शिवपुरी। 8 मार्च को महिला दिवस था लेकिन 8 मार्च 2022 का दिन महिलाओं के सम्मान समारोह के साथ साथ एसडीएम कार्यालय में एक समाजसेवी की मारपीट के लिए भी याद किया जाएगा वह भी एक लोक सेवक के द्वरा,क्यों गुस्सा आया एसडीएम को,क्या था मामला यह सवाल सबके मन में जागरूकता पर मारपीट,जनता को कैसे अधिकार,लोक सेवक का सीधा फैसला मारपीट कुछ ऐसे सवाल शिवपुरी की फिजा में तैर रहे हैं आइए इन सवालो का एक्सरे करते है।
कहते है वहां का नागरिक जागरूक हैं और अपने अधिकारों की बात करता हैं वह देश विकसित कहलाता हैं आपने कई कार्यक्रम विभिन्न विषयो पर आमजन को जागरूकता करने के लिए देखे होंगे,उनके प्रचार प्रसार के लिए करोड़ों रुपए भी खर्च होते है विषय होता हैं जागरूकता। 8 मार्च को महिलाओं का सम्मान करना महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के कई भाषण विभिन्न मंचों से सुनाई दिए।
वही एक एसडीएम आफिस में एक जागरूकता पर मारपीट की गई वह भी जनता के सेवक के द्वारा,कोतवाली में सुनवाई नही हुई सोशल पर लाइव आकर घटनाक्रम को बयान करना पडा। उसके बाद एक आवेदन कूटने वाले के खिलाफ भी कोतवाली में पहुंचा दिया गया जागरूकता को कमजोर करने। यह कैसा लोकतंत्र हैं।
मामला था प्लाट को रिहायशी घोषित करना
पहले आप समझे क्या मामला था कम शब्दों में लिखने का प्रयास करते है। मंत्र जैन का एक 30 बाई 50 का एक प्लॉट रूधावली में हैं,जिसे कागजों में रिहायशी दर्ज कर दिया गया। जब इस मंत्र जैन ने इसका सौदा कर दिया तो ज्ञात हुआ कि यह प्लाट रिहायशी घोषित हैं। आप आपके मन में सवाल पैदा होता है कि यह रिहायशी क्या होता है इसका सीधा सा अर्थ है प्लाट पर मकान का निर्माण हो चुका हैं।
लेकिन ऐसा हुआ नही था। गलती से यह प्लाट रिहायशी दर्ज हो गया था। जब उसका सौदा किया गया और रिहायशी होने के कारण खाली प्लाट की तुलना में तीन गुना रजिस्ट्री खर्च आ रहा था इस कारण इस प्लाट से रिहायशी कटवाने के लिए दिसंबर 2021 में मंत्र जैन ने आवेदन दिया था। मंत्र जैन ने बताया कि पटवारी ने मौका मुआना कर एसडीएम आफिस से चली इस फाइल पर लिख दिया था कि प्लाट पर कोई मकान निर्मित नही है।
लगातार काट रहे थे चक्कर
मंत्र जैन ने बताया कि दिसंबर से आज तक एसडीएम ऑफिस के चक्कर काटे जा रहे थे लेकिन सुनवाई नही हो रही थी। कल जब में एसडीएम महोदय के पास पहंंचा और कहा कि साहब पटवारी ने मौका मुआना कर लिया हैं इस प्लॉट का निराकरण कर दो,तो महोदय ने कहा कि तुमने पटवारी से सांठगांठ कर ली हैं और यह आवेदन निरस्त होगा और मेरे पर चिल्लाने लगें में डरकर बहार भाग आया और मेरे साढू अभिनंदन जैन को पूरे मामले से अवगत कराया।
अभिनंदन जैन ने कहा था कि सुनवाई करनी होगी
अभिनंदन जैन एसडीएम कार्यालय पहुुंचे और ऑफिस मे गए इस प्लाट के मामले में बात करनी चाही तो महोदय ने कहा कि कोई सुनवाई नही होगा ओर यह आवेदन निरस्त होगा। अभिनंदन जैन ने कहा कि सुनवाई तो करनी होगी इस पर एसडीएम गणेश जायसवाल ने कहा कि जोर की आवाज मे मेरे से बात करते हो सीधे गाल पर तमाचा मारा कान में जाकर लगा अभिनंदन सुन्न हो गया।
ऑफिस के कर्मचारी बुलाए गए: मारा पीटा धमकाया गया,बंधक बनाया गया
मंत्र जैन का कहना है कि महोदय ने अपने कर्मचारी आफिस में बुलाए गए अभिनंदन के साथ मारपीट की गई। मै बहार चिल्ला करा था कि कोइ तो बचाओ बडी ही मुश्लिक से अंदर पहुंचा तो उसकी मारपीट की जा रही थी। मोबाइल छिनार गए और आधे घंटे तक वही बिठाए रखा।
आवेदन के लिए घायल को FB पर लाइव होना पड़ा
जागरूकता की मारपीट के बाद घायल अभिनंदन जैन जब कोतवाली एसडीएम सहित 5 कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट का आवेदन कोतवाली में देने गए तो वहां से भगा दिया गया,इस करण अभिनंदन को एफबी पर लाइव होना पड़ा जब जाकर आवेदन लिया गया मेडिकल कराया। अभिनंदन पर प्रेशन बनाने के लिए एसडीएम ऑफिस के चपरासी के द्वारा एक आवेदन कोतवाली में पहुंचा दिया गया।
लाइव से पूर्व आवेदन क्यों नही आया: कैमरे चैक होकर सार्वजनिक हो
अभिनंदन जैन ने एसडीएम सहित कर्मचारियों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं,लेकिन सवाल यह की जब तक जैन ने पुलिस को आवेदन नही दिया था उससे पहले एसडीएम आफिस से आवेदन क्यों नही आया। अभिनंदन जैन जब एसडीएम चैंबर में गए थे जब कैसे थे कितनी देर रुके,इसी बीच कितने कर्मचारी या अन्य ऑफिस में गए यह सब कैमरे में रिकॉर्ड हुआ होगा। कलेक्टर महोदय को इसकी जांच करानी चाहिए और स्वच्छ लोकतंत्र के लिए यह रिकॉर्डिंग सार्वजनिक होनी चाहिए।