गाय के मुंह में फटा बारूद का गोला, जबड़े के चिथडे उडे: मौत- Shivpuri News

नरवर।
खबर जिले के नरवर थाने अंतर्गत आने वाली मगरौनी चौकी से आ रही हैं कि गाय के मुंह में बारूद का गोला फटने से उसका मुंह पूरी तरीके से जख्मी हो गया। जिसके बाद आज सुबह घायल गाय की मौत हो गई। बताया जा रहा हैं कि जंगल में शिकारी सूअर का शिकार करने के लिए आटे की गेंद बनाकर उसमें बारूद का गोला रख देते हैं जैसे ही जानवर खाता हैं और उस पर दबाव बनाता है वह गोला फट जाता हैं और शिकारी को आसानी से शिकार मिल जाता हैं।

गाय ने खाया बारूद का गोला, मुँह में फटा

मगरौनी के वार्ड क्रमांक 1 निजामपुर के रहने वाले सुम्मेरा जाटव ने बताया वह बीती रोज अपनी गाय को चरने के मगरौनी के बाहर छोड़ आए थे। जब शाम को गाय घर लौटी तो उसका मुंह के चिथड़े उड़े थे। इसके बाद गाय के आज सुबह मौत हो गई। सुम्मेरा जाटव ने बताया कि काफी समय से क्षेत्र में शिकारियों का आतंक है। वह सूअरों को निशाना बनाने के लिए इस प्रकार के जाल फैलाते रहते हैं शिकारियों के इस जाल में आकर उसके गाय की मौत हो गई।

शिकारी बिछाते हैं बारूद का जाल

मगरौनी नगर के बाहर जंगल के पहाड़ी क्षेत्र में शिकारियों के हौसले बुलंद हैं। शिकारी पहाड़ी पर जानवरों का शिकार करने के लिए बारूदी गोले बिछा देते हैं। जिन्हें खाने के बाद यह बारूदी गोला जानवरों के मुंह में फट जाता है। जिससे जानवर बुरी तरीके से जख्मी हो जाता है और शिकारी अपने मंसूबों में कामयाब हो जाता है।

ग्रामीणों की मानें तो मगरौनी क्षेत्र के जंगलों में शिकारियों द्वारा अधिकतम सूअरों को पकड़ने के लिए आटा जैसे खाद्य पदार्थों के बीच में बारूद भरकर उनके गोले बनाकर जंगल में डाल दिए जाते हैं। जब भी कोई जानवर इन गोलों को खाने की सामग्री समझ कर खाता है तो गोला जानवर के मुंह में ही फट जाता है। जिससे वह बुरी तरीके से जख्मी हो जाता है। जिसके बाद शिकारी उक्त मवेशी के मांस व खाल का विक्रय कर पैसा कमाते हैं।