शिवपुरी। शिवपुरी जिले में 2200 के आसपास आंगनबाडी केंद्र हैं और 8 एनआरसी सेंटर है बावजूद इसके जिला कुपोषण की गिरफत में हैं। ऐसे में कुपोषण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों पर ही प्रश्नचिन्ह लग रहा है। जिले के आदिवासी बाहुल्य गांवों में कुपोषण के हालात खतरनाक हैं।
आंगनबाड़ी का पोषण आहार कहां जाता है
कुपोषण को मिटाने के लिए जिले भर की आंगनबाडी केंद्रों पर पोषण आहार बांटा जाता है। जिससे कि बच्चों में कूुपोषण न हो लेकिन यह पोषण आहार हर माह आ तो रहा है लेकिन बंट कहां रहा है इसका जबाव अधिकारियों के पास भी नहीं हैं।
8 NRC सेंटर क्यों है खाली
जिले में कुपोषण को मिटाने के लिए हर ब्लॉक पर एनआरसी सेंटर खोले गए हैं लेकिन यह एनआरसी केंद्र हमेशा खाली ही पडे रहते हैं या फिर इनमें इक्का दुक्का बच्चे ही कुपोषण वाले मिलते हैं। ऐसे में कई बार जिले में अभियान चलाया गया लेकिन बावजूद इसके जिला कुपोषण से मुक्त नहीं हो सका।
कलेक्टर की कुपोषण से मुक्ति की पहल क्या रंग लाएगी
एक बार फिर कलेक्टर अक्षय कुमार ने कुपोषण को जड से मिटाने के लिए कमर कसी है और उन्होंने विभाग के अधिकारियों को कुपोषण से मुक्त करने की कमान भी सौंप दी है। ऐसे में देखना होगा कि इस बार के इस अभियान से जिले में कुपोषण के ग्राफ में क्या कमी आती है या फिर हालात जस के तस बने रहेंगे।

