पचावली पुल अपडेट: अभी तक प्रभु आदिवासी का नहीं चला पता, ग्वालियर की टीम भी फैल,​ स्थानीय गोताखोरों को उतरने नहीं दे रहे - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले के कोलारस अनुविभाग के पचावली अनंतपुर के यहां सिंध नदी पर बना पुल सिंध की बाढ झेलने के बाद अब कल रात्रि में अचानक टूट गया। गनीमत रही कि प्रशासन ने इस मार्ग पर शाम से ही लोगों की आबाजाही रोक दी थी। जिसके चलते बढा हादसा होने से टल गया। हांलाकि इस हादसे में तीन लोग पुल की चपेट में आ गए थे। जिसमें से दो लोाग पुल टूटने के बाद तैरकर आ गए। परंतु प्रभु आदिवासी का कोई पता नहीं चल सका है।

विदित हो कि स्टेट काल में लगभग 100 साल पहले बना यह पुल बीती रात्रि बीच में से टूट गया। जिसकी चपेट में आए प्रभु आदिवासी,बुद्धा नामदेव निवासी अनंतपुर और प्रताप आदिवासी निवासी पतरिया नदी में पुल के साथ गिर गए। गनीमत रही कि बुद्धा नामदेव और प्रताप दोनों तैरकर सकुशल आ गए। परंतु प्रभु आदिवासी का कोई पता नहीं चल सका है।

इस मामले की सूचना पर कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी,कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह,एसपी राजेश सिंह चंदेल सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। जहां रात्रि में सर्च लाईट के जरिए जिले की एसडीआरएफ ने रेश्क्यू किया। परंतु यह रेश्क्यू पूरी तरह से फैल रहा और सुबह पुन रेश्क्यू किया। परंतु संसाधनोें की कमी के चलते यह रेश्क्यू भी फैल हो गया।

उसके बाद जिला प्रशासन ने ग्वालियर की एसडीआरएफ की टीम को बुलाया। परंतु वह भी वहां कुछ विशेष नहीं कर पाई। जिसके चलते अब मौके पर प्रशासनिक अमला कलेक्टर और एसपी का इंतजार कर रहा है। प्रभु आदिवासी के परिजन स्थानीय गोताखोरों को पानी में उतरने की कह रहे है।

परंतु वहां पदस्थ अधिकारी पुल का मलवा होने के चलते स्थानीय लोगों को किसी और हादसे की आशंका के चलते पानी में उतरने नहीं दे रहा है। अब प्रशासन यहां कलेक्टर और एसपी के मौके पर पहुंचने का इंतजार कर रहे है। जिससे कलेक्टर की अनुमति के बाद स्थानीय गौताखोरों को इसमें उतारा जा सके।