26 साल बाद पिता की हत्या का बदला लेने विरोधी के बेटे की सिर कुचलकर की थी हत्या- Shivpuri News

करैरा। करैरा थाना पुलिस ने करैरा के दाबर अली गांव में चुनाव हारने वाली महिला सरपंच प्रत्याशी के पति की हत्या की विवेचना में खास पहलू सामने आया है। परिजनों ने गांव के जिन दस लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, उनमें एक भी हत्या में शामिल नहीं निकला। दरअसल सात लोगों ने मिलकर सुरेंद्र सिंह वैस की सिर कुचलकर हत्या की थी।

हत्यारोपी दो भाईयों ने 26 साल बाद सुरेंद्र की हत्या करके अपने पिता की हत्या का बदला लिया है। पुलिस ने दोनों भाईयों सहित एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक सुरेंद्र सिंह उम्र 40 साल पुत्र स्व. लक्ष्मण सिंह वैस निवासी दाबर अली 10-11 जुलाई की रात करैरा स्थित अपने बच्चों के पास आ रहा था।

रास्ते में किसी ने रोक लिया और पत्थरों से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर गांव के ही 10 लोगों के खिलाफ जमीनी रंजिश के चलते हत्या का केस दर्ज कर लिया। लेकिन विवेचना प्रारंभ की तो दसों में से एक भी आरोपी नहीं निकला। बारीकी से छानबीन की तो पता चला कि रिंकू तोमर ने अपने भाई छोटू तोमर निवासी दाबर अली हाल निवास ग्वालियर, साथी लक्ष्मीनारायण कुशवाह निवासी दाबर अली और चार अन्य दोस्तों के संग मिलकर हत्या कर ली थी।

हत्या में लक्ष्मीनारायण ने उस रात रैकी की थी। पुलिस ने दोनों भाई रिंकू व छोटू और साथी लक्ष्मीनारायण को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी रिंकू ने बताया कि साल 1995 में सुरेंद्र के पिता ने हमारे पिता की हत्या कर दी थी।

14 बीघा जमीन कब्जा ली थी, लोग उलाहने देते थे

रिंकू तोमर और छोटू तोमर के पिता रामप्रकाश तोमर ने 14 बीघा जमीन खरीदी थी। लेकिन मृतक सुरेंद्र के पिता लक्ष्मण सिंह वैस ने रामप्रकाश की हत्या कर जमीन पर कब्जा कर लिया था। उस समय रिंकू व छोटू काफी छोटे थे। उम्र बढ़ने के साथ ही गांव में कुछ लोग उन्हें उलाहने मारकर उकसाते रहते थे।

यह भी बताया जा रहा है कि मृतक से दोनों भाईयों की रंजिश भी बनी हुई थी। मौका पाकर दोनों ने अपने साथियों के संग मिलकर सुरेंद्र की हत्या कर दी। वर्तमान में सुरेंद्र के पिता लक्ष्मण सिंह जीवित हैं। साक्ष्यों के अभाव में कम सजा हुई थी।