Shivpuri News- कैमरे की मदद से रोके जाएंगे सडक हादसे, बनाए जाऐंगें यातायात मित्र:पढिए जिले के ब्लैक स्पॉट

शिवपुरी। जिले की सीमा से नेशनल हाईवे निकला हैं और यह जिले में लगभग 100 किमी से अधिक का सफर तय करता हैं। इस हाईवे पर लगातार हो रहे एक्सीडेंट रोकने में प्रशासन असफल हो रहा हैं। इसी के चलते सोमवार को कलेक्टर सभागार में आयोजित हुई सड़क सुरक्षा की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि जहां तक संभव हो ब्लैक स्पॉट पर और तिराहे व चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाए। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी का मुख्य कारण हादसों के कारणों का पता लगाना है।

उल्लेखनीय है कि शिवपुरी में नेशनल हाईवे पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट मौत का सबब बने हुए हैं, यहां होने वाले हादसों में हर साल दर्जनों लोग अकाल ही काल के गाल में समा जाते हैं। इसी के चलते सोमवार को सड़क सुरक्षा की बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने ब्लैक स्पॉट कम करने के लिए ज्यादा से ज्यदा प्रयास करने पर जोर दिया, ताकि हादसों को और उन हादसों में होने वाली मौतों को रोका जा सके।

बैठक में निर्णय लिया गया कि ब्लैक स्पॉट को कम करने के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट के आसपास साइन बोर्ड लगाए जाएं, मार्किंग की जाए ताकि वाहन चालक पहले से ही सचेत हो जाएं और अपने वाहन की गति को कम कर लें, इससे होगा यह है कि हादसों की संख्या में कमी आएगी।

हादसों की संख्या घटने से मौतें स्वतः ही कम हो जाएंगी। इसके अलावा ब्लैक स्पॉट के अलावा हाईवे पर बने चौराहों, तिराहों पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि जब इन जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे तो घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आने पर उन स्थितियों का खुलासा हो सकेगा जिनके कारण यह सड़क हादसे घटित हो रहे हैं। प्रशासन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन हालातों में भी सुधार करेगा, ताकि हादसे रूक सकें।

कैमरों के लिए होटल, ढाबे वालों को बनाया जाएगा यातायात मित्र

नेशनल हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए और कैमरों से नेशनल हाईवे की निगरानी रखने के लिए हाईवे के किनारे स्थित होटल और ढाबे वालों को यातायात मित्र बनाया जाएगा। इन लोगों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाएगा कि वह अपने होटल-ढाबों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। इन कैमरों से भी यह पता लगाया जा सकेगा कि हादसे का कारण क्या रहा? इसके अलावा जिन होटल-ढाबों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, उन्हें इस बात के लिए प्रेरित करेंगे कि वह एक-एक कैमरा हाईवे की तरफ भी लगवाएं।

अपराधियों पर भी कसेगा शिकंजा

अगर होटल और ढाबे वाले पुलिस मित्र बनकर अपने होटलों और ढाबों से तीसरी आंख की निगरानी शुरू कर देते हैं तो न सिर्फ सड़क हादसों के कारणों को जानकर उनमें कमी लाई जा सकेगी, बल्कि अपराध और अपराधियों पर भी लगाम कसी जा सकेगी। अगर हाईवे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में आ जाएगा तो अपराध करने के बाद हाईवे से भागने वाले अपराधियों को ट्रेस करना आसान हो जाएगा। इसके अलावा जिले भर में होने वाली वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देकर भागने वाले बदमाशों को भी कैमरे में कैद किया जा सकेगा।

जान बचाने वालों का किया जाएगा सम्मान

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि जो भी व्यक्ति हाईवे पर घटित होने वाले हादसों में घायलों की मदद करता है। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाता है। ऐसे लोगों का पुलिस व प्रशासन द्वारा सार्वजनिक रूप से सम्मान भी किया जाएगा। इस सम्मान का लाभ यह होगा कि लोगों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का अहसास होना शुरू हो जाएगा और वह पुलिस के पचड़े में पड़ने वाली भावना से ऊपर उठकर लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका का निर्वहन कर सकेंगे।

चलाए जाएंगे जागरूकता कार्यक्रम

सड़क हादसों में लोगों की मदद करने के लिए लोगों को प्रेरित व जागरूक करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी, संबंधित थाना पुलिस के अलावा स्कूल-कॉलेज विभाग के शिक्षक, प्रोफेसर भी लोगों में जागरूकता अभियान चलाएंगे। वह लोगों को बताएंगे कि अगर वह किसी सड़क हादसे में या फिर आपराधिक मामले में पुलिस अथवा प्रशासन की मदद करते हैं तो वह किसी भी तरह के कानूनी पचड़े में नहीं पड़ेंगे। इसके अलावा यह लोग ग्रामीणों को यह भी समझाएंगे कि यह उनकी सामाजिक ड्यूटी भी है कि वह पुलिस व प्रशासन की मदद करें।

यह है जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट

पिपरसमा चौराहा,खूबत घाटी,ईश्वरी रेलवे पुल,पड़ोरा चौराहा,देहरदा चौराहा,करई डांड़ा,अमोला घाटी,सिरसौद चौराहा,मुंगावली तिराहा,अशोक होटल,आवास मोड़,और सिकंदरा बैरियर पर सर्वाधिक हादसे होते हैं।