Shivpuri News- मणिखेड़ा अभी प्यासा है- सिंध के बहाव ने तोड़ा दम, बिजली उत्पादन भी हुआ कम

शिवपुरी। शिवपुरी जिले में स्थित मडीखेडा डैम अभी भी साढे 5 मीटर प्यासा है। मडीखेडा डेम के कैचमेंट एरिया में बारिश न होने के कारण नदी में बहाव नहीं है,इस कारण पिछले 7 दिन से डेम का वाटर लेवल 340.75 बना हुआ है अगर ऐसे ही हालत बने रहे तो अगामी फसल के लिए सिंचाई का संकट बन सकता हैं। इस सीजन में अभी एक बार 2 ही गेट बांध के खोले है।

बीते साल उफान पर आ गया था डेम

पिछले साल अतिवृष्टि के कारण दो दिन में ही पूरा बांध भर गया था और एक साथ दस गेट खोलने पड़े। 10800 क्यूमेक्स इस साल बारिश के सीजन में सिर्फ 26 जुलाई को मात्र एक दिन के लिए दो गेट खोलकर 200 क्यूमेक्स पानी सिर्फ दो घंटे तक छोड़ा और फिर गेट बंद कर दिए। फिर दूसरी बार फिर कभी गेट नहीं खुल पाए हैं।

मड़ीखेड़ा अटल सागर बांध का 5 अगस्त की शाम तक कुल जल स्तर 340.75 मीटर था। जबकि 5 जुलाई 2021 को बांध के दस गेट से सुबह से 1 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा था और दोपहर 2 बजे से 607 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया।

उस वक्त बांध का जल स्तर 343.65 मीटर पर आ गया था। बता दें कि 3 अगस्त 2021 को बांध का एकाएक जल स्तर 346.15 मीटर पहुंचने से दस हजार आठ सौ क्यूमेक्स पानी मजबूरीवश छोड़ना पड़ा था। बांध के टूटने की आशंका होने लगी थी।

बांध को पूरा भरा जा रहा

जल संसाधन विभाग द्वारा मड़ीखेड़ा बांध को अब पूरा भरा जाना है। अगस्त आखिरी के बाद बारिश कम होने लगती है। बांध को 346.25 मीटर क्षमता तक पूरा भरा जाएगा। इस बीच यदि बांध जल्द भर जाता है और स्तर 345 मीटर के आसपास पहुंचता है तो गेट खोले जा सकते हैं। रवि सीजन में सिंचाई के लिए बांध को भरना है। सिंचाई के लिए छोड़े जाने वाले पानी से पहले बिजली बनेगी।

बांध को पूरा भरना है, इसलिए बिजली उत्पादन घटाया

बांध अभी खाली है और ऊपरी हिस्से में अपेक्षाकृत बारिश भी नहीं हो रही है। सीजन में एक दिन सिर्फ दो घंटे के लिए 200 क्यूमेक्स पानी छोड़ा था। अब बांध को पूरा भरना है, इसलिए बिजली उत्पादन 72 घंटे से घटाकर 12 घंटे कर दिया है। अच्छी बारिश होने पर बांध यदि जल्दी भरता है तो ही गेट खोले जा सकते हैं। .
मनोहर बोराटे, कार्यपालन यंत्री, 
मड़ीखेड़ा पक्का बांध जल संसाधन विभाग शिवपुरी