103 करोड का महाघोटाला:जांच समिति ने खोजे गायब हुए 80 करोड रूपए, अभी भी 23 करोड लापता ,शिवपुरी ब्राच के 3 कर्मचारी सस्पैंड

शिवपुरी। जिला सहकारी बैंक में हुए 103 करोड के महाघोटाले का अब पटाक्षेप होने की कगार पर है। सहकारता आयुक्त भोपाल के आदेश पर बनी जांच समिति ने बैंक से गायब हुए 103 करोड रूपए में से लगभग 80 करोड रूपए खोज लिए हैं,लेकिन अभी बाकी बचे 23 करोड रूपयो को कोई हिसाब किताब नही मिल रहा हैं। इस मामले में अब कई लोगो पर मामले दर्ज होने की संभावना हैं,फिलहाल फिर इस घोटाले में मैन ब्रांच शिवपुरी के 3 कर्मचारियो को सस्पैंड कर दिया गया हैं।

जांच दल ने अपनी जांच में पाया कि सीसीबी शाखा कोलारस के कैशियर (भृत्य) राकेश पाराशर ने तत्कालीन ब्रांच मैनेजरों के संग मिलकर साल 2013 से लेकर जुलाई 2021 तक करीब 80 करोड़ 50 लाख रुपए का गबन किया हैं। इससे पूर्व जब जांच दल ने जांच की शुरूवात की थी जब कोलारस शाखा के कैशियर राकेश पाराशर पर 5 करोड रूपए गायब करने का आरोप था। राकेश पाराशर पर कोलारस थाने में एफआईआर हो चुकी हैं ओर अब पूरा का पूरा पाराशर परिवार कोलारस से गायब हैं। प्रशासन ने राकेश पाराशर की सपत्ति पर अधिग्रहण और कुर्की के वोट चस्पा कर दिए हैं।

103 करोड के इस महाघोटाले की 1 महिने में जांच हुई हैं। जांच समिति ने अपनी जांच सौंप दी हैं और इस जांच में सिद्ध हुआ हैं कि कोलारस शाखा में इस घोटाले को 80 प्रतिशत अंजाम दिया गया हैं। साल 2013 से जुलाई 2021 तक गबन हुआ हैं। और कोलारस शाखा के कैशियर राकेश पाराशर ने 80 करोड रूपए का गबन किया हैं। 2013 से 2021 तक इस शाखा में 3 बैंक मैनेजर पदस्थ रहे हैं।

जांच रिर्पोट आने के बाद सीसीबी शिवुपरी की महाप्रबंधक लता कृष्णन ने जिला स्तर पर पांच लोगो को जिम्मेदार माना हैं। गबन के समय ध्यान नही देन पर मैन ब्रांच के लेखा शाखा प्राभारी रामप्रकाश त्यागी,सहायक लेखापाल हरिवंश शरण श्रीवास्तव और सीबीएस प्रभारी प्रभात भार्गव को निलबिंत कर दिया हैं। कोलारस शाखा में 2013 से 2016 तक बैक मैनेजर की पोस्ट पर रहे श्रीकृष्ण शर्मा का निधन हो चुका हैं,साल 2016 से 2019 तक पदस्थ रहे ब्रांच मैनेजर राकेश कुलश्रेष्ठ रिटायर हो चुके हैं।

बताया जा रहा है कि कोलारस शाखा में साल 2013 से जुलाई 2021 तक पदस्थ रहे जितने भी बैंककर्मी इस घोटाले में जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ फिर नए सिरे से एफआईआर होने की संभावना हैं। बैंक अपना पैसा वसूलने के लिए जिम्मेदारो की चल अचल संमत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाऐगी,जिससे नुकसान की भरपाई कुछ हद तक हो सके।