934 ईस्वी में हुआ था बांकड़े मंदिर का निर्माण, कड़े पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्तों का कुंभ - Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के सबसे अधिक प्रसिद्ध मंदिर श्री बांकड़े हनुमान मंदिर पर आस्था का सैलाब उमडा हैं। पिछले 2 साल से हनुमान जयंती कोरोना में लॉक हो रही थी,लेकिन अब कोरोना लॉक और पाबंदिया अनलॉक हैं इस कारण इस बार हनुमान जयंती शिवपुरी जिले में पूरे धूमधाम से मनाई जा रही है।

शहर से लगभग 10 किमी दूर नेशनल पार्क की सीमा में स्थित प्राचीन बांकडे हनुमान मंदिर पर भक्तों का कुंभ लग रहा हैं जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के लोग शामिल हो रहे हैं। यहां आने वाले भक्तों को कोई परेशानी न हो इस कारण यातायात ने विशेष कार्य योजना बना ली थी। भारी वाहनों का प्रवेश झांसी रोड पर बंद हैं,टेंपो और ऑटो झांसी रोड पर गेट तक ही सीमित कर दिए गए हैं।

मंदिर के आसपास पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है और आने जाने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। जिससे वहां भीड़ भी नहीं हो रही है। बांकडे हनुमान मंदिर पर आज सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। मेले में झूलों के साथ-साथ दुकानें भी सजाई गई हैं। जिन पर मेले में आने वाले भक्त खरीददारी करने पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रांगण में धार्मिक आयोजनों का भी सिलसिला सुबह से ही जारी है। आज सुबह सबसे पहले सुबह मंगल आरती की गई,56 भोग लगाए गए,प्रभु का आज विशेष श्रृंगार किया। दिन भर आज धार्मिक आयोजन संपन्न होगें।

यह है बांकड़े सरकार का इतिहास

यहां के पुजारी परिवार के गौरव दुबे बताते हैं कि यह ग्वालियर-चंबल अंचल का सबसे पुराना हनुमान मंदिर है। गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित कल्याण नामक पुस्तक के अनुसार इस मंदिर का निर्माण लगभग 934 ईस्वी में हुआ था। पुस्तक में इसे ग्वालियर-चंबल का सबसे पुराना मंदिर बताया गया है। स्टेट काल में सिंधिया घराने के राजा-महाराजा भी यहां पूजा-अर्चना करने और सवामणी का भोग लगाने के लिए आया करते थे।