शिवपुरी में सट्टे की सबसे बड़ी मंडी का नाम सेसई सड़क, ऑनलाइन बुकिंग और हवाला से पेमेंट - kolaras News

शिवपुरी। शिवपुरी जिले कोलारस अनुविभाग के अंतर्गत आने वाला कस्बा सेसई सडक में सट्टा कारोबार अपने चरम पर हैं। वैसे तो हर व्यापार का हैडक्वार्टर शिवपुरी मुख्यालय होता हैं ऐसे ही शिवपुरी के सट्टा कारोबार का मुख्यालय भी शिवपुरी हैं, लेकिन सेसई सडक इस कारोबार में बडा रेवन्यू जनरेट कर कर रह हैं सीधे सरल शब्दो में लिखे तो शहर से निकलकर अब इस बुराई ने गांवो में जाकर अपनी जडे जमा ली है।

जानकारी के अनुसार कोलारस अनुविभाग का सेसई सडक कस्बे में इन दिनो सट्टा करोबार अपने चरम पर है। बढती टैक्नीलॉजी और इंटरनेट के माध्यम से सभी कारोबार संचालित हो रहे हैं। इस सट्टे कारोबार में भी टैक्नोलॉजी का प्रयोग हो रहा हैं। बताया जा रहा है कि सेसई सडक में सोशल के जरिए सटटे की लाईन ली जा रही है।

जानकारी मिल रही है कि सेसई सडक में 1 माह में लगभग 1 करोड का करोबार इस समाजिक बुराई सट्टे का हैं। इस कारोबार में सेसई में रहने वाले गोविंदा, जनकपूरी, ब्रजजोशी, ओर दिमान नाम के लोग संचालित कर रहे हैं। सूत्रो का कहना है कि स्थानीय लोग इसकी शिकायत भी कर चुके हैं लेनिक यह कारोबार बंद नही हो रहा है।

सेसई में एक के नब्बे के कारोबार सटटे के कारण लोग लालच में अपनी जेब की कमाई लुटा रहे हैं। ऑनलाइन होने वाले इस सट्टे का लेनदेन ऑफलाईन ही किया जा रहा हैं। नाम न छापने के शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया की इनके व्हाटसऐप के नंबर सेसई के नाम आसपास के गांवो तक में फैले हुए हैं,इस कारण सेसइ के आसपास के गांव भी इस बुराई से जकड गए है।

कहते हैं जोडिया बनना उपर वाले का खेल हैं,लेकिन 90 के चक्कर के खेल में जोडिया बनाना मुबंई वाले का खेल है,अगर जोडी बनती हैं तो लोग दारू के ठेको की ओर दौडते हैं,अगर जोडी नही बनती है तो घर के बर्तन तक बिकवा देती हैं। ग्रामीणा क्षेत्रो में मजदूर स्तर का आदमी अपनी किस्मत चमकाने के फेर में सट्टे की ओर अधिक आकृषित हैं। उसके लिए जोडी बनना और टूटना दोनो ही घातक हैं।

अब सवाल उठता है कि पुलिस को इस मामले की जानकारी नही हैं क्या.... अगर नही है तो कोलारस पुलिस की पुलिसिंग पर सवाल उठते हैं। अगर ऐसा नही है पुलिस को जानकारी हैं तो इस इन कारोबारियो पर कार्यवाही क्यो नही होती यह भी एक सवाल हैं....क्या गठवंधन हैं पुलिस और इन करोबारियो के बीच...