लोक अदालत: अपने बेटे को पत्नि के हाथो में देख पिघल गया पिता का दिल, बेटे को चूमता रहा: कहा साथ रहेगें- Shivpuri News

शिवपुरी। नेशनल लोक अदालत में एक दृश्य को देखकर सभी हैरान रह गए। इस दृश्य में पति और पत्नि के विवाहिक जीवन का मिलन हो गया और वहां उपस्थित सभी लोग इस दृश्य को महससूस कर रहे थे वह तो हैरान भी हुए और बिना किसी बातचीत और शर्तो के साथ अपनी पत्नि से तलाक लेने पहुंचा एक पति अपनी पत्नि के साथ रहने के राजी हो गया।

लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय की फैमिली कोर्ट में दोपहर 12 बजे के करीब एक दंपत्ति पहुंचा। जिसमें पत्नी की गोदी में बेटा था। लॉकडाउन से कुछ समय पहले 11 नवंबर 2019 को परिवर्तित नाम अमन और सलमा का निकाह हुआ। 28 नवंबर 2020 को घर में बेटे का जन्म हुआ।

महीना भर साथ रह पाए कि मजदूर पति- पत्नी के बीच आपसी तकरार इतनी बढ़ गई कि दोनों में विवाद हुआ और नौबत तलाक तक जा पहुंची। एक माह के बेटे को लेकर पत्नी मायके आ गई और पति अपने घर रह गया। तत्समय न्यायालय से समझाइश मिली और सुलह के प्रयास तेज हुए। परिवार के सदस्यों ने भी सहयोग किया।

नतीजा यह निकला कि फैमिली कोर्ट में जैसे ही यह दंपत्ति पहुंचा, वैसे ही पिता ने पत्नी से बेटे को हाथ में लेते हुए चूमना शुरू दिया, और पिता बोला कि हम साथ-साथ रहेंगे। न्यायाधीश भी यह देखकर दंग रह गए और उन्होंने दोनों दंपतियों को माला पहनाकर उन्हें हमेशा साथ रहने की नसीहत दी।

18 साल साथ रहे, लेकिन शराब की लत से पति-पत्नी में तलाक की नौबत आई

अब हुआ समझौता अब से 18 साल पहले परिवर्तित नाम राजकुमारी का विवाह परिवर्तित नाम मुकेश से हुआ था। दोनों दंपत्ति के तीन बच्चे हैं, लेकिन शराब पीकर आने को लेकर पत्नी की नाराजगी रहती थी। उसने शराबी पति से कहा कि वह शराब छोड़े और ताने भी ना मारा करें।

इसी बात को लेकर दोनों पति-पत्नी में विवाद होता गया और नौबत तलाक तक जा पहुंची। न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश के समक्ष दोनों दंपतियों ने एडवोकेट कुमार सनी जैन की समझाइश पर पुराने गिले-शिकवे छोड़ते हुए अब साथ रहने की शपथ लेकर एक दूसरे के गले में माला पहनाई। कुल मिलाकर लोक अदालत के दौरान 52 दंपत्तियों के प्रकरणों का समझौता कराया गया।