शिवपुरी। दूध डेयरी संचालकों ने दूध के दाम न बढ़ाए जाने पर बुधवार को सैकड़ों दूधिए एक बार फिर चिंताहरण मंदिर पर एकत्रित हुए। उन्होंने आपसी सहमती से हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी।
दूधिए चिंताहरण मंदिर से रैली की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए पुराना बस स्टैंड, माधव चौक चौराहा, कोर्ट रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर अंकुर गुप्ता को ज्ञापन सौंपने के साथ ही हड़ताल की घोषणा कर दी। आज से शहर में दूधियों द्वारा दूध की सप्लाई नहीं की जाएगी।
ज्ञापन में ये किया उल्लेख
हमारी आजीविका सिर्फ दूध बेचने से ही चलती है। हम सब अपने-अपने गांव से किराया खर्च कर दूध लेकर शिवपुरी आते हैं। उसे खेरिज में बेचते हैं। हम सब लोग पिछले तीन साल से 38 रुपए किलो के भाव से दूध विक्रय कर रहे हैं। लेकिन बढ़ती हुई महंगाई के कारण इस कीमत पर अब दूध दे पाना संभव नहीं है। इसलिए हम दूध की कीमत 45 रुपए लीटर करना चाहते हैं।
दूधियों के अनुसार, दूध डेयरी संचालकों द्वारा इस पर असहमती व्यक्त की जा रही है। दूधियों ने ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर को बताया है कि वर्तमान में भूसा 1600 रुपए क्विंटल, पीना 40 से 45 रुपए किलो, बाजरा 22 रुपए किलो, सरसों का तेल 175 रुपए लीटर आ रहा है। ऐसे में 38 रुपए के भाव में दूध बेचना संभव नहीं है। दूध की कीमत 45 रुपए लीटर कराए जाने के संबंध में कार्रवाई की जाए।