कहर बनकर टूट रहा हैं बच्चो पर मौसम: अस्तपाल में क्षमता से 3 गुना बच्चे भर्ती, 1 पलंग पर 3 - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले में इन दिनों मासूमों पर मौसम का कहर टूट रहा है। कोई बच्चा उल्टी, दस्त से पीड़ित है, तो किसी पर बुखार का कहर जारी है। अस्पताल में बच्चे पिछले पांच-पांच दिनों से भर्ती हैं, लेकिन उन्हें आराम नहीं मिल रहा है। बच्चों में बीमारी किस हद तक फैली हुई है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चिल्ड्रन वार्ड के एक-एक पलंग पर तीन-तीन मरीज भर्ती हैं।

25 पलंग 75 मरीज
चिल्ड्रन वार्ड के दो कमरों में 25 पलंग हैं, यानि कि यहां एक बार में 25 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। लेकिन इन पलंगों पर रविवार को 75 मरीज भर्ती थे। कुछ बच्चों को बेंच पर भी भर्ती किया गया है।

आईसीयू में भी तीन गुना मरीज

बच्चों में बीमारी कितनी गंभीर बनी हुई है, इस बात की गवाही अस्पताल में बच्चों का आईसीयू खुद दे रहा है। यहां सिर्फ बेहद गंभीर बच्चों को ही भर्ती किया जाता है। इसलिए आईसीयू में सिर्फ 10 पलंग हैं, लेकिन रविवार को आईसीयू में भर्ती बच्चों की संख्या 30 बताई गई थी।

ज्यादातर बच्चे जलजनित बीमारी से ग्रस्त

अगर चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती बच्चों की बीमारियों की बात की जाए तो 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे दूषित पानी के कारण होने वाली बीमारियों से ग्रसित हैं। तो कुछ दूषित भोजन के कारण अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इसके आलावा कुछ बच्चे मौसमी बीमारियों के कारण अस्पताल आए हुए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में हालात गंभीर
अगर बीमार होने वाले बच्चों के आंकड़े पर नजर दौड़ाएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज्यादा गंभीर है। वहां बच्चों की तबीयत भी तेजी से बिगड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पताल से मरीजों को शिवपुरी रेफर किया जा रहा है।

एक्सपर्ट व्यू
बाल रोग विशेषज्ञ, डॉ अनूप गर्ग का कहना है कि इन दिनों बच्चों को मौसमी बीमारियों ने घेर रखा है। सभी क्षेत्रों से आ रहे मरीजों के कारण ओवर फ्लो के हालात बने हुए हैं। इन परिस्थितियों में माता-पिता इस बात का ध्यान रखें कि बच्चा बाहर का खाना-पीना कम ही खाए। घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। बीमार बच्चे को रेस्ट कराएं और अगर बुखार आ रहा है तो बहुत ज्यादा इंतजार न करें बल्कि डॉक्टर से इलाज कराएं। जहां तक हो सके पानी गर्म करके पीएं।