सिद्धि विनायक भ्रूण हत्या काण्ड: फिर जिन्न बोतल से बहार, कुछ लोग दोनों ओर से फिल्डिंग कर रहे हैं - Shivpuri News

Bhopal Samachar
ललित मुदगल@ एक्सरे,शिवपुरी। शिवपुरी सिद्धि विनायक भ्रूण हत्या काण्ड फिर आज प्रिंट मीडिया की सुर्खियो में हैं। आज ग्वालियर और भोपाल से प्रकाशित होने वाले ऐसे समाचार पत्र जिनमें शिवपुरी की खबरे प्रकाशित होती हैं उन सभी समाचार पत्रो में सिद्धि विनाायक भ्रूण हत्या मामले की खबर का प्रकाशन हुआ हैंं। खबर का प्रकाशन इस कारण हुआ हैं कि आज शाम 5 बजे कोतवाली में 7 लोगो को इस मामले में पूछताछ करने और अपने बयान दर्ज कराने बुलाया था।

पहले आप कम शब्दो में मामले का रिवीजन करे

सिद्धी विनायक अस्पतात का भ्रूण हत्या का एक स्टिंग किया गया। इसके बाद इस स्टिंग की ताकत पर अस्पताल प्रबंधन को ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। डील न होने के कारण वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद प्रशासन ने सिद्धी विनायक अस्पताल में ताले जड दिए थे। अस्पताल प्रबधंन ने एक आवेदन पुलिस को दिया कि हमको ब्लैकमेल करने का प्रयास किय जा रहा है।

प्रशासन ने दोनो ओर कार्रवाई की,भ्रूण हत्या का स्टिंग वीडियो सामने आने के बाद

प्रशासन ने सिद्धी विनायक अस्पताल में ताले जड़ दिए थे और आरएमओ तथा एक नर्स के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था। हालांकि बाद में सिद्धी विनायक अस्पताल प्रशासन के आदेश से खोल दिया गया। इस मामले में अभी तक 7 लोगो पर मामला दर्ज कर लिया गया हैं और इनमे से कुछ लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई प्रशासन कर चुका है। अभी इस भ्रूण हत्या मामले में अस्पताल की नर्स और आरएमओ फरार है और इन दोनो पर 2-2 हजार का ईनाम भी घोषित हो चुका है।

पत्रकार ध्रुव शर्मा की गिरफ्तारी, पुलिस रिमांड में उगले 7 नाम

अब अंत में पत्रकार ध्रुव शर्मा की की इस काण्ड की ब्लैकमैलिंग में गिरफ्तारी हुई न्यायालय से रिमांड पर लिया गया और ध्रुव ने कुछ नाम लिए हैं। पुलिस ने इन सभी लोगो को नोटिस जारी कोतवाली आज शाम चार बजे बुलाया हैं।

यह नाम लिए हैं पत्रकार ध्रुव शर्मा ने

ध्रुव शर्मा ने जिन लोगों ने नाम लिए हैं उनको कोतवाली पुलिस ने नोटिस दिए हैं इनके नाम है। रिटायर्ड डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार, डॉ. सुनील तोमर, डॉ. नीरजा शर्मा, डॉ. सुरेश कुमार पिप्पल, हेमंत व्यास, प्रदीत तोमर और स्कूल संचालक और पत्रकार अजयराज सक्सैना।

एसडीओपी का कहना हैं कि
हालांकि एसडीओपी अजय भार्गव ने बताया कि आरोपित जो भी कथन देता है, उस पर पूरी तरह से विश्वास नहीं किया जा सकता। लेकिन गिरफ्तार आरोपी ध्रुव शर्मा ने जो कथन दिए हैं और उसमें जो नाम आए हैं उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। उनका पक्ष जानने के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट होगी कि उनकी इस मामले में संलिप्तता है अथवा नहीं।

कुछ लोग दोनो ओर से बैटिंग कर रहे है

पुलिस ने जो नाम लिए हैं उसमे आप सोच रहे होंगें की डॉ.नीरजा शर्मा कैसे ब्लैकमैलिग कर सकती हैं,लेकिन हम बता दे डॉ.नीरजा शर्मा ने ब्लैकमैलिंग नही की है बल्कि ब्लैकमैलिंग का शिकार हुई हैं और यह हवा जब से मार्केट में उड रही हैं जब से यह भ्रूण हत्या का यह मामला उजागर हुआ हैं। बताया जा रहा था कि अस्तपाल के किसी मामले को लेकर डॉ.नीरजा शर्मा को ब्लैकमैलिंग किया हैं। आज तक डॉ.नीरजा शर्मा ने इस मामले को लेकर अधिकृत बयान नही दिया हैं,लेकिन की इस बात कोई सच्चाई है कि नही....?

अब बात करते हैं रिटायर डीएसपी सुरेश सिकरवार की। इस मामले में रिटायर डीएसपी का नाम कैसे आ रहा हैं यह समझ से परे। ना ही वे डॉक्टर है और न ही पत्रकार,अभी तक यह समझा जा रहा है कि वह डॉ.सुनील तोमर के साथ है उनकी कोई रिश्तेदारी है वह जमीनो के कारोबार में साथ हैं,लेकिन इस तथ्य को भी नही छुपाया जा सकता है कि वह ध्रुव शर्मा के भी संपर्क में थे और ध्रुव शर्मा और रिटायर डीएसपी सिकरवार के गार्ड हेंमत व्यास के साथ एक बातचीत का आडियो वायरल हुआ था। इस कारण ही डीएसपी और हेंमत व्यास का नाम इस मामले में आया हैं।

अब बात करते हैं पत्रकार अजयराज सक्सैना की। अजयराज सक्सैना ने सिर्फ इस भ्रूण हत्या काण्ड में अपने प्लेटफॉर्म पर सिर्फ सिद्धीविनायक अस्पताल के पक्ष में खबरो का प्रकाशन किया है। बताया जाता है कि अजयराज सक्सैना और डॉ.सुनील तोमर के दोस्ताना सबंध हैं। अगर इस नजरिए से देखा जाए तो अजयराज की नीयत पर सवाल उठाना गलत हैं लेकिन ध्रुव शर्मा ने अजयराज का नाम क्यो लिया हैं यह समझ से परे है।

अजयराज सक्सैना के खिलाफ देहात थाने में एक आवेदन एक कोचिंग संचालक ने दिया था विषय था ब्लैकमैलिंग,वही कुछ दिन पूर्व ही लुकवासा चौकी में भी अजय राज के खिलाफ एक आवेदन दिया गया हैं। अब इस भ्रूण हत्या काण्ड में ध्रुव शर्मा के साथ अजयराज सक्सैना के साथ क्या कनेक्शन हैं क्यो नाम आया हैं यह तो ध्रुव शर्मा जाने या अजयराज कुल मिलाकर इस काण्ड में कौन कौन किधर से फिल्डिंग कर रहा था यह समझ से परे हैं......

वही इस काण्ड में डॉ. सुरेश कुमार पिप्पल का नाम आ रहा है। यह भी रहस्य बना हुआ है कि डॉ पिप्पल ने इस मामले में क्या किया हैं,वही प्रदीप को भी कोतवाली पुलिस ने नोटिस दिया हैं प्रदीप भी मेडिकल के व्यवसाय से जुडे हैं। वही डॉ.सुनील तोमर को शायद इस कारण कोतवाली पुलिस ने इस लिए नोटिस दिया है कि वह बताए कि उनसे किसने कैसे पैसें मांगे

अब अंत में हमारे राम का कहना है कि यह नोटिस वीडियो वायरल होने के घटनाक्रमो को लेकर नही आए हैं बल्कि वायरल होने से पूर्व के घटनाक्रमो को लेकर है। यह वीडियो 20 अगस्त के लगभग बना हैं और वायरल हुआ हैं 4 सितबंर को। इन चौदह दिनो में इस वीडियो के साथ कौन कौन खेला हैं उसके साथ क्या क्या किया हैं। इन सब बातो को लेकर ही पुलिस ने इन लोगो को पूछताछ के लिए बुलाया हैं बाकी यह बात अटल सत्य है कि कुछ लोग इस काण्ड में दोनो और से खेल रहे हैं।

वही अंत में आज अपने बयान दर्ज कराने के लिए कोतवाली में डॉ.नीरजा शर्मा,डॉ. सुरेश कुमार पिप्पल ओर प्रदीप ही पहुंचे,पुलिस ने इन तीनो के बयान दर्ज कर लिए हैं। अब हो सकता है कि पुलिस त्यौहार के बाद अन्य बचे इन लोगो के बयान ले।