रेडलाइट ऐरिया: नाबालिको की देह का शोषण,महाराष्ट्र से सीधा है संबंध इस मोहल्ले का,यही से डाउनलोड न हो जाए कोरोना - Shivpuri City News

Ex-Rey @lalit mudgal शिवपुरी।
देश मे तीसरी लहर की आहट आ चुकी हैं देश में कोरोना का नया वेरिएंट ने दस्तक दे दी हैं। एक माह पूर्व ही जिले से कोरोना की पबंदिया हटा दी गई थी,लेकिन अब तीसरी लहर की आहट में बीते रोज जिला दंडाधिकारी ने नाईट कफ्रर्य की पांबदी लगा दी। कुल मिलाकर तीसरी लहर की आहट से पंबादिया बढ सकती हैं। कोरोना से निबटने के लिए एक्शन प्लान बनाना शुरू कर दिया हैं लेकिन शिवपुरी के रेडलाइट ऐरिए में अभी तक प्रशासन का कोई ध्यान नही हैं कि यहां कोरोना की पांबदी में भी देह के धंधे पर पाबंदी नहीं हैं वही चौंकाने वाली खबर यह हैं कि यह नाबालिग लड़कियों का शारीरिक शोषण किया जा रहा है यह नाबालिग बेडिया जाति की नही बल्कि खरीद कर लाई गई हैं। सीधा है महाराष्ट्र का इस मोहल्ले का संबंध और यह संबंध शिवुपरी जिले को भारी पड़ सकता हैं आइए इस संबंध का एक्सरे करते हैं।  

100 साल से भी अधिक हैं इस बाजार का इतिहास

एक जमाने में पुरानी शिवपुरी के रेड लाइट एरिया जिसे बजरिया मोहल्ला कहा जाता है में मुजरों की रौनक और बहार रहती थी, लेकिन अब यहां मुजरों के स्थान पर खुलेआम देह व्यापार होता है और इस अवैध कारोबार में सैंकड़ों युवतियां संलग्न है।

अनेक बार सामाजिक और प्रशासनिक मुहिम चलाकर इन युवतियों को देह व्यापार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लाने की पहल की गई, लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला,पुलिस के भी यहां रिजल्ट शून्य रहते हैं।

नाबालिग लड़की बेडिया जाति की नही: खरीद कर लाया गया है

देह व्यापार के लिए सामाजिक मान्यता प्राप्त बेडिया जाति की युवतियां अपनी मर्जी से धंधे को चुनती हैं, लेकिन इस मंडी से यह खबर आ रही है कि कुछ नाबालिग ऐसी लडकियों से यहां धंधा कराया जा रहा है जो अपनी मर्जी से इस पेशे में नही आई हैं। जानकारी मिल रही है कि इस बजरिया मोहल्ले के 4 घरो में नाबालिग लड़कियों को छुपाकर रखा गया है और इनसे प्रतिदिन इनसे धंधा कराया जा रहा हैं।

यह भी बताया जा रहा है कि इस मोहल्ले के कुछ दलाल सक्रिय हैं जो इन लडकियो की बाजार में मार्केटिंग कर रहे हैं और इनका ग्राहक सामान्य पहुंचने वाला ग्राहक नहीं होता हैं बल्कि पूर्व से निर्धारित ग्राहक होता हैं। जब पूरी सेटिंग हो जाती हैं जब ग्राहक को इस लड़कियों के पास लाया जाता है। अगर कानून की बात करे तो लडकिया नाबालिग हैं और इसे धंधे की श्रेणी में नहीं बलात्कार की श्रेणी में आता हैं।

कोरोना के क्राईसिस बैठक में भी नहीं उठा मामला

कोरोना काल आपने सुना होगा की क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक होती हैं, लेकिन किसी भी बैठक में शिवपुरी के रेड लाइट एरिया का मुद्दा उठा हो। शिवपुरी में प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक और यात्री दूसरे राज्यों से आते हैं। यह सर्वविदित है कि शिवुपरी से अधिक शिवपुरी जिले के बाहर का व्यक्ति इस मोहल्ले में आता हैं अगर वह संक्रमित है तो इस बाजार को भी संक्रमित कर सकता हैं।

प्रशासन पर नहीं है कोई रिकॉर्ड

वैसे तो यह धंधा इस देश में गैर कानूनी हैं देश में कोई भी रजिस्टर्ड सैक्स वर्कर नही हैं,लेकिन घोषित नहीं अघोषित रूप से यह मोहल्ला देह व्यापार के लिए प्रसिद्ध हैं उजागर नहीं तो चोरी छुपे यहां देह व्यापार संचालित होता हैं। प्रशासन इतना तो कर सकता हैं कि इस मोहल्ले में रहने वाले प्रत्येक महिला पुरुष के यहां कोरोना से लडने वाले दोनों टीके लगे हैं इसका हिसाब तो रख ही सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।

महाराष्ट्र से सीधा संबंध है इस मोहल्ले का,ग्राहक और सामान भी

कोरोना का नया वर्जन ओमिक्रॉन बाहर से ही शिवपुरी में आऐगा। देश में भी विदेश से आया हैं महाराष्ट्र में सबसे अधिक इस वेरिएंट के मरीज मिले हैं। शिवपुरी की बेडिया समाज की कई युवतियां महाराष्ट्र में निवास होकर धंधा करती हैं आती जाती रहती हैं। वहां यहां आकर भी देह व्यापार करती हैं, प्रशासन का इस ओर कोई नजर नही है कि यहां से कोरोना आयतित हो सकता है।