग लिया था जिसमें से बुद्धि बूस्टर अबेकस के 56 स्टूडेंट ने भाग लिया था।

यह प्रतियोगिता तीन कैटेगरी में विभाजित थी उम्र के अनुसार जिसमें चैलेंज कैटेगरी में मोक्ष आडवाणी ने 1000 में से 1000 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान कंट्री लेवल पर प्राप्त किया और 14 वां स्थान वर्ल्ड लेवल पर प्राप्त किया। मास्टर कैटेगरी में देवांश सिंह गुर्जर ने 998 अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान कंट्री लेवल पर और सातवां स्थान वर्ल्ड लेवल पर प्राप्त किया।

आयुष धाकड़ ने ग्रैंड मास्टर कैटेगरी में प्रथम स्थान 1000 में से 1000 अंक प्राप्त कर और सातवा स्थान वर्ल्ड लेवल पर प्राप्त किया। इसके साथ-साथ बुद्धि बूस्टर अबेकस इंस्टिट्यूट के 8 छात्रों ने भी टॉप हंड्रेड रैंकर कैटेगरी के अंदर आकर जिले का नाम रोशन किया जिसमें मिस्टी बंसल(19th रैंक) आराध्या सिंघल(58th रैंक )अनुज गोयल(33th रैंक )स्पर्श गुप्ता(34th रैंक )अल्मास खान(27th रैंक ) आन्या अग्रवाल (47th रैंक)यथार्थ अग्रवाल (20th रैंक )दृश्या जैन(31th रैंक) प्राप्त की।

बुद्धि भूषण अबेकस की संचालिका रोशनी गुप्ता ने बताया कि कि वह शिवपुरी के छात्रों को इस स्तर की प्रतियोगिता करने के लिए प्रोत्साहित और निर्देशित करती रहती है। इस प्रकार की प्रतियोगिता में जब पैसा लेते हैं तो ना केवल उनका कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ता है बल्कि सर्वाधिक तेज गति व श्रद्धा के साथ गणित के सवाल हल करने में भी उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता है और बच्चों के अंदर गणित को लेकर भी जो डर रहता है वह भी खत्म हो जाता है।