हनुमान जयंती विशेष: न्याय मंदिर भी कहा जाता हैं इस हनुमान मंदिर को, विवादों का होता निपटारा - karera News

करैरा। शिवपुरी बाबा भानगिरी की तपोभूमि कहे जाने वाले करैरा के बाबा का बगीचा हनुमान जी के मंदिर में लोगों की आस्था होने के साथ साथ आपसी विवाद को समाधान करने के लिए जाना जाता हैं। करैरा के स्थानीय लोग विवाद होने पर पुलिस थाने और कोर्ट में जाने से पहले बाबा का बगीचा मंदिर में पहुंचते है,और अपने विवादो को सुलझाते हैं।

मान्यता है कि बातचीत के माध्यम से न्याय हैं कि बातचीत के माध्यम से न्याय भी मिल जाता हैं। स्थानीय लोगों का मानना हैं कि बाबा का बगीचा मंदिर में कोई भी व्यक्ति झूठ नही बोलता और न ही झूठी कसम खाता हैं। करैरा में बाबा का बगीचा मंदिर पूजा पाठ के साथ न्याय का केंद्र हैं। जहां लोगों के आपसी विवाद बातचीत में ही सुलझ जाते हैं स्थानीय लोग अपने हर छोटे-बड़े विवादो को लेकर आते हैं और आपस में बातचीत करके अपने लडाई झगडों को निपटाते हैं। करैरा निवासी वेद प्रकाश दुबे एंव बृजेश श्रीवास्तव एडवोकेट का कहना है कि मंदिर में आपसी विवादो का न्याय भी होता हैं।

पुलिस व कोर्ट जाने से पहले लोग अपना आपसी विवाद उपस्थित लोगों की सहमति से भी सुलझा लेते हैं। किसी भी लालच या कारण वश झूठ बोलने वाले व्यक्ति को इसका प्रतिफल भोगना ही पड़ता हैं। यह मंदिर शिवपुरी जिला मुख्यालय से 56 किमी दूर करैरा के वार्ड 4 में स्थित हैं,जो करीब छह सौ साल से ज्यादा पुराना हैं।

600 साल पुराना हैं बाबा का बाग मंदिर

यहां बता दे कि यह प्रख्यात मंदिर करीब 600 साल पुराना हैं। हालांकि शुरुआत में एक छोटी सी मढिया थी ,जिसके बाद मे बाबा भागगिरी ने 200 साल पूर्व बडा व भव्य मंदिर का निर्माण कराया। यहां पर दर्शन करने के लिए करैरा ही नहीं बल्कि दूर दूर से लोग आते हैं। खास बात यह हैं कि करैरा और आसपास के लोगों में कोई झगड़ा या विवाद हो जाता हैं तो बगीचा वाले की कसम खाते हैं,यहां पर लोग झूठी कसम नहीं खाते।