व्यापारियों और मंडी प्रबंधन का अघोषित समझौता: गिरा दिए मंडी में चने के भाव, किसान नाराज- Shivpuri News

शिवपुरी। किसानों के शोषण के लिए बदनाम शिवपुरी की कृषि उपज मंडी(पिपरसमा) से फिर किसानों के शोषण करने की खबर आ रही हैं कि शुक्रवार को चुनिंदा‎ व्यापारियों की मिलीभगत से चने‎ के भाव एकदम से 400 रु.‎ क्विंटल तक कम कर दिए। इसे‎ लेकर किसान नाराज हो गए और‎ डाक के दौरान दो बार मंडी बंद‎ हुई।

शिवपुरी से 24 किमी दूर‎ कोलारस मंडी में किसानों को चने‎ का भाव हर दिन की तरह औसत‎ भाव 4500 प्रति क्विंटल मिला‎ और अधिकतम 5150 रुपए तक‎ में बिका। लेकिन शिवपुरी मंडी में‎ चने का शुक्रवार को अचानक‎ 4100 रु. तक कर दिया। इस‎ कारण किसान मायूस हो गए और ‎ विरोध भी किया। लेकिन मंडी में‎ सुनने वाला कोई नहीं था। किसान‎ गाली गलौज तक पर उतर आए।‎ मंडी में एसडीएम भार साधक‎ अधिकारी होते हुए भी किसानों को‎ नुकसान उठाना पड़ रहा है।‎

अगर ऐसे ही हालत रहे और किसानो को उनकी उपज का उचित भाव नही मिला तो किसानों को जिले की अन्य दूसरी ‎मंडियों की ओर रुख‎ करना पड़ेगा। बता दें कि चार साल‎ में शिवपुरी मंडी में चार सचिव‎ बदले जा चुके हैं। मंडी टैक्स चोरी‎ व तमाम खामियां अभी भी पहले‎ जैसी हैं।‎

मंडी में किसान परेशान तो वही खुले में खरीदी हो रही हैं

पोहरी रोड पर फड़ संचालक‎ दुकानें खोलकर किसानों की‎ उपज का मोल भाव करके सीधे‎ खरीद रहे हैं। मंडी से बाहर‎ खरीदी होने से भाव भी नहीं‎ मिलते। साथ ही मंडी टैक्स चोरी‎ भी हो रही है। मंडी सचिव मामले‎ से अवगत हैं, फिर भी अनदेखी‎ की जा रही है। पोहरी रोड पर‎ फाटक पार हर दिन ट्रॉलियों से‎ गेहूं, चना व सरसों की खरीद‎ चल रही है। सिंह निवास गांव व‎ आगे तक दुकानों पर खरीद‎ फरोख्त चल रही है।‎

किसानों को कम भाव लग‎ रहा है तो वह दूसरी मंडियों‎ में भी जा सकते हैं‎ किसानों को कम भाव लग‎ रहा है तो वह दूसरी मंडियों में‎ भी जा सकते हैं। किसी तरह की‎ यदि परेशानी है तो शिकायत‎ करें, हम कार्रवाई करेंगे। मंडी‎ टैक्स चोरी कहां हो रही है,‎ इसको दिखवाएंगे।‎
गणेश जायसवाल,एसडीएम एवं‎ भार साधक अधिकारी मंडी शिवपुरी‎